{"_id":"62d5b1f06cc09b3995638b51","slug":"epf-of-50-lakhs-deducted-from-the-salary-of-112-contract-sweepers-not-deposited-in-the-account-chandausi-news-mbd4350407166","type":"story","status":"publish","title_hn":"112 संविदा सफाईकर्मियों के वेतन से 50 लाख का ईपीएफ कटा, खाते में नहीं हुआ जमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
112 संविदा सफाईकर्मियों के वेतन से 50 लाख का ईपीएफ कटा, खाते में नहीं हुआ जमा
विज्ञापन
चंदौसी नगर पालिका में पिछले एक साल से 112 संविदा कर्मचारियों के वेतन से काटे गए ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) के करीब 50 लाख उनके पीएफ खातों में जमा नहीं किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि पालिका के जिम्मेदार लोगों ने इस ईपीएफ की धनराशि को अन्य स्थानों पर खर्च कर दिया। अब जिम्मेदार नगर पालिका की आर्थिक स्थिति सही न होने की बात कह रहे हैं।
चंदौसी नगर पालिका में 112 संविदा सफाई कर्मचारी हैं। प्रत्येक कर्मचारी वेतन से ईपीएफ की कटौती होती है। एक संविदा सफाई कर्मचारी के ईपीएफ खाते में प्रतिमाह में 3720 रुपये की धनराशि जमा होनी चाहिए। इसमें कर्मचारी और पालिका दोनों का हिस्सा शामिल है। हर माह कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की धनराशि की कटौती की जा रही है लेकिन पिछले एक साल से 112 संविदा सफाई कर्मचारियों की कुल ईपीएफ धनराशि करीब 50 लाख को खातों में जमा नहीं की गई है।
भविष्य सुरक्षित करने को वेतन से कराते हैं कटौती
कर्मचारी अपने भविष्य को सुरक्षित करने, परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए वेतन से कटौती कराते हैं। ताकि अब कर्म खर्च में काम चल जाए और आगे जरूरत पड़ने पर ईपीएफ की धनराशि को इस्तेमाल किया जा सके लेकिन नगर पालिका कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। उनके वेतन से काटी गई, धनराशि को खातों में जमा कराने के बजाय दूसरे काम में खर्च कर दिया है।
विज्ञापन
एक सप्ताह पहले में ही मैं यहां स्थानांतरित होकर आया है। यदि कर्मचारियों के खातों में ईपीएफ की धनराशि जमा नहीं कराई गई है तो वह गलत है। मैं स्वयं प्रयास करके जल्द से जल्द उनके खातों में ईपीएफ की धनराशि जमा कराने का प्रयास करूंगा। इस समय पालिका की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
विजयपाल सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, चंदौसी
विज्ञापन
चंदौसी नगर पालिका में 112 संविदा सफाई कर्मचारी हैं। प्रत्येक कर्मचारी वेतन से ईपीएफ की कटौती होती है। एक संविदा सफाई कर्मचारी के ईपीएफ खाते में प्रतिमाह में 3720 रुपये की धनराशि जमा होनी चाहिए। इसमें कर्मचारी और पालिका दोनों का हिस्सा शामिल है। हर माह कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की धनराशि की कटौती की जा रही है लेकिन पिछले एक साल से 112 संविदा सफाई कर्मचारियों की कुल ईपीएफ धनराशि करीब 50 लाख को खातों में जमा नहीं की गई है।
विज्ञापन
भविष्य सुरक्षित करने को वेतन से कराते हैं कटौती
कर्मचारी अपने भविष्य को सुरक्षित करने, परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए वेतन से कटौती कराते हैं। ताकि अब कर्म खर्च में काम चल जाए और आगे जरूरत पड़ने पर ईपीएफ की धनराशि को इस्तेमाल किया जा सके लेकिन नगर पालिका कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। उनके वेतन से काटी गई, धनराशि को खातों में जमा कराने के बजाय दूसरे काम में खर्च कर दिया है।
विज्ञापन
एक सप्ताह पहले में ही मैं यहां स्थानांतरित होकर आया है। यदि कर्मचारियों के खातों में ईपीएफ की धनराशि जमा नहीं कराई गई है तो वह गलत है। मैं स्वयं प्रयास करके जल्द से जल्द उनके खातों में ईपीएफ की धनराशि जमा कराने का प्रयास करूंगा। इस समय पालिका की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
विजयपाल सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, चंदौसी