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पब्लिक ट्रांस्पोर्ट बंद होने से कुछ लोग चले पैदल, बाइक सवारों ने की मदद
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संभल के शंकर चौराहे पर मौजूद अर्धसैनिक बल।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। प्रधानमंत्री के आग्रह पर जनता कर्फ्यू सफल रहा। लोगों ने बड़े खतरे को टालने के लिए खुद को घर में कैद किया। इसी क्रम में पब्लिक ट्रांस्पोर्ट व्यवस्था भी बंद रही, लेकिन इस व्यवस्था के बंद होने पर कुछ लोगों को कई कई किलोमीटर दूर तक पैदल चलना पड़ा। यह वे लोग थे जो दूर दराज गए हुए थे और घर लौटना बेहद जरूरी था। अपने गंतव्य को ट्रेन से चल पड़े लेकिन स्टेशन उतरने के बाद कोई वाहन नहीं मिला। जिससे इन्हें पैदल चलना पड़ा।
तहसील क्षेत्र के गांव मिलक मिठौली निवासी जावेद ने बताया कि वह इलाहाबाद में मकान निर्माण की ठेकेदारी करते हैं। वह ट्रेन से चंदौसी तक आ गए लेकिन स्टेशन से उन्हें कोई वाहन नहीं मिला जिससे वह अपने घर को पहुंच पाते। मजबूरन पैदल ही चलना पड़ा। सरथल खेड़ा पहुंचने पर एक बाइक सवार ने मदद की और भवानीपुर तक छोड़ दिया। जिसके बाद वह अपने घर पहुंचे।
दूसरे राहगीर गजरौला निवासी महेश ने बताया कि वह इलाहाबाद से आए हैं। किसी काम से गए थे लेकिन चंदौसी में धोखे से उतर गए और ट्रेन चली गई। लेकिन कोई वाहन नहीं मिलने से पैदल कई किलोमीटर दूर तक चलना पड़ा। संभल तक एक बाइक सवार ने मदद की है। अब घर पहुंचने के लिए फिर किसी की मदद का इंतेजार है।
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तहसील क्षेत्र के गांव मिलक मिठौली निवासी जावेद ने बताया कि वह इलाहाबाद में मकान निर्माण की ठेकेदारी करते हैं। वह ट्रेन से चंदौसी तक आ गए लेकिन स्टेशन से उन्हें कोई वाहन नहीं मिला जिससे वह अपने घर को पहुंच पाते। मजबूरन पैदल ही चलना पड़ा। सरथल खेड़ा पहुंचने पर एक बाइक सवार ने मदद की और भवानीपुर तक छोड़ दिया। जिसके बाद वह अपने घर पहुंचे।
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दूसरे राहगीर गजरौला निवासी महेश ने बताया कि वह इलाहाबाद से आए हैं। किसी काम से गए थे लेकिन चंदौसी में धोखे से उतर गए और ट्रेन चली गई। लेकिन कोई वाहन नहीं मिलने से पैदल कई किलोमीटर दूर तक चलना पड़ा। संभल तक एक बाइक सवार ने मदद की है। अब घर पहुंचने के लिए फिर किसी की मदद का इंतेजार है।
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