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ठेके की भूमि पर बोई थी फसल, बारिश में हुई खराब, परेशानी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 12:45 AM IST
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Crop was sown on contract land, rain spoiled, trouble
संभल। मौसम की मार से किसान उबर नहीं पा रहे हैं। सितंबर माह और अक्तूबर माह में बेमौसम हुई बारिश से खेत में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। बारिश से जहां धान की फसल खराब हुई, वहीं आलू भी खराब हो गया। किसी ने ठेके पर भूमि लेकर फसल बोई थी तो किसी ने फसल से होने वाले मुनाफे से बेटी के निकाह कराने की उम्मीद की थी, लेकिन बारिश ने सभी के अरमानों पर पानी फेर दिया। इसके अलावा रविवार की रात फिर से बारिश हुई है। इससे खेतों में जलभराव हो गया। तिलहन के साथ आलू की फसल की बुआई पर अब संकट खड़ा हो गया है।
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मौसम की बेरुखी ने किसानों की मेहनत व लागत के साथ उनकी उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। धान की फसल इस बार काफी अच्छी थी। ऐसे में किसानों को बीते वर्ष हुए नुकसान के भरपाई की इस बार उम्मीद थी। पहले सितंबर में बारिश हुई, जिससे धान की फसल खराब हुई। ऐसे में बची हुई फसल से लागत व मेहनत निकलने की संभावना थी। धान की फसल की कटाई का काम भी किसानों ने शुरू कर दिया था, लेकिन बारिश से खेतों में जलभराव हो गया। जिससे कटी हुई धान की फसल पानी में डूब गई। इसके अलावा तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसल भी धराशाई हो गई। ऐसे में जहां धान के उत्पादन में लक्ष्य के अनुरूप कमी आएगी, वहीं लागत निकलनी भी मुश्किल होगी।
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ठेके पर एक लाख रुपये में ली थी भूमि
गांव छछैरा निवासी धर्मेंद्र तोमर ने बताया कि बारह बीघा जमीन एक वर्ष के लिए एक लाख रुपये पर ली थी। रुपये भी दे दिए। धान की फसल में 15000 रुपये की लागत भी लगाई थी। बारिश का पानी खेत में भरे रहने से धान की फसल अंकुरित होने लगी है। बर्बाद हुई फसल का आकलन करने के लिए लेखपाल भी नहीं आए हैं।
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दो लाख रुपये का हुआ नुकसान
संभल क्षेत्र के गांव पैंतिया निवासी किसान महेश प्रजापति ने बताया कि सत्रह बीघा आलू की फसल खेत में जलभराव होने से बर्बाद हो गई। भूमि भी ठेके पर ली हुई थी। इसमें करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बर्बाद हुई फसल का अभी तक आकलन नहीं कराया गया।
दो बेटियों का करना था निकाह
संभल क्षेत्र के गांव नसीरपुर निवासी सिकान तौफीक ने बताया कि बीस बीघा जमीन पर धान की फसल की थी। बारिश से फसल बर्बाद हो गई। छह बीघा जमीन खुद की थी और 14 बीघा जमीन 10 हजार रुपये बीघा पर ठेके पर ली थी। 24 नवंबर को दो पुत्रियों का एक साथ निकाह होना था। हजारों रुपये का नुकसान फसल में हो गया। अब पुत्री का निकाह कैसे होगा। बर्बाद हुई फसल का आकलन भी अभी नहीं हुआ है।

बेटी की शादी में बारिश का व्यवधान
संभल क्षेत्र के गांव चंदनकटी मौजा निवासी महावीर सिंह ने बताया कि पंद्रह बीघा आलू की फसल इस उम्मीद से लगाई थी। कि इस फसल के मुनाफे से बेटी की शादी हो जाएगी। इसीलिए बेटी की शादी भी तय कर दी, लेकिन बारिश के कहर ने 15 बीघा आलू की फसल को बर्बाद कर दिया। अगली फसल लगाने के लिए अब कर्ज लेना ही लेना पड़ेगा। लेखपाल ने भी गांव में आकर सर्वे नहीं किया है।
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