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जिला प्रशासन को नहीं मालूम संभल से बहजोई की दूरी
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संभल/सरायतरीन। मामला हाईकोर्ट में लंबित होने की वजह से जिला मुख्यालय के लिए जमीन खरीदी नहीं गई।वैसे शासन से 32.28 करोड़ आवंटित हो चुके हैं। यह जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय के जन सूचना अधिकारी ने दी है।
सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सरायतरीन निवासी अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने जिलाधिकारी से जिला मुख्यालय और जिला स्तरीय कार्यालयों के संचालन को लेकर सवाल किए। एक सवाल यह था कि बहजोई स्थित जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय से संभल स्थित कोषागार की दूरी कितनी है। इसके जवाब में लिखा गया है कि कार्यालय अभिलेख के अनुसार कोई दूरी का प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी आएदिन बहजोई से संभल स्थित कोषागार आते जाते हैं। अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी संभल से 20 जून 2020 को जिला मुख्यालय से जुड़ी सूचनाएं मांगीं थीं क्योंकि वह इस मामले में कोर्ट जाना चाहते हैं लेकिन पहले तो सूचनाएं देने से टाला गया लेकिन जब उन्होंने आयोग में अपील की और उस पर 24 फरवरी की तिथि तय हो गई तो आठ महीने बाद सूचनाएं दे दीं गईं। एक सवाल के जवाब में जिलाधिकारी कार्यालय के जन सूचना अधिकारी ने यह भी कहा है कि जिला संभल का वर्तमान में अस्थायी मुख्यालय बहजोई में बना है। नए जनपद के मुख्यालय के लिए कितने रुपये आवंटित हुए और कितनी भूमि अधिग्रहीत हुई इस सवाल के जवाब में लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अर्जन के लिए 32 करोड़ 28 लाख रुपये आवंटित किए हैं।लेकिन हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका लंबित होने की वजह से जमीन नहीं खरीदी गी है।
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सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सरायतरीन निवासी अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने जिलाधिकारी से जिला मुख्यालय और जिला स्तरीय कार्यालयों के संचालन को लेकर सवाल किए। एक सवाल यह था कि बहजोई स्थित जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय से संभल स्थित कोषागार की दूरी कितनी है। इसके जवाब में लिखा गया है कि कार्यालय अभिलेख के अनुसार कोई दूरी का प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी आएदिन बहजोई से संभल स्थित कोषागार आते जाते हैं। अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी संभल से 20 जून 2020 को जिला मुख्यालय से जुड़ी सूचनाएं मांगीं थीं क्योंकि वह इस मामले में कोर्ट जाना चाहते हैं लेकिन पहले तो सूचनाएं देने से टाला गया लेकिन जब उन्होंने आयोग में अपील की और उस पर 24 फरवरी की तिथि तय हो गई तो आठ महीने बाद सूचनाएं दे दीं गईं। एक सवाल के जवाब में जिलाधिकारी कार्यालय के जन सूचना अधिकारी ने यह भी कहा है कि जिला संभल का वर्तमान में अस्थायी मुख्यालय बहजोई में बना है। नए जनपद के मुख्यालय के लिए कितने रुपये आवंटित हुए और कितनी भूमि अधिग्रहीत हुई इस सवाल के जवाब में लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अर्जन के लिए 32 करोड़ 28 लाख रुपये आवंटित किए हैं।लेकिन हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका लंबित होने की वजह से जमीन नहीं खरीदी गी है।
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