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पशुशाला में लगी आग, सात पशुओं की मौत, नौ झुलसे
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जुनावई। धनारी थाना क्षेत्र के गांव सेमला भूड़ में शनिवार की रात पशुशाला में आग लगने से सात पशुओं की जलकर मौत हो गई। जबकि आग की चपेट में आने से नौ पशु झुलस गए। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रविवार को तहसीलदार ने घटनास्थल पर पहुंच जानकारी की। पशु मालिकों ने एक ग्रामीण पर आग लगाने का आरोप लगाया है, पर अभी तक पुलिस को शिकायत नहीं की है।
धनारी थाना क्षेत्र के गांव सेमला भूड़ में मोरपाल सिंह की पशुुशाला है। इसी पशुशाला में उनके भाई चंद्रपाल सिंह, सोनपाल, महेश की भी छप्पर बनी है। इनमें चारों भाइयों के पशु बंधे थे। रात में करीब साढ़े दस बजे पशुशाला के छप्पर में आग लग गई। उस समय पशुशाला में कोई नहीं था। आग की लपटें उठने व पशुओं के शोर से आसपास के लोग एकत्र हो गए और आाग बुझाने में जुट गए। पानी डालकर आग बुझाने का काफी प्रयास किया, पर कोई सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। गुन्नौर से अग्निशमन विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच गई और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में चारों भाइयों की दो भैंसें, पांच भैंस के दो से तीन साल के बच्चे यानी कटिया जलकर मर गए। दो बैल, पांच गाय, एक कटिया और एक बछिया गंभीर रूप से झुलस गए। उनका उपचार चल रहा है। मोरपाल का आरोप है कि एक ग्रामीण ने रंजिशन पशुशाला में आग लगाई है लेकिन अभी तक इस मामले की पुलिस को शिकायत नहीं की गई।
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एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
ग्रामीणों का आरोप है कि आग करीब साढ़े दस बजे लग गई थी। घटना के बाद मौके पर जमा हुई भीड़ ने ही फायर ब्रिगेड को फोन कर सूचना दी थी। हादसे के करीब एक घंटे बाद रात साढ़े ग्यारह बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी गांव में पहुंची। इसके बाद आग बुझाई गई।
रविवार को गांव पहुंचे तहसीलदार
रात में हुए अग्निकांड की सूचना पर रविवार की सुबह तहसीलदार सुधीर कुमार व राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची तथा पीड़ित किसानों से घटना की जानकारी ली। मोरपाल सिंह ने बताया कि पशुशाला में उसके व उसके तीन अन्य भाइयों के 16 पशु पशुशाला में बंधे थे। सात की जलकर मौत हो गई तथा नौ गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इसके अलावा अग्निकांड में पशुशाला में रखे बाजरे के पूले, कुट्टी काटने का इंजन, घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
नुकसान का आकलन किया गया है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी। आपदा राहत कोष से मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सुधीर कुमार, तहसीलदार गुन्नौर
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धनारी थाना क्षेत्र के गांव सेमला भूड़ में मोरपाल सिंह की पशुुशाला है। इसी पशुशाला में उनके भाई चंद्रपाल सिंह, सोनपाल, महेश की भी छप्पर बनी है। इनमें चारों भाइयों के पशु बंधे थे। रात में करीब साढ़े दस बजे पशुशाला के छप्पर में आग लग गई। उस समय पशुशाला में कोई नहीं था। आग की लपटें उठने व पशुओं के शोर से आसपास के लोग एकत्र हो गए और आाग बुझाने में जुट गए। पानी डालकर आग बुझाने का काफी प्रयास किया, पर कोई सफलता नहीं मिली।
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घटना की सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। गुन्नौर से अग्निशमन विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच गई और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में चारों भाइयों की दो भैंसें, पांच भैंस के दो से तीन साल के बच्चे यानी कटिया जलकर मर गए। दो बैल, पांच गाय, एक कटिया और एक बछिया गंभीर रूप से झुलस गए। उनका उपचार चल रहा है। मोरपाल का आरोप है कि एक ग्रामीण ने रंजिशन पशुशाला में आग लगाई है लेकिन अभी तक इस मामले की पुलिस को शिकायत नहीं की गई।
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एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
ग्रामीणों का आरोप है कि आग करीब साढ़े दस बजे लग गई थी। घटना के बाद मौके पर जमा हुई भीड़ ने ही फायर ब्रिगेड को फोन कर सूचना दी थी। हादसे के करीब एक घंटे बाद रात साढ़े ग्यारह बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी गांव में पहुंची। इसके बाद आग बुझाई गई।
रविवार को गांव पहुंचे तहसीलदार
रात में हुए अग्निकांड की सूचना पर रविवार की सुबह तहसीलदार सुधीर कुमार व राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची तथा पीड़ित किसानों से घटना की जानकारी ली। मोरपाल सिंह ने बताया कि पशुशाला में उसके व उसके तीन अन्य भाइयों के 16 पशु पशुशाला में बंधे थे। सात की जलकर मौत हो गई तथा नौ गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इसके अलावा अग्निकांड में पशुशाला में रखे बाजरे के पूले, कुट्टी काटने का इंजन, घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
नुकसान का आकलन किया गया है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी। आपदा राहत कोष से मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सुधीर कुमार, तहसीलदार गुन्नौर