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ग्राम प्रधान के ससुर की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:30 AM IST
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धनारी के जड़वार में वृद्ध की मौत पर रोतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास नहीं मिलने पर धनारी थाने के जड़वार गांव में दो पक्षों में रंजिश हो गई। रंजिश के चलते गुरुवार की रात गांव के ही कुछ लोगों ने घर में घुसकर पहले ग्राम प्रधान के पति पर गोली चलाई, लेकिन उसके बचकर भागने के बाद प्रधान के अस्सी वर्षीय ससुर की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना में मृतक के सगे चचेरे भाइयों और भतीजे समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जड़वार गांव निवासी मेवाराम के सगे छोटे भाई मलखान सिंह यादव के बेटों में पहले तो बड़ा सद्भाव था लेकिन पिछले प्रधानी के चुनाव के बाद दोनों में रंजिश शुरू हो गई। मेवाराम के पुत्र रामस्वरूप यादव (80) की पुत्र वधू वीरवती पत्नी जसवीर सिंह ग्राम प्रधान बन गई। गुरुवार की शाम खाना खाने के बाद पूरा परिवार सो गया।
रामस्वरूप यादव के पास ही उनकी पत्नी जमुना देवी, पुत्र जसवीर सिंह और लालू सो रहा था। ग्राम प्रधान वीरवती अलग कक्ष में सो रही थी। प्रधानपति जसवीर ने बताया कि रात्रि दो बजे घर में कुछ आहट सुनाई दी। उठकर देखा तो उसके दरवाजे पर श्रीपाल, विजय, नत्थू सिंह पुुत्र मलखान सिंह व राजेश पुत्र श्रीपाल खड़े थे। उसने दरवाजे पर खड़े लोगों को टोका तो राजेश सिंह ने उस पर फायर कर दिया, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकला।
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आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने जसवीर सिंह के पिता रामस्वरूप को सोते समय ही गोली मार दी। गोली पेट में लगने के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शोर शराबा हुआ तो सभी आरोपी भाग निकले। सूचना मिलने पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जसवीर सिंह ने पुलिस को भी बताया कि आरोपी आवास देने की मांग कर रहे थे, आवास आवंटन न होने पर रंजिश मानने लगे। इसी रजिंश के चलते चारों ने मिल कर पिता की हत्या कर दी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि जब पुलिस आरोपी के घर पहुंची तो नत्थू घर में सोता हुआ मिला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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जड़वार गांव निवासी मेवाराम के सगे छोटे भाई मलखान सिंह यादव के बेटों में पहले तो बड़ा सद्भाव था लेकिन पिछले प्रधानी के चुनाव के बाद दोनों में रंजिश शुरू हो गई। मेवाराम के पुत्र रामस्वरूप यादव (80) की पुत्र वधू वीरवती पत्नी जसवीर सिंह ग्राम प्रधान बन गई। गुरुवार की शाम खाना खाने के बाद पूरा परिवार सो गया।
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रामस्वरूप यादव के पास ही उनकी पत्नी जमुना देवी, पुत्र जसवीर सिंह और लालू सो रहा था। ग्राम प्रधान वीरवती अलग कक्ष में सो रही थी। प्रधानपति जसवीर ने बताया कि रात्रि दो बजे घर में कुछ आहट सुनाई दी। उठकर देखा तो उसके दरवाजे पर श्रीपाल, विजय, नत्थू सिंह पुुत्र मलखान सिंह व राजेश पुत्र श्रीपाल खड़े थे। उसने दरवाजे पर खड़े लोगों को टोका तो राजेश सिंह ने उस पर फायर कर दिया, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकला।
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आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने जसवीर सिंह के पिता रामस्वरूप को सोते समय ही गोली मार दी। गोली पेट में लगने के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शोर शराबा हुआ तो सभी आरोपी भाग निकले। सूचना मिलने पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जसवीर सिंह ने पुलिस को भी बताया कि आरोपी आवास देने की मांग कर रहे थे, आवास आवंटन न होने पर रंजिश मानने लगे। इसी रजिंश के चलते चारों ने मिल कर पिता की हत्या कर दी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि जब पुलिस आरोपी के घर पहुंची तो नत्थू घर में सोता हुआ मिला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।