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Sambhal News: साढ़े तीन माह बाद भी बालक के हत्यारे तक नहीं पहुंच सकी पुलिस
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धनारी। साढ़े तीन माह पूर्व धनारी पट्टी बालू शंकर में सात वर्षीय बालक के अपहरण के बाद हत्या किए जाने के मामले में पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस दौरान थाने में तीसरे प्रभारी की तैनाती भी हो चुकी है।
15 फरवरी की दोपहर धनारी पट्टी बालू शंकर निवासी सात वर्षीय अंशु खेलते समय अचानक लापता हो गया था। बालक के दादा चंद्रपाल ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। घटना के दस दिन बाद 26 फरवरी को ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह के गेहूं के खेत में बालक का शव बरामद हुआ था। चंद्रपाल ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान अंशु के रूप में की थी। मृतक के दादा चंद्रपाल ने गांव के दो लोगों पर शक जाहिर किया था, लेकिन पुलिस पूछताछ में दोनों निर्दोष पाए गए। इसके अलावा भी पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन अब तक हत्या का खुलासा नहीं हो सका है।
26 अप्रैल को मृतक के परिजनों ने एसपी से मिलकर हत्या के खुलासे की गुहार लगाई थी। इसके बाद 29 अप्रैल को एएसपी और सीओ ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पुलिस को जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे, लेकिन साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है।
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घटना के बाद से अब तक थाने में तीसरे प्रभारी की तैनाती हो चुकी है। अब अखिलेश प्रधान को हटाकर नए थाना प्रभारी बनाए गए नरेश पाल के सामने भी इस हत्याकांड का खुलासा करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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15 फरवरी की दोपहर धनारी पट्टी बालू शंकर निवासी सात वर्षीय अंशु खेलते समय अचानक लापता हो गया था। बालक के दादा चंद्रपाल ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। घटना के दस दिन बाद 26 फरवरी को ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह के गेहूं के खेत में बालक का शव बरामद हुआ था। चंद्रपाल ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान अंशु के रूप में की थी। मृतक के दादा चंद्रपाल ने गांव के दो लोगों पर शक जाहिर किया था, लेकिन पुलिस पूछताछ में दोनों निर्दोष पाए गए। इसके अलावा भी पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन अब तक हत्या का खुलासा नहीं हो सका है।
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26 अप्रैल को मृतक के परिजनों ने एसपी से मिलकर हत्या के खुलासे की गुहार लगाई थी। इसके बाद 29 अप्रैल को एएसपी और सीओ ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पुलिस को जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे, लेकिन साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है।
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घटना के बाद से अब तक थाने में तीसरे प्रभारी की तैनाती हो चुकी है। अब अखिलेश प्रधान को हटाकर नए थाना प्रभारी बनाए गए नरेश पाल के सामने भी इस हत्याकांड का खुलासा करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।