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Sambhal News: हत्या के मामले में एक ही परिवार के पांच लोगों को उम्रकैद
Thu, 14 May 2026 02:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 14 May 2026 02:05 AM IST
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चंदौसी (संभल)। धनारी के गांव बगढैर में वर्ष 2017 में पीटकर हत्या के मामले में कोर्ट ने पिता, दो पुत्रों समेत एक ही परिवार के पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 66-66 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई।
गांव बगढैर निवासी नरेश ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 24 सितंबर 2017 को गांव के तीन सगे भाई महानंद, गिलीचंद उर्फ ग्रीश, नेकपाल और गिलीचंद के बेटे राहुल व राकेश लाठी-डंडे व फरसे लेकर घर में घुस आए और करऊ और उसकी पत्नी राजवती व पुत्र राजेश को जमकर पीटा। तीनों को गंभीर हालत में गुन्नौर सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर मुरादाबाद रेफर कर दिया।
25 सितंबर 2017 को डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर करऊ को मेरठ के लिए रेफर कर दिया, लेकिन मेरठ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। बताया कि राजवती ने 19 सितंबर 2017 को महानंदन व गिलीचंद के खिलाफ बदसलूकी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी फैसले का दबाव बना रहे थे, लेकिन परिवार के लोग फैसले के लिए राजी नहीं हुए थे।
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पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले व हत्या आदि के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद साक्ष्य जुटा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई।
अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने सात मई को पांचों आरोपियों को दोषी करार दे दिया था। एडीजीसी ने बताया कि दोष सिद्ध होने के दौरान पांचों अभियुक्त जमानत पर थे और न्यायालय में पेश नहीं हुए। जिससे न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। पांच मई को महानंद, गिलीचंद उर्फ गिरीश, नेकपाल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि राकेश ने 11 मई को आत्मसमर्पण किया था। वहीं राहुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास और 66-66 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियुक्तों ने सरकारी अधिवक्ता को दी धमकी
चंदौसी। हत्या के मामले में एक ही परिवार के पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद पुलिस अभियुक्तों को जेल ले जाने के लिए न्यायालय से बाहर निकली। आरोप है कि अभियुक्तों ने अभियोजन पक्ष के सरकारी अधिवक्ता एडीजीसी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी को देख लेने की धमकी दी। इस पर पुलिसकर्मियों ने भी अभियुक्तों को फटकार लगाई। एडीजीसी ने बताया कि धमकाने के मामले में न्यायिक अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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गांव बगढैर निवासी नरेश ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 24 सितंबर 2017 को गांव के तीन सगे भाई महानंद, गिलीचंद उर्फ ग्रीश, नेकपाल और गिलीचंद के बेटे राहुल व राकेश लाठी-डंडे व फरसे लेकर घर में घुस आए और करऊ और उसकी पत्नी राजवती व पुत्र राजेश को जमकर पीटा। तीनों को गंभीर हालत में गुन्नौर सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर मुरादाबाद रेफर कर दिया।
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25 सितंबर 2017 को डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर करऊ को मेरठ के लिए रेफर कर दिया, लेकिन मेरठ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। बताया कि राजवती ने 19 सितंबर 2017 को महानंदन व गिलीचंद के खिलाफ बदसलूकी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी फैसले का दबाव बना रहे थे, लेकिन परिवार के लोग फैसले के लिए राजी नहीं हुए थे।
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पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले व हत्या आदि के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद साक्ष्य जुटा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई।
अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने सात मई को पांचों आरोपियों को दोषी करार दे दिया था। एडीजीसी ने बताया कि दोष सिद्ध होने के दौरान पांचों अभियुक्त जमानत पर थे और न्यायालय में पेश नहीं हुए। जिससे न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। पांच मई को महानंद, गिलीचंद उर्फ गिरीश, नेकपाल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि राकेश ने 11 मई को आत्मसमर्पण किया था। वहीं राहुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास और 66-66 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियुक्तों ने सरकारी अधिवक्ता को दी धमकी
चंदौसी। हत्या के मामले में एक ही परिवार के पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद पुलिस अभियुक्तों को जेल ले जाने के लिए न्यायालय से बाहर निकली। आरोप है कि अभियुक्तों ने अभियोजन पक्ष के सरकारी अधिवक्ता एडीजीसी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी को देख लेने की धमकी दी। इस पर पुलिसकर्मियों ने भी अभियुक्तों को फटकार लगाई। एडीजीसी ने बताया कि धमकाने के मामले में न्यायिक अधिकारियों को अवगत कराया गया है।