भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय आह्वान पर लखीमपुर खीरी प्रकरण में मंत्री पद से बर्खास्त कर प्रभावी कार्रवाई की मांग समेत कुल आठ मांगों को लेकर पदाधिकारियों व किसानों ने कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए हैं। इस दौरान किसानों से सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप भी लगाया।
बृहस्पतिवार को साढ़े चार बजे प्रभारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और प्रदेश प्रमुख महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव व जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव के नेतृत्व में पदाधिकारी व किसान कलक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदेश प्रमुख महासचिव का कहना था कि राष्ट्रीय स्तर से किए गए आह्वान पर आठ मांगों में लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के मामले में मंत्री को बर्खास्त करने एवं फर्जी केसों में जेल भेजे गए आंदोलनकारी किसानों को रिहा किए जाने, बिजली विधेयक 2022 वापस लेने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने, सभी फसलों पर एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, भूमि अधिग्रहण कानून में सुधार करने सहित कई मांगों को लेकर 75 घंटे का धरना प्रारंभ किया गया है। इस बीच धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने विचार रखे। संचालन युवा मंडल अध्यक्ष वीरेश यादव ने किया। धरनास्थल पर अमरसिंह राजपूत, मुकेश यादव, उदयवीर सिंह यादव, किशनपाल राणा, मोहर सिंह, कल्याण सिंह, चंद्रपाल सिंह यादव, पप्पू यादव, नरेश शर्मा, दुर्गपाल कुशवाहा, केपी सिंह यादव, लकी रस्तौगी, वीरेश भाटी, मानपाल सिंह, युसुफ अली, महेश, देवेंद्र सिंह, बृजनंदन सिंह, दिनेश, राजपाल सिंह यादव, श्योराज सिंह, शीशपाल सिंह व हरी सिंह व खेतल सिंह आदि रहे।