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जिले में पांच लाख बनने हैं आयुष्मान कार्ड, अब तक बने सिर्फ 1.13 लाख कार्ड
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संभल। इसे जागरूकता का अभाव कहें या फिर सिस्टम की लापरवाही। संभल जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनने हैं लेकिन अब तक सिर्फ 1.13 लाख ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। जबकि कोरोना काल के दौरान इसका महत्व बढ़ा और कई बार अभियान चलाया गया। एक बार फिर से अभियान चल रहा है। 26 जुलाई से इसकी शुरूआत हुई है।
दरअसल, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत का आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड, आपकी जेब है तो किसी भी आकस्मिक बीमारी में बिना वक्त गंवाए चिकित्सक आपको नया वन दे सकते हैं। क्योंकि कुछ आकस्मिक बीमारियों में एक- एक पल की बढ़ी अहमियत होती है। यही कारण है कि केंद्र व प्रदेश सरकार वह हर संभव कदम उठा रही है कि पात्र लाभार्थियों का जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड बना दिया जाए ताकि किसी भी वक्त में इलाज के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरुरत न पड़े, और न ही कर्ज लेकर इलाज के लिए विवश होना पड़े। लेकिन संभल जिले में इस पर पानी फेरा जा रहा है। जिले में लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पखवाड़ा 26 जुलाई से शुरू किया गया है। यह अभियान 12 अगस्त तक चलेगा। ग्यारह दिन की अवधि में मात्र तीन हजार ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। इसे मिलाकर कुल 1.13 लाख आयुष्मान कार्ड बने हैं। सिस्टम की कलाकारी बेहद परेशान कर देने वाली है। एक तरफ अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाने की बात हो रही है दूसरी ओर न कहीं शिविर लग रहे हैं और न ही कोई जागरूकता फैलाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार भी सीधे तौर पर बता नहीं पा रहे हैं। वहीं, कुछ ऐसे पात्र लोग हैं जो अपने आप में जागरूक हैं वह जनसेवा केंद्रों से जाकर ऑनलाइन तो करा रहे हैं लेकिन कार्ड बन नहीं रहे हैं। पिछले कई महीने से उनके आवेदन लंबित हैं।
यह होना चाहिए था
घर व गांव के करीब शिविर लगाकर मुफ्त में आयुष्मान कार्ड बनाए जाने चाहिए थे। ताकि लाभार्थियों को इधर-उधर न भटकने पड़े और इसकी जानकारी भी हो सकें। योजना के पात्र लोगों की सूची में जिनके नाम हैं उनका हर हाल में आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। दरअसल, आयुष्मान कार्ड लोगों को मुफ्त में सालाना पांच लाख रुपये तक की बीमा कवरेज मुहैया कराता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी और पूरी तरह से सरकारी खर्च पर चलने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसमें कैंसर और दिल की बीमारी जैसी कई गंभीर बीमारियों के लिए प्रदेश में सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
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आयुष्मान कार्ड पखवाड़ा चल रहा है। इसमें लोगों को ब्लॉक स्तर पर संपर्क करना चाहिए। जिससे ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बन सकें। इस पखवाड़ा में तीन हजार कार्ड बनाए गए हैं।
डा. अजय कुमार सक्सेना, सीएमओ, संभल।
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दरअसल, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत का आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड, आपकी जेब है तो किसी भी आकस्मिक बीमारी में बिना वक्त गंवाए चिकित्सक आपको नया वन दे सकते हैं। क्योंकि कुछ आकस्मिक बीमारियों में एक- एक पल की बढ़ी अहमियत होती है। यही कारण है कि केंद्र व प्रदेश सरकार वह हर संभव कदम उठा रही है कि पात्र लाभार्थियों का जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड बना दिया जाए ताकि किसी भी वक्त में इलाज के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरुरत न पड़े, और न ही कर्ज लेकर इलाज के लिए विवश होना पड़े। लेकिन संभल जिले में इस पर पानी फेरा जा रहा है। जिले में लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पखवाड़ा 26 जुलाई से शुरू किया गया है। यह अभियान 12 अगस्त तक चलेगा। ग्यारह दिन की अवधि में मात्र तीन हजार ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। इसे मिलाकर कुल 1.13 लाख आयुष्मान कार्ड बने हैं। सिस्टम की कलाकारी बेहद परेशान कर देने वाली है। एक तरफ अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाने की बात हो रही है दूसरी ओर न कहीं शिविर लग रहे हैं और न ही कोई जागरूकता फैलाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार भी सीधे तौर पर बता नहीं पा रहे हैं। वहीं, कुछ ऐसे पात्र लोग हैं जो अपने आप में जागरूक हैं वह जनसेवा केंद्रों से जाकर ऑनलाइन तो करा रहे हैं लेकिन कार्ड बन नहीं रहे हैं। पिछले कई महीने से उनके आवेदन लंबित हैं।
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यह होना चाहिए था
घर व गांव के करीब शिविर लगाकर मुफ्त में आयुष्मान कार्ड बनाए जाने चाहिए थे। ताकि लाभार्थियों को इधर-उधर न भटकने पड़े और इसकी जानकारी भी हो सकें। योजना के पात्र लोगों की सूची में जिनके नाम हैं उनका हर हाल में आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। दरअसल, आयुष्मान कार्ड लोगों को मुफ्त में सालाना पांच लाख रुपये तक की बीमा कवरेज मुहैया कराता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी और पूरी तरह से सरकारी खर्च पर चलने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसमें कैंसर और दिल की बीमारी जैसी कई गंभीर बीमारियों के लिए प्रदेश में सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
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आयुष्मान कार्ड पखवाड़ा चल रहा है। इसमें लोगों को ब्लॉक स्तर पर संपर्क करना चाहिए। जिससे ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बन सकें। इस पखवाड़ा में तीन हजार कार्ड बनाए गए हैं।
डा. अजय कुमार सक्सेना, सीएमओ, संभल।