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रतनपुर में बुखार से बालिका की मौत, 50 से ज्यादा पीड़ित
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कुढ़फतेहगढ़(चंदौसी)। क्षेत्र के गांव रतनपुर को बुखार ने अपनी जद में ले लिया है। बुखार से पीड़ित 11 वर्षीय बालिका की मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं 100 से अधिक लोग गांव में बुखार से पीड़ित हैं। बालिका की मौत से गांव में दहशत का माहौल है। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग अभी तक बुखार के इस प्रकोप से अनजान बना हुआ है। बुखार पीड़ित लोेग गांव में व आसपास के निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं।
बुधवार की रात गांव रतनपुर निवासी टीटू की बेटी रोशनी (11) की मेरठ में उपचार के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई। बालिका के पिता टीटू ने बताया कि रोशनी को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। दो दिन तक गांव में ही उपचार कराया। बुखार कम हो जाने पर रोशनी अपनी मां के साथ रैडोली थाना फैजगंज बेहटा, बदायूं चली गई। वहां दोबारा से बुखार बढ़ने पर रोशनी को चंदौसी के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। दो दिन तक चंदौसी में उपचार के बाद हालत में सुधार न होने पर चिकित्सक ने मुरादाबाद रेफर कर दिया।
मुरादाबाद में हालत बिगड़ने पर मेरठ रेफर कर दिया गया। जहां अस्पताल में बुधवार की रात उपचार के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और रात्रि में ही परिजन बालिका के शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव बुखार की जद में, निजी चिकित्सकों के भरोसे मरीज
कुढ़फतेहगढ़। क्षेत्र के गांव रतनपुर की आबादी करीब तीन हजार है। गांव में सफाई व्यवस्था भी ठीक है, इसके बावजूद बुखार फैला है। गांव में करीब पांच-छह निजी चिकित्सक हैं। इन चिकित्सकों के पास बुखार रोगियों की लाइन लगी है। वर्तमान में 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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बुधवार की रात गांव रतनपुर निवासी टीटू की बेटी रोशनी (11) की मेरठ में उपचार के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई। बालिका के पिता टीटू ने बताया कि रोशनी को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। दो दिन तक गांव में ही उपचार कराया। बुखार कम हो जाने पर रोशनी अपनी मां के साथ रैडोली थाना फैजगंज बेहटा, बदायूं चली गई। वहां दोबारा से बुखार बढ़ने पर रोशनी को चंदौसी के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। दो दिन तक चंदौसी में उपचार के बाद हालत में सुधार न होने पर चिकित्सक ने मुरादाबाद रेफर कर दिया।
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मुरादाबाद में हालत बिगड़ने पर मेरठ रेफर कर दिया गया। जहां अस्पताल में बुधवार की रात उपचार के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और रात्रि में ही परिजन बालिका के शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव बुखार की जद में, निजी चिकित्सकों के भरोसे मरीज
कुढ़फतेहगढ़। क्षेत्र के गांव रतनपुर की आबादी करीब तीन हजार है। गांव में सफाई व्यवस्था भी ठीक है, इसके बावजूद बुखार फैला है। गांव में करीब पांच-छह निजी चिकित्सक हैं। इन चिकित्सकों के पास बुखार रोगियों की लाइन लगी है। वर्तमान में 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं।