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वारदात के बाद बदमाशों ने अमरोहा जिले के जंगलों में बनाया था ठिकाना
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संभल। संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र में दो सिपाहियों की हत्या करके भागे बदमाशों ने अमरोहा जिले के जंगलों में अपना ठिकाना बनाया था। इससे ऐसा लगता है कि पुलिस की घेराबंदी के कारण उन्हें किसी ने अपने घर में शरण नहीं दी। वैसे भी रिश्तेदारों और करीबियों के घर पुलिस ने वारदात के बाद ताबड़तोड़ दबिश दीं थीं। इसलिए भी सिपाहियों की हत्या कर भागे बदमाशों को शरण देने का साहस लोगों ने नहीं किया। शायद यही वजह है कि पुलिस को इतनी जल्दी बदमाशों को घेर पाने में सफलता मिल गई।
जहां मुठभेड़ हुई है वह स्थान संभल जिले की सीमा से लगा हुआ। जिले की सीमा सौंधन क्षेत्र स्थित लखनपुर पर समाप्त होती है वहां मात्र दो किलोमीटर अमरोहा जिले के शेरगढ़ का जंगल है। इसी जंगल में बदमाश छुपे हुए। यहां उनका ठिकाना था। वह कब से यहां पर छुपे थे। यह बात अभी साफ नहीं हुई है लेकिन पुलिस की घेराबंदी शाम छह बजे से ही हो गई थी। पुलिस ने धीरे धीरे अपनी संख्या बढ़ाई और गांव के चारों नाकाबंदी कर दी। करीब चार किलोमीटर दायरे में पुलिस का घेरा था। कोई ग्रामीण इसे पार करके जंगल की ओर नहीं आ सकता था। पुलिस क्यों जंगल की घेराबंदी किए हुए हैं। इससे भी ग्रामीण बेखबर थे। लेकिन जब साढ़े आठ बजे के करीब फायरिंग की आवाज आई तब लोगों को लगा कि कुछ हो रहा है। इसके बाद ही लोग एक-दूसरे से पूछने लगे कि क्या हो रहा है। नाकाबंदी जारी रही और गांव वाले नहीं पहुंच पाए। लेकिन मीडिया को खबर मिली गई। तो वहां पर अमरोहा और संभल के मीडिया कर्मी पहुंच गए और इसके बाद पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में कमल को मारे जाने की जानकारी दी।
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जहां मुठभेड़ हुई है वह स्थान संभल जिले की सीमा से लगा हुआ। जिले की सीमा सौंधन क्षेत्र स्थित लखनपुर पर समाप्त होती है वहां मात्र दो किलोमीटर अमरोहा जिले के शेरगढ़ का जंगल है। इसी जंगल में बदमाश छुपे हुए। यहां उनका ठिकाना था। वह कब से यहां पर छुपे थे। यह बात अभी साफ नहीं हुई है लेकिन पुलिस की घेराबंदी शाम छह बजे से ही हो गई थी। पुलिस ने धीरे धीरे अपनी संख्या बढ़ाई और गांव के चारों नाकाबंदी कर दी। करीब चार किलोमीटर दायरे में पुलिस का घेरा था। कोई ग्रामीण इसे पार करके जंगल की ओर नहीं आ सकता था। पुलिस क्यों जंगल की घेराबंदी किए हुए हैं। इससे भी ग्रामीण बेखबर थे। लेकिन जब साढ़े आठ बजे के करीब फायरिंग की आवाज आई तब लोगों को लगा कि कुछ हो रहा है। इसके बाद ही लोग एक-दूसरे से पूछने लगे कि क्या हो रहा है। नाकाबंदी जारी रही और गांव वाले नहीं पहुंच पाए। लेकिन मीडिया को खबर मिली गई। तो वहां पर अमरोहा और संभल के मीडिया कर्मी पहुंच गए और इसके बाद पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में कमल को मारे जाने की जानकारी दी।
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