फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Farmer saved six lives from daughter-in-law's sari by running from the field

खेत से दौड़कर किसान ने पुत्रवधु की साड़ी से बचाईं छह जिंदगियां

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 01:24 AM IST
विज्ञापन
Farmer saved six lives from daughter-in-law's sari by running from the field
गंगा में किशोरियों की तलाश करते पीएसी के जवान। - फोटो : SAMBHAL
संभल। मुंडन संस्कार कराने के लिए आए परिवार के नौ किशोर और किशोरियां गंगा में नहाते समय सेल्फी लेने के लिए गहरे पानी में पहुंच जाने पर बह गए, जिनमें से छह को पास ही खेत में फसल कटाई कर रहे किसान ने अपनी पुत्रवधु की साड़ी के सहारे बचा लिया। इनमें तीन की तलाश शाम तक चलती रही। अब कल(आज) सुबह से फिर उनकी तलाश की जाएगी।
विज्ञापन

कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बिचैटा निवासी जीतू पुत्र खुशीराम अपने रिश्तेदारों के साथ छह वर्षीय बेटी निर्मला और तीन वर्षीय बेटे बिट्टू का मुंडन संस्कार कराने रजपुरा क्षेत्र के हरिबाबा बांध गंगा घाट पर पहुंचे थे। एक मैक्स गाड़ी में सवार होकर आए 31 लोगों में परिवार के 10 लोग और 21 रिश्तेदार शामिल थे। दोपहर 12 बजे 16 किशोर व किशोरियां में से कुछ गंगा में नहाने उतर गए। स्नान करते वक्त सेल्फी लेने के लिए वे गहरे पानी में पहुंचकर बहने लगे।
विज्ञापन

परिजनों की चीख-पुकार सुनकर गांव मोलनपुर डांडा निवासी किसान हरि सिंह अपने गेहूं की फसल की कटाई को छोड़कर दौड़ा और उसने जल्दी से अपनी पुत्रवधू वीरवती को बुलाया और उसे अपनी बंधी हुई साड़ी देने के लिए कहा। पुत्रवधू ने तुरंत अपनी साड़ी उतारकर दे दी, जिसे किसान हरि सिंह ने डूब रहे लोगों के पास फेंकी तो एक बार में तीन साड़ी पकड़कर बाहर आ गए। उसके बाद दूसरी बार में भी तीन और बाहर आए, लेकिन तीसरी बार में जब साड़ी फेंकी तो गीता (15) पुत्री वीर सिंह, सरिता (14) पुत्री दिनेश और प्रियंका (15) पुत्री मोतीलाल बाहर नहीं आ सके। वह गहरे पानी में कहीं बह गए। हरि सिंह ने बताया कि अगर किसी अन्य व्यक्ति ने भी प्रयास किया होता तो वह नहीं बह पाते। परिजनों के मुताबिक बहे नौ में बचाए गए छह में चार किशोरी रश्मि, राधा, ममता, अनीता और दो किशोर प्रिंस व श्याम सुंदर शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों के मुताबिक गीता, सरिता और प्रियंका का देर शाम तक काफी तलाश करने के बावजूद पता नहीं चल सका। 41वीं वाहिनी पीएसी गोताखोरों ने और राज्य आपदा मोचन बल के दस जवानों ने तीनों किशोरियों को काफी खोजा, लेकिन उनको भी रात होने तक सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने पर एसडीएम ने अभियान रुकवा दिया और तीनों किशोरियों को कल (आज) सुबह तलाश कराने को कहा।
सेल्फी में अलग-अलग एंगल का प्रयास बना जानलेवा
संभल। मुंडन संस्कार कराने गए जीतू ने बताया कि वह तो मुंडन संस्कार करा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग नहाने के लिए गंगा में चले गए। इस दौरान सेल्फी लेने का प्रयास किया। जब सूरज की लाइट तेज पड़ रही थी तो वह अलग-अलग एंगल से सेल्फी लेने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान गहरे पानी में पहुंच गए और डूबने लगे। आसपास जो खड़े थे वह भी बचाने को दौड़े थे। इनमें छह को बचा लिया गया, लेकिन तीन बह गए, जिनका कुछ नहीं पता चला।
कच्चा घाट बनता है हादसों का कारण
गंगा के जिस स्थान पर हादसा हुआ है वह कच्चा घाट है। मिट्टी कट रहती है। जिससे गहराई होने पर हादसे होते हैं। पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। हादसे के समय तो प्रशासन चेत जाता है लेकिन बाद में भूल जाता है।

आपदा प्रबंधन की व्यवस्था जिले में नहीं होने के चलते गंगा में बही किशोरियों की तलाश में थोड़ा समय लगा है। बाहर से जवान बुलाकर तलाश कराई गई है। देर शाम तक किशोरियों का पता नहीं चल सका। शनिवार को फिर से प्रयास किए जाएंगे।
रामकेश सिंह धामा, एसडीएम, गुन्नौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed