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Sambhal News: गंगा में खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर दूर गंगा, 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
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गुन्नौर। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश के बाद गंगा में 24 घंटे में तेजी के साथ पानी बढ़ा है। बुधवार की दोपहर तक नरौरा बैराज से 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। बिजनौर बैराज से 1.31 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बारिश की संभावना है और गंगा में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन भी अलर्ट है और गांव में बाढ़ चौकियों पर लेखपालों को तैनात कर दिया गया।
पिछले चार दिनों में क्षेत्र में बाढ़ का पानी कम हो गया है। मंगलवार को गंगा में नरौरा बैराज से 91 हजार क्यूसेक बह रहा था। बिजनौर बैराज से मंगलवार की सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार की सुबह से नरौरा बैराज से इसका असर दिखाई देने लगा। धीरे धीरे दोपहर दो बजे 1.44 लाख क्यूसेक पानी पहुंच गया। नरौरा बैराज पर खतरे का निशान 178.76 मीटर पर है। बुधवार की दोपहर तक पानी का स्तर 178.20 मीटर तक पहुंच गया। गंगा खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर है। 24 घंटे में नरौरा बैराज पर 53 हजार क्यूसेक पानी बढ़ गया।
सभी बाढ़ चौकियों पर चौकी प्रभारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय लेखपालों को भी बाढ़ संभावित क्षेत्र की जानकारी समय-समय पर तहसील मुख्यालय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गुन्नौर तहसीलदार वंदना मिश्रा ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों को सतर्कता के साथ में बाढ़ संभावित क्षेत्र की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके साथ ही सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों को अपनी चौकी पर ही तैनात रहना है। इसके साथ ही समय-समय पर बाढ़ सम्भावित क्षेत्र की जानकारी तहसील प्रशासन को उपलब्ध करानी है।
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पिछले चार दिनों में क्षेत्र में बाढ़ का पानी कम हो गया है। मंगलवार को गंगा में नरौरा बैराज से 91 हजार क्यूसेक बह रहा था। बिजनौर बैराज से मंगलवार की सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार की सुबह से नरौरा बैराज से इसका असर दिखाई देने लगा। धीरे धीरे दोपहर दो बजे 1.44 लाख क्यूसेक पानी पहुंच गया। नरौरा बैराज पर खतरे का निशान 178.76 मीटर पर है। बुधवार की दोपहर तक पानी का स्तर 178.20 मीटर तक पहुंच गया। गंगा खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर है। 24 घंटे में नरौरा बैराज पर 53 हजार क्यूसेक पानी बढ़ गया।
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सभी बाढ़ चौकियों पर चौकी प्रभारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय लेखपालों को भी बाढ़ संभावित क्षेत्र की जानकारी समय-समय पर तहसील मुख्यालय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गुन्नौर तहसीलदार वंदना मिश्रा ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों को सतर्कता के साथ में बाढ़ संभावित क्षेत्र की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके साथ ही सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों को अपनी चौकी पर ही तैनात रहना है। इसके साथ ही समय-समय पर बाढ़ सम्भावित क्षेत्र की जानकारी तहसील प्रशासन को उपलब्ध करानी है।
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