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मेंगरा में आबादी के निकट पहुंचा बाढ़ का पानी, ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
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चंदौसी/जुनावई। बारिश के बाद से ही गंगा जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जुनावई क्षेत्र के खादर क्षेत्र गांव मेंगरा में आबादी के निकट बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इसके अलावा फसलों में बाढ़ का पानी भरा है। जिससे किसान चिंतित हैं। वहीं प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को भेजकर फसलों के नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। शुक्रवार की दोपहर दो बजे नरौरा बैराज से 2.33 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। वर्तमान में नरौरा बैराज पर गंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे है। जोकि 178.61 मीटर है। गंगा किनारे के खेतों में खड़ी, सरसों, बाजरा, उड़द, गन्ने की फसल में बाढ़ का पानी भरा है। साथ ही पानी खेतों से निकलकर गांव मेंगरा की आबादी के करीब 50 100 मीटर तक पहुंच गया है।
खादर क्षेत्र के तीनों नालों (धाराओं) में बाढ़ का पानी बह रहा है। इसके अलावा खेतों में पानी घुसा है। प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को बाढ़ प्रभावित फसलों का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
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इन गांवों में किसानों की फसल हुई तबाह
बाढ़ के पानी से जुनावई क्षेत्र के बझांगी गांव, रघुपुर पुख्ता, गांव मेंगरा, सालिंग की मडैय्या के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इन किसानों की उड़द, सरसों गन्ना और बाजरा की फसलें पानी में डूबे रहने से नष्ट हो गई हैं।
लगातार बढ़ रहे बाढ़ के पानी को लेकर जान-माल हानि से बचाव के लिए और जनता को जागरूक करने के लिए राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। साथ ही बाढ़ के पानी से नष्ट हुईं फसलों के आकलन के निर्देश भी राजस्व विभाग टीम को दिए गए हैं।
चंद्रशेखर वर्मा, तहसीलदार, गुन्नौर
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शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। शुक्रवार की दोपहर दो बजे नरौरा बैराज से 2.33 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। वर्तमान में नरौरा बैराज पर गंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे है। जोकि 178.61 मीटर है। गंगा किनारे के खेतों में खड़ी, सरसों, बाजरा, उड़द, गन्ने की फसल में बाढ़ का पानी भरा है। साथ ही पानी खेतों से निकलकर गांव मेंगरा की आबादी के करीब 50 100 मीटर तक पहुंच गया है।
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खादर क्षेत्र के तीनों नालों (धाराओं) में बाढ़ का पानी बह रहा है। इसके अलावा खेतों में पानी घुसा है। प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को बाढ़ प्रभावित फसलों का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
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इन गांवों में किसानों की फसल हुई तबाह
बाढ़ के पानी से जुनावई क्षेत्र के बझांगी गांव, रघुपुर पुख्ता, गांव मेंगरा, सालिंग की मडैय्या के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इन किसानों की उड़द, सरसों गन्ना और बाजरा की फसलें पानी में डूबे रहने से नष्ट हो गई हैं।
लगातार बढ़ रहे बाढ़ के पानी को लेकर जान-माल हानि से बचाव के लिए और जनता को जागरूक करने के लिए राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। साथ ही बाढ़ के पानी से नष्ट हुईं फसलों के आकलन के निर्देश भी राजस्व विभाग टीम को दिए गए हैं।
चंद्रशेखर वर्मा, तहसीलदार, गुन्नौर