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Sambhal News: सूजी में मिले कीड़े, डिब्बों में रखे खाद्य मसाले भी मिले अशुद्ध
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बहजोई। सूजी में कीड़े मिले और डिब्बों में रखे खाद्य मसाले भी अशुद्ध मिले। यहां तक कि खाद्य पदार्थ ब्रांडेड नहीं थे। मौका था विकासखंड पंवासा के गांव सिंहावली में संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में सीडीओ की ओर किए गए निरीक्षण का।
बीते दिनों सीडीओ भरत कुमार मिश्र ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि भोजन बनाने के लिए डिब्बों में रखा मिर्च व हल्दी 25 से 50 ग्राम थी। वह भी शुद्ध नहीं थी। भोजन सामग्री तितर-बितर पड़ी थी। सूजी पुरानी थी। इसमें सुड़ी मिलीं। भोजन बनाने वाले पदार्थ ब्रांडेड नहीं थे। गुणवत्ता भी अच्छी नहीं थी। अरहर की दाल खराब थी। ऑयल भी ठीक नहीं था। डिब्बे में सरसों का तेल नहीं था।
भोजन बनाने में सरसों के तेल का प्रयोग नहीं हो रहा था। इससे साफ है कि विद्यालय की भोजन प्रबंध व्यवस्था बहुत खराब है। छात्रावास में गंदगी थी। शौचालय में भी साफ-सफाई नहीं थी। इससे छात्रावास में बहुत दुर्गंध आ रही थी। साबुन व हैंडवॉश भी नहीं था। किताबें आदि के रख-रखाव की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। छात्रावास के कमरों में उचित संख्या में पंखे नहीं थे। नालियों में भी गंदगी थी।
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सीडीओ ने बताया कि प्रधानाचार्य से भोजन बनाने के लिए सभी सामग्री अच्छी गुणवत्ता की व ब्रांडेड होनी चाहिए। इसके अलावा भोजन समेत पेयजल की व्यवस्था तथा किताबों आदि का रख-रखाव भी दुरस्त रहे। इसके अलावा विद्यालय परिसर समेत छात्रावास व शौचालय में साफ-सफाई रहे।
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बीते दिनों सीडीओ भरत कुमार मिश्र ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि भोजन बनाने के लिए डिब्बों में रखा मिर्च व हल्दी 25 से 50 ग्राम थी। वह भी शुद्ध नहीं थी। भोजन सामग्री तितर-बितर पड़ी थी। सूजी पुरानी थी। इसमें सुड़ी मिलीं। भोजन बनाने वाले पदार्थ ब्रांडेड नहीं थे। गुणवत्ता भी अच्छी नहीं थी। अरहर की दाल खराब थी। ऑयल भी ठीक नहीं था। डिब्बे में सरसों का तेल नहीं था।
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भोजन बनाने में सरसों के तेल का प्रयोग नहीं हो रहा था। इससे साफ है कि विद्यालय की भोजन प्रबंध व्यवस्था बहुत खराब है। छात्रावास में गंदगी थी। शौचालय में भी साफ-सफाई नहीं थी। इससे छात्रावास में बहुत दुर्गंध आ रही थी। साबुन व हैंडवॉश भी नहीं था। किताबें आदि के रख-रखाव की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। छात्रावास के कमरों में उचित संख्या में पंखे नहीं थे। नालियों में भी गंदगी थी।
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सीडीओ ने बताया कि प्रधानाचार्य से भोजन बनाने के लिए सभी सामग्री अच्छी गुणवत्ता की व ब्रांडेड होनी चाहिए। इसके अलावा भोजन समेत पेयजल की व्यवस्था तथा किताबों आदि का रख-रखाव भी दुरस्त रहे। इसके अलावा विद्यालय परिसर समेत छात्रावास व शौचालय में साफ-सफाई रहे।