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बुकनाला सादात में सात हजार की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर
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संभल/ओबरी। सात ट्रांसफार्मर दो महीने के भीतर फुंक गए लेकिन विभाग ने अब तक किसी ट्रांसफार्मर को बदला नहीं। अब यह हालात हो गए हैं कि बुधवार से गांव में करीब सात हजार की आबादी अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हो गई। न पीने को पानी है और न मोबाइल चार्ज करने की कोई व्यवस्था है। ग्रामीणों में रोष है।
विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। समाधान नहीं होने पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। संभल डिविजन के गांव बुकनाला सादात में करीब सात हजार की आबादी है। बुधवार से इस गांव में बिजली नहीं है। गांव में सात ट्रांसफार्मर विभाग की ओर से लगाए हुए हैं लेकिन फिलहाल सभी फुंके हुए हैं।
यह ट्रांसफार्मर एक दिन नहीं दो महीने के दौरान फुंके लेकिन अब तक विभागीय जिम्मेदार अंजान बने रहे। सातवां ट्रांसफार्मर बुधवार को फुंका। जिसके बाद पूरा गांव अंधेरे में हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जर्जर लाइन और कम क्षमता के ट्रांसफार्मर मुश्किल का सबब हैं। बिजली विभाग सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सुनवाई जल्द नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन होगा।
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विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। समाधान नहीं होने पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। संभल डिविजन के गांव बुकनाला सादात में करीब सात हजार की आबादी है। बुधवार से इस गांव में बिजली नहीं है। गांव में सात ट्रांसफार्मर विभाग की ओर से लगाए हुए हैं लेकिन फिलहाल सभी फुंके हुए हैं।
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यह ट्रांसफार्मर एक दिन नहीं दो महीने के दौरान फुंके लेकिन अब तक विभागीय जिम्मेदार अंजान बने रहे। सातवां ट्रांसफार्मर बुधवार को फुंका। जिसके बाद पूरा गांव अंधेरे में हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जर्जर लाइन और कम क्षमता के ट्रांसफार्मर मुश्किल का सबब हैं। बिजली विभाग सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सुनवाई जल्द नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन होगा।
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