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करंट से पिता-पुत्र की मौत
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बहजोई। घर में रखे पेडिस्टर टेबिल फैन में उतरे करंट की चपेट में आकर बाप-बेटे की मौत हो गई। जानकारी मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। आसपास मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हादसे की जानकारी ली। इस बीच परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। हादसा थाना क्षेत्र के गांव मझोला का है।
शुक्रवार की सुबह साढ़े सात बजे थाना क्षेत्र के गांव राजा का मझोला निवासी हरिपाल पुत्र बाबूराम (30) व उसका 10 वर्षीय मासूम बेटा प्रतिपाल घर में रखे पेडिस्टर टेबिल फैन में उतरे करंट की चपेट में आ गए।
कुछ ही क्षणों में दोनों ने दम तोड़ दिया। मृतक हरिपाल के बड़े भाई मदन लाल ने बताया कि वह पड़ोस के मकान में रहता है। हादसे की जानकारी उसे तब हुई, जब उसकी पत्नी नीमा हरिपाल के घर से पाइप लेने गई तो देखा कि हरिपाल व उसका बेटा प्रतिपाल दोनों मृत अवस्था में पड़े थे।
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जानकारी मिलने पर वह और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। मदनलाल के मुताबिक हरिपाल की पत्नी सरोज छोटी मासूम बेटी धारा के साथ दिल्ली दवा लेने गई थी। वहीं सूचना मिलने पर कोतवाल सतेंद्र भड़ाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली।
कोतवाल ने बताया कि मृतकों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा गया है। जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं।
टेबिल फैन के पाइप से चिपका मिला हाथ
ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि टेबिल फैन जमीन पर गिरा पड़ा है। मृतक हरिपाल का हाथ टेबिल फैन के पाइप पर चिपका हुआ था। वहीं पास ही बेटा प्रतिपाल भी मृत अवस्था में पड़ा था। मृतक के भाई मदनलाल का कहना था कि घटना से कुछ देर पहले ही हरिपाल गांव की ही एक दुकान से सामान लेकर आया था और प्रतिपाल को स्कूल जाने के लिए तैयार कर रहा था कि तभी अचानक हादसा हो गया और दोनों की जान चली गई। ग्रामीणों का कहना था कि हरिपाल पीओपी का कारीगर था। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। सरकारी मदद मिल जाए तो काफी हद तक परिवार को राहत मिलेगी।
20 साल पहले हरिपाल को छूकर निकल गई थी मौत
हादसे में पीओपी कारीगर हरिपाल की मौत के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि करीब 20 साल पहले भी एक ऐसी घटना हुई थी। जिसमें हरिपाल को मौत छूकर निकल गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक उस समय गांव की पार्टीबंदी और रंजिश के चलते हुए विवाद में हरिपाल को पेट के पास गोली लग गई थी। उस समय बड़े उपचार व मन्नतों के बाद उसकी जान बच सकी थी, लेकिन अब काल बनकर उतरे करंट ने उसकी जान लील ली।
जिसने भी देखा, वही रोया
हादसे में हरिपाल और उसके मासूम बेटे प्रतिपाल की मौत के बाद मौके पर जो भी परिजन, ग्रामीण या रिश्तेदार पहुंचा, वही रोया। परिजन फफक-फफककर रो रहे थे तो वहीं कुछ ग्रामीण उनको सांत्वना दे रहे थे। इस बीच मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ लगी रही।
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शुक्रवार की सुबह साढ़े सात बजे थाना क्षेत्र के गांव राजा का मझोला निवासी हरिपाल पुत्र बाबूराम (30) व उसका 10 वर्षीय मासूम बेटा प्रतिपाल घर में रखे पेडिस्टर टेबिल फैन में उतरे करंट की चपेट में आ गए।
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कुछ ही क्षणों में दोनों ने दम तोड़ दिया। मृतक हरिपाल के बड़े भाई मदन लाल ने बताया कि वह पड़ोस के मकान में रहता है। हादसे की जानकारी उसे तब हुई, जब उसकी पत्नी नीमा हरिपाल के घर से पाइप लेने गई तो देखा कि हरिपाल व उसका बेटा प्रतिपाल दोनों मृत अवस्था में पड़े थे।
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जानकारी मिलने पर वह और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। मदनलाल के मुताबिक हरिपाल की पत्नी सरोज छोटी मासूम बेटी धारा के साथ दिल्ली दवा लेने गई थी। वहीं सूचना मिलने पर कोतवाल सतेंद्र भड़ाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली।
कोतवाल ने बताया कि मृतकों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा गया है। जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं।
टेबिल फैन के पाइप से चिपका मिला हाथ
ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि टेबिल फैन जमीन पर गिरा पड़ा है। मृतक हरिपाल का हाथ टेबिल फैन के पाइप पर चिपका हुआ था। वहीं पास ही बेटा प्रतिपाल भी मृत अवस्था में पड़ा था। मृतक के भाई मदनलाल का कहना था कि घटना से कुछ देर पहले ही हरिपाल गांव की ही एक दुकान से सामान लेकर आया था और प्रतिपाल को स्कूल जाने के लिए तैयार कर रहा था कि तभी अचानक हादसा हो गया और दोनों की जान चली गई। ग्रामीणों का कहना था कि हरिपाल पीओपी का कारीगर था। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। सरकारी मदद मिल जाए तो काफी हद तक परिवार को राहत मिलेगी।
20 साल पहले हरिपाल को छूकर निकल गई थी मौत
हादसे में पीओपी कारीगर हरिपाल की मौत के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि करीब 20 साल पहले भी एक ऐसी घटना हुई थी। जिसमें हरिपाल को मौत छूकर निकल गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक उस समय गांव की पार्टीबंदी और रंजिश के चलते हुए विवाद में हरिपाल को पेट के पास गोली लग गई थी। उस समय बड़े उपचार व मन्नतों के बाद उसकी जान बच सकी थी, लेकिन अब काल बनकर उतरे करंट ने उसकी जान लील ली।
जिसने भी देखा, वही रोया
हादसे में हरिपाल और उसके मासूम बेटे प्रतिपाल की मौत के बाद मौके पर जो भी परिजन, ग्रामीण या रिश्तेदार पहुंचा, वही रोया। परिजन फफक-फफककर रो रहे थे तो वहीं कुछ ग्रामीण उनको सांत्वना दे रहे थे। इस बीच मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ लगी रही।