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Sambhal News: चुअर खेड़ा की मढ़ी पर होगी खोदाई, कराई सफाई
Thu, 02 Jan 2025 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 02 Jan 2025 02:00 AM IST
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चुअर खेड़ा की मड़ी पर स्थित प्राचीन कुआं। संवाद
संभल। धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों से घिरे संभल में आए दिन नए-नए रहस्यों की जानकारी सामने आ रही है। जिले में जगह-जगह मुगलकाल और पृथ्वीराज चौहान के काल के स्थान मिल रहे हैं। संभल की प्राचीन बावड़ी पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल की मानी जा रही है। वहीं, फिरोजपुर का किला मुगलकालीन दौर का बना है।
चंदौसी तहसील के गांव खेतापुर अमरपुर उर्फ धर्मपुर में स्थित चुअर खेड़ा मढ़ी (प्राचीन सिद्ध पीठ आश्रम) के महंत किशन महाराज का कहना है कि मढ़ी पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल की है। महंत ने बताया कि वर्ष 2004 के दौरान भी सुरंग की खोदाई हुई थी, तो सिक्के भी मिले थे। इन्हीं दावों को देखते हुए प्रशासन ने अब इस मढ़ी की सफाई करा दी है। मढ़ी पर प्राचीन मंदिर, कुआं, और सुरंग है।
महंत ने बताया कि वह 17 वर्ष से मढ़ी पर रह रहे हैं। महंत का दावा है कि यह सुरंग संभल तक जाती है, जो यहां से करीब 24 किलोमीटर दूर है। वहीं उनके मुताबिक करीब 800 वर्ष पहले मढ़ी से सुरंग बनी थी। उधर, प्रशासन ने अब इस मढ़ी पर बनी सुरंग की खोदाई कराने की बात कही है।
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68 तीर्थों व 19 कुएं का भी होगा सौंदर्यीकरण
जिले में 68 तीर्थ और 19 कुएं धार्मिक महत्व को बताते हैं। इन सभी स्थानों पर एएसआई की टीम भी सर्वे कर चुकी है। हालांकि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिलना बाकी है। उसके आधार पर इन सभी स्थानों पर सौंदर्यीकरण का कार्य होना है।
- प्राचीन स्थल की साफ-सफाई करा दी गई है। निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद खोदाई भी कराई जाएगी। - डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल।
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चंदौसी तहसील के गांव खेतापुर अमरपुर उर्फ धर्मपुर में स्थित चुअर खेड़ा मढ़ी (प्राचीन सिद्ध पीठ आश्रम) के महंत किशन महाराज का कहना है कि मढ़ी पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल की है। महंत ने बताया कि वर्ष 2004 के दौरान भी सुरंग की खोदाई हुई थी, तो सिक्के भी मिले थे। इन्हीं दावों को देखते हुए प्रशासन ने अब इस मढ़ी की सफाई करा दी है। मढ़ी पर प्राचीन मंदिर, कुआं, और सुरंग है।
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महंत ने बताया कि वह 17 वर्ष से मढ़ी पर रह रहे हैं। महंत का दावा है कि यह सुरंग संभल तक जाती है, जो यहां से करीब 24 किलोमीटर दूर है। वहीं उनके मुताबिक करीब 800 वर्ष पहले मढ़ी से सुरंग बनी थी। उधर, प्रशासन ने अब इस मढ़ी पर बनी सुरंग की खोदाई कराने की बात कही है।
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68 तीर्थों व 19 कुएं का भी होगा सौंदर्यीकरण
जिले में 68 तीर्थ और 19 कुएं धार्मिक महत्व को बताते हैं। इन सभी स्थानों पर एएसआई की टीम भी सर्वे कर चुकी है। हालांकि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिलना बाकी है। उसके आधार पर इन सभी स्थानों पर सौंदर्यीकरण का कार्य होना है।
- प्राचीन स्थल की साफ-सफाई करा दी गई है। निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद खोदाई भी कराई जाएगी। - डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल।