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Sambhal News: चंदाैसी में गणेश मेला शुरू, भव्य रथयात्रा कल
Fri, 06 Sep 2024 04:15 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 06 Sep 2024 04:15 AM IST
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चंदौसी (संभल)। उत्तर भारत के सबसे बड़े गणेश मेले का बृहस्पतिवार की शाम छह बजे विधिवत श्रीगणेश हो गया। पांच धर्माें के प्रतिनिधियों ने मेले का उद्घाटन किया। शनिवार को शहर में गणेश रथयात्रा निकाली जाएगी। 25 दिसंबर तक मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी।
शुक्रवार को तुंगनाथ महादेव की झांकी का उद्घाटन गणेश मंदिर के सामने स्थित मैदान में होगा। शनिवार की सुबह से ही गणेश मंदिर परिसर में हवन पूजन के साथ गजानन महाराज के दर्शन होंगे। दो बजे से विशाल रथयात्रा पूरे नगर में भ्रमण करेगी। जिसमें स्वाचालित झांकियां शामिल होंगी। श्री गणेश मेला परिषद के सचिव हरी गोपाल वार्ष्णेय ने बताया कि आठ सितंबर को अंताक्षरी प्रतियोगिता, नौ सितंबर को फैंसी ड्रेस व चित्रकला प्रतियोगिता, दस सितंबर को राष्ट्रीय कार्यक्रम, 11 सितंबर को रस्साकशी प्रतियोगिता आयोजित होगी। वहीं 12 व 13 सितंबर को संगीत व कैरम प्रतियोगिता, 14 सितंबर को गायन प्रतियोगिता, 15 सितंबर को बेबी हेल्थ शो व पतंग प्रतियोगिता और 16 सितंबर को नारांतक वध होगा। 17 सितंबर को भगवान गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन होगा। इसी दिन शतरंज प्रतियोगिता व कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। 18 सितंबर को मेहंदी प्रतियोगिता व युगल गायन प्रतियोगिता और 19 सितंबर को युगल नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। साथ ही इसी दिन चादर शरीफ का आयोजन किया जाएगा। 20 सितंबर को कव्वाली, 21 सितंबर को मुशायरा व 22 सितंबर को बॉलीवुड रंगारंग कार्यक्रम, 23 सितंबर को एकल नृत्य प्रतियोगिता, 24 सितंबर को भक्ति संगीत का कार्यक्रम होगा। वहीं 25 सितंबर को कृष्ण लीला नृत्य व पुरस्कार वितरण के साथ मेले का समापन किया जाएगा।
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एकता और सद्भाव का प्रतीक है मेला
गणेश चौथ मेला सांप्रदायिक सौहार्द और सर्वधर्म संभाव की मिसाल है। मेला संस्थापक डॉ. गिरिराज किशोर द्वारा समरता को बढ़ावा देने के लिए मेले का उद्घाटन चार धर्मों के गुरुओं से कराया गया था। बाद में बौद्ध प्रतिनिधित्व शामिल करते हुए अब पांच धर्मों के प्रतिनिधियों से गुरुओं से मेले का उद्घाटन कराया जाता है।
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शुक्रवार को तुंगनाथ महादेव की झांकी का उद्घाटन गणेश मंदिर के सामने स्थित मैदान में होगा। शनिवार की सुबह से ही गणेश मंदिर परिसर में हवन पूजन के साथ गजानन महाराज के दर्शन होंगे। दो बजे से विशाल रथयात्रा पूरे नगर में भ्रमण करेगी। जिसमें स्वाचालित झांकियां शामिल होंगी। श्री गणेश मेला परिषद के सचिव हरी गोपाल वार्ष्णेय ने बताया कि आठ सितंबर को अंताक्षरी प्रतियोगिता, नौ सितंबर को फैंसी ड्रेस व चित्रकला प्रतियोगिता, दस सितंबर को राष्ट्रीय कार्यक्रम, 11 सितंबर को रस्साकशी प्रतियोगिता आयोजित होगी। वहीं 12 व 13 सितंबर को संगीत व कैरम प्रतियोगिता, 14 सितंबर को गायन प्रतियोगिता, 15 सितंबर को बेबी हेल्थ शो व पतंग प्रतियोगिता और 16 सितंबर को नारांतक वध होगा। 17 सितंबर को भगवान गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन होगा। इसी दिन शतरंज प्रतियोगिता व कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। 18 सितंबर को मेहंदी प्रतियोगिता व युगल गायन प्रतियोगिता और 19 सितंबर को युगल नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। साथ ही इसी दिन चादर शरीफ का आयोजन किया जाएगा। 20 सितंबर को कव्वाली, 21 सितंबर को मुशायरा व 22 सितंबर को बॉलीवुड रंगारंग कार्यक्रम, 23 सितंबर को एकल नृत्य प्रतियोगिता, 24 सितंबर को भक्ति संगीत का कार्यक्रम होगा। वहीं 25 सितंबर को कृष्ण लीला नृत्य व पुरस्कार वितरण के साथ मेले का समापन किया जाएगा।
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एकता और सद्भाव का प्रतीक है मेला
गणेश चौथ मेला सांप्रदायिक सौहार्द और सर्वधर्म संभाव की मिसाल है। मेला संस्थापक डॉ. गिरिराज किशोर द्वारा समरता को बढ़ावा देने के लिए मेले का उद्घाटन चार धर्मों के गुरुओं से कराया गया था। बाद में बौद्ध प्रतिनिधित्व शामिल करते हुए अब पांच धर्मों के प्रतिनिधियों से गुरुओं से मेले का उद्घाटन कराया जाता है।
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