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हंगामे व विरोध के चलते अतिक्रमण हटाओ अभियान बीच में रूका
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चंदौसी में अतिक्रमण हटाने के दौरान लगी व्यापारियों की भीड़
- फोटो : CHANDAUSI
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चंदौसी। नगर पालिका प्रशासन ने पुलिस व यातायात पुलिस के सहयोग से फव्वारा चौक से शक्ति नगर चौराहे तक अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। दोपहर करीब 12 बजे से शुरू हुए अभियान में अतिक्रमण हटाने के दौरान नगर पालिका के अधिकारियों व व्यापारियों में जमकर नोकझोंक हुई। एक व्यापारी ने पालिका अधिकारियों को आत्मदाह करने की चेतावनी भी दे डाली। इसके बाद व्यापारियों को तीन दिन में स्वयं अतिक्रमण हटाने का समय देकर बीच में अभियान रोक दिया गया।
बुधवार की दोपहर 12 बजे फव्वारा चौक से नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राजकुमार, जेई केके अग्रवाल, सफाई निरीक्षक प्रियंका सिंह ने पुलिस व यातायात पुलिस के सहयोेग से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। शुरू में छुटपुट विरोध के बीच नगर पालिका के कर्मचारी जेसीबी से दुकानों के आगे बने स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को हटाते रहे। अभियान जब एसएम इंटर कालेज परिसर में बनी दुकानों तक पहुंचा तो व्यापारी एकत्र हो गए। दुकानों के आगे बनी पैड़ी तोड़ने का विरोध शुरू कर दिया।
नीरज चौधरी, दिलीप कुमार सहित अन्य व्यापारियों की नगर पालिका के ईओ व जेई से जमकर नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस ने हस्तक्षेप कराने का प्रयास किया, तो व्यापारी पुलिस की बात भी मानने को तैयार नहीं थे। दादा स्वीट्स के मालिक दिलीप कुमार ने पालिका अधिकारियों को पैड़ी तोड़ने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली। इस पर मामले ने और तूल पकड़ लिया। कुछ अन्य व्यापारियों ने मोर्चा संभाल कर नगर पालिका का जमकर विरोध करना शुरू कर दिया।
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मौके पर मौजूद पुलिस भी मामले को निपटाने में अक्षम नजर नहीं आ रही थी। हंगामे की सूचना पर पुलिस बल के साथ पहुंचे इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, तो व्यापारी उनसे भी नोकझोंक करने लगे। इसके बाद व्यापारियों को स्वयं ही दुकानों के आगे अतिक्रमण को हटाने का तीन दिन का समय देकर मामला शांत करा दिया गया। इसके बाद पालिका अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाओ को बीच में ही रोक दिया।
‘अतिक्रमण हटाने के दौरान पक्षपात कर रही थी पालिका’
व्यापारी नीरज चौधरी, दिलीप कुमार ने बताया कि फव्वारा चौक से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान उन्हीं दुकानों के आगे का अभियान हटाया जा रहा था, जिसके आगे नगर पालिका के अधिकारी जेसीबी चालक को इशारा कर रहे थे। यह नजारा देख नागरिकों में भी रोष व्याप्त हो रहा था। गांधी पार्क के सामने ही नाले पर बनी दुकान को पालिका ने ध्वस्त नहीं कराया। साथ ही कई दुकानों के आगे के स्लैब भी नहीं तुड़वाए, जो अतिक्रमण के दायरे में आ रहे थे।
अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदारों से वसूला जुर्माना
बुधवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान 15 दुकानदारों से 6500 रुपये जुर्माना वसूला गया। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जेसीबी से अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानों का चालान काटा जा रहा था। ड्ढसकी धनराशि दुकान स्वामी से वसूली जा रही थी।
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बुधवार की दोपहर 12 बजे फव्वारा चौक से नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राजकुमार, जेई केके अग्रवाल, सफाई निरीक्षक प्रियंका सिंह ने पुलिस व यातायात पुलिस के सहयोेग से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। शुरू में छुटपुट विरोध के बीच नगर पालिका के कर्मचारी जेसीबी से दुकानों के आगे बने स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को हटाते रहे। अभियान जब एसएम इंटर कालेज परिसर में बनी दुकानों तक पहुंचा तो व्यापारी एकत्र हो गए। दुकानों के आगे बनी पैड़ी तोड़ने का विरोध शुरू कर दिया।
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नीरज चौधरी, दिलीप कुमार सहित अन्य व्यापारियों की नगर पालिका के ईओ व जेई से जमकर नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस ने हस्तक्षेप कराने का प्रयास किया, तो व्यापारी पुलिस की बात भी मानने को तैयार नहीं थे। दादा स्वीट्स के मालिक दिलीप कुमार ने पालिका अधिकारियों को पैड़ी तोड़ने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली। इस पर मामले ने और तूल पकड़ लिया। कुछ अन्य व्यापारियों ने मोर्चा संभाल कर नगर पालिका का जमकर विरोध करना शुरू कर दिया।
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मौके पर मौजूद पुलिस भी मामले को निपटाने में अक्षम नजर नहीं आ रही थी। हंगामे की सूचना पर पुलिस बल के साथ पहुंचे इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, तो व्यापारी उनसे भी नोकझोंक करने लगे। इसके बाद व्यापारियों को स्वयं ही दुकानों के आगे अतिक्रमण को हटाने का तीन दिन का समय देकर मामला शांत करा दिया गया। इसके बाद पालिका अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाओ को बीच में ही रोक दिया।
‘अतिक्रमण हटाने के दौरान पक्षपात कर रही थी पालिका’
व्यापारी नीरज चौधरी, दिलीप कुमार ने बताया कि फव्वारा चौक से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान उन्हीं दुकानों के आगे का अभियान हटाया जा रहा था, जिसके आगे नगर पालिका के अधिकारी जेसीबी चालक को इशारा कर रहे थे। यह नजारा देख नागरिकों में भी रोष व्याप्त हो रहा था। गांधी पार्क के सामने ही नाले पर बनी दुकान को पालिका ने ध्वस्त नहीं कराया। साथ ही कई दुकानों के आगे के स्लैब भी नहीं तुड़वाए, जो अतिक्रमण के दायरे में आ रहे थे।
अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदारों से वसूला जुर्माना
बुधवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान 15 दुकानदारों से 6500 रुपये जुर्माना वसूला गया। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जेसीबी से अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानों का चालान काटा जा रहा था। ड्ढसकी धनराशि दुकान स्वामी से वसूली जा रही थी।