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दरोगा ने महिला के पेट पर मारी लात
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 06 Nov 2017 01:08 AM IST
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संभल जिला अस्पताल में पड़ी पीड़ित महिला।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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नखासा थाना क्षेत्र की एक पुलिस चौकी के दरोगा पर महिला ने आरोप लात मारने का आरोप लगाया है। एएसपी ने पूरे मामले में सीओ संभल को जांच के निर्देश दिए हैं। नखासा थाना क्षेत्र मिलक शाहपुर चमारान निवासी गुड्डू की पत्नी राजवती रविवार को दोपहर अपने पति के संग जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंची। उसके हाथ में एक पैकेट था जिसमें साढ़े तीन माह का एक शिशु भ्रूण भी था। अस्पताल में उसने अपनी आपबीती को मीडिया के सामने बयान किया।
महिला ने बताया कि वह शनिवार को रात्रि में अपने घर पर थी। घर में उसके साथ चार छोटे-छोटे बच्चे थे। पति बाहर गए थे। एक दरोगा और कुछ सिपाही उसके घर आ धमके। राजवती ने बताया कि पुलिस के साथ उस लड़की के परिजन भी थे, जिसे भगा कर ले जाने के आरोप में उसका भतीजा कुंवर पाल नामजद है। राजवती ने बताया कि पुलिस ने उस पर लड़की और लड़के को बरामद कराने का दबाव बनाया जब उसने कहा कि उसे जानकारी नहीं है तो एक दरोगा उग्र हो गए। लड़की के परिजनों ने भी बदसलूकी की जबकि दरोगा ने लातें मारीं, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
पुलिस ने मारपीट के साथ घर में तोड़फोड़ की। इसके बाद धमका कर चली गई। महिला के मुताबिक उसका गर्भस्थ शिशु पुलिस की मारपीट में गिर गया। उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर आरोपों से घिरे चौकी इंचार्ज का कहना है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। आरोप झूठे हैं। जबकि अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि सीओ संभल और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को जांच के लिए भेजा है जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही कार्रवाई होगी।
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महिला ने बताया कि वह शनिवार को रात्रि में अपने घर पर थी। घर में उसके साथ चार छोटे-छोटे बच्चे थे। पति बाहर गए थे। एक दरोगा और कुछ सिपाही उसके घर आ धमके। राजवती ने बताया कि पुलिस के साथ उस लड़की के परिजन भी थे, जिसे भगा कर ले जाने के आरोप में उसका भतीजा कुंवर पाल नामजद है। राजवती ने बताया कि पुलिस ने उस पर लड़की और लड़के को बरामद कराने का दबाव बनाया जब उसने कहा कि उसे जानकारी नहीं है तो एक दरोगा उग्र हो गए। लड़की के परिजनों ने भी बदसलूकी की जबकि दरोगा ने लातें मारीं, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
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पुलिस ने मारपीट के साथ घर में तोड़फोड़ की। इसके बाद धमका कर चली गई। महिला के मुताबिक उसका गर्भस्थ शिशु पुलिस की मारपीट में गिर गया। उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर आरोपों से घिरे चौकी इंचार्ज का कहना है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। आरोप झूठे हैं। जबकि अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि सीओ संभल और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को जांच के लिए भेजा है जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही कार्रवाई होगी।
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