{"_id":"5ec57efb8ebc3e905f4823c2","slug":"double-murder-in-sambhal-chandausi-news-mbd349866247","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता-पुत्र की एक साथ चिता जलती देखकर हर आंख हुई नम,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता-पुत्र की एक साथ चिता जलती देखकर हर आंख हुई नम,
विज्ञापन
चंदौसी के ग्राम फतेहपुर शमशोई में दोहरे हत्याकांड के बाद घर में गुमसुम बैठे परिजन।
- फोटो : CHANDAUSI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी। फतेहपुर शमसोई में दोहरे हत्याकांड के बाद गांव के ही श्मशान में पिता पुत्र की चिता एक साथ जलती देखी, तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। मन में हृदय विदारक घटना घूमने लगी। मृतक सपा नेता छोटेलाल दिवाकर के छोटे बेटे विकास ने पिता व भाई की चिता को मुखाग्नि दी।
मंगलवार की सुबह गांव फतेहपुर शमसोई में ग्राम प्रधान पति व समाजवादी नेता छोटेलाल दिवाकर, उनके बेटे सुनील की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम के बाद देरशाम शव परिजनों को सौंप दिये गए। अंतिम यात्रा में सभी ग्रामीण मौजूद रहे।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। देरशाम गांव में ही स्थित श्मशान में पिता पुत्र की चिता लगाई गई। विकास ने पिता व भाई की चिता को मुखाग्नि दी। श्मशान घाट में दोनों चिताएं एक साथ जल उठी। आग की लपटों को देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में पानी आ गया। आंखों के समक्ष सुबह के समय का घटनाक्रम चलने लगा और लोग भावुक हो गए। हर कोई आरोपियों को कोस रहा था।
विज्ञापन
कई घरों में नहीं जले चूल्हे
पिता पुत्र की हत्या के बाद गांव में गम का माहौल है। उनके परिवार व आसपास के कई घरों में चूल्हे नहीं जले। परिजन व आस पास के इसी चिंतन में है, इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई।
विज्ञापन
मंगलवार की सुबह गांव फतेहपुर शमसोई में ग्राम प्रधान पति व समाजवादी नेता छोटेलाल दिवाकर, उनके बेटे सुनील की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम के बाद देरशाम शव परिजनों को सौंप दिये गए। अंतिम यात्रा में सभी ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। देरशाम गांव में ही स्थित श्मशान में पिता पुत्र की चिता लगाई गई। विकास ने पिता व भाई की चिता को मुखाग्नि दी। श्मशान घाट में दोनों चिताएं एक साथ जल उठी। आग की लपटों को देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में पानी आ गया। आंखों के समक्ष सुबह के समय का घटनाक्रम चलने लगा और लोग भावुक हो गए। हर कोई आरोपियों को कोस रहा था।
विज्ञापन
कई घरों में नहीं जले चूल्हे
पिता पुत्र की हत्या के बाद गांव में गम का माहौल है। उनके परिवार व आसपास के कई घरों में चूल्हे नहीं जले। परिजन व आस पास के इसी चिंतन में है, इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई।