फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Government Polytechnic became dilapidated even before construction in incomplete budget

अधूरे बजट में निर्माण से पूर्व ही जर्जर हो गया राजकीय पॉलीटेक्निक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
Government Polytechnic became dilapidated even before construction in incomplete budget
ओबरी (चंदौसी)। जिले के असमोली विकास खंड के असगरीपुर गांव में बजट के अभाव में राजकीय राजकीय पॉलीटेक्निक भवन के निर्माण का कार्य दस वर्ष साल में भी पूरा नहीं हुआ। जिससे भवन निर्माण से पहले ही जर्जर हो चुका है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते स्थानीय छात्रों को तकनीकि शिक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब एक साल पहले भी तत्कालीन डीएम ने दोबारा स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
विज्ञापन

जनपद के असमोली क्षेत्र के गांव असगरीपुर में वर्ष 2011 में बसपा सरकार में राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। इसका निर्माण करीब 12.3 करोड़ रुपये से होना था। कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य वर्ष 2014 तक पूरा करना था। शासन ने कार्यदायी संस्था के लिए करीब आठ करोड़ रुपये का बजट जारी कर निर्माण के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया। इसके बाद सरकार ने इसकी अनदेखी कर दी थी और शेष बजट जारी नहीं किया। शासन से मिले बजट में कार्यदायी संस्था ने भवन का निर्माण कर दिया था, उसमें प्लास्टर, दरवाजे लगाने का कार्य शेष रह गया था। बजट की बाट देखते हुए वर्तमान में यह भवन निर्माण से पूर्व ही जर्जर हो चुका है।
विज्ञापन

नवंबर 2020 में डीएम ने दोबारा स्टीमेट बनवाकर भेजा था शासन को
गत वर्ष राजकीय पॉलीटेक्निक के भवन का अधूरा निर्माण रहने की जानकारी मिलने पर तत्कालीन डीएम ने दोबारा से इसका स्टीमेट बनवाया था। संशोधित स्टीमेट को शासन को भिजवाकर उसके निर्माण की मांग की थी। पर अभी तक इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है और न ही शासन से बजट जारी हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तकनीकि शिक्षा से वंचित स्थानीय छात्र
सरकार और जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के युवा आर्थिक स्थिति के कारण रोजगार परक शिक्षा से वंचित हैं। यदि सरकार बजट की शेष धनराशि समय से जारी कर देती तो राजकीय पॉलीटेक्निक के भवन का निर्माण पूरा हो गया होता और पढ़ाई भी शुरू हो जाती। भविष्य संवारने की चिंता में डूबे युवाओं ने शासन और प्रशासन से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराकर राजकीय पॉलीटेक्निक में कक्षाएं संचालित कराने की मांग की है।

राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के भवन निर्माण के लिए शासन को भेजी फाइल को निकलवाकर रिमाइंडर शासन को भेजा जाएगा। कॉलेज के निर्माण का जल्द प्रयास किया जाएगा। ताकि स्थानीय छात्रों को इसका लाभ मिल सके।
संजीव रंजन, डीएम, संभल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed