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बीएसए से नोकझोंक, दफ्तर पर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी
Updated Sat, 07 Nov 2015 01:00 AM IST
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मूल तैनाती की प्रक्रिया में अनियमितता होने पर प्रशिक्षु शिक्षक भड़क गए। बीएसए दफ्तर के बाहर बैठकर प्रशिक्षु शिक्षक व शिक्षिकाओं ने जमकर हंगामा किया। नारेबाजी की गई। बीएसए से नोकझोंक भी हुई। ढाई घंटे रहे हंगामे के बीच पुलिस व डिप्टी कलेक्टर ने पहुंचकर प्रशिक्षु शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया।
बाद में अपनी मांग के अनुरूप मिले बीएसए के आश्वासन के बाद प्रशिक्षु शिक्षक व शिक्षिकाएं माने और मामला शांत हो सका। शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दफ्तर पर 72825 पदों के लिए प्रदेश भर की नियुक्ति के लिए होने वाली प्रक्रिया के तहत जिला संभल में 400 पदों के लिए मूल तैनाती की प्रक्रिया चल रही थी।
इसके तहत सुबह करीब 10 बजे से काउंटर बनाकर परिषदीय विद्यालयों में मूल तैनाती के लिए विकल्प भरवाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। दोपहर एक बजे बीएसए दफ्तर परिसर में उस समय विवाद व हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जबकि कुछ महिला प्रशिक्षु शिक्षकों ने दोबारा काउंसलिंग करवाने व ऑन रोड विद्यालय न मिलने का विरोध किया।
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प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिकाओं का कहना था कि जब दो नवंबर 2015 को पहले काउंसलिंग करा ली गई तो फिर दोबारा काउंसलिंग का क्या औचित्य है। अब क्रमांक भी बदल दिया गया। नियम के मुताबिक महिलाओं को ऑनरोड विद्यालय भी नहीं दिए जा रहे। अब मूल तैनाती के लिए दोबारा प्रक्रिया कराई जा रही है।
यह सरासर गलत है। न ही मानदेय मिला है और न ही नियुक्ति-पत्र दिया जा रहा है। प्रशिक्षु शिक्षकों व शिक्षिकाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। डिप्टी कलेक्टर संजीव कुमार और बीएसए प्रेमचंद यादव ने आश्वासन दिया कि नियम पूर्वक विकल्प भरवाए जाएंगे। इससे महिला शिक्षकों को भी दिक्कत नहीं रहेगी और नौ नवंबर 2015 को नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइनिंग कराई जाएगी। इस पर प्रशिक्षु शिक्षक व शिक्षिकाएं माने और मामला शांत हो सका।
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बाद में अपनी मांग के अनुरूप मिले बीएसए के आश्वासन के बाद प्रशिक्षु शिक्षक व शिक्षिकाएं माने और मामला शांत हो सका। शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दफ्तर पर 72825 पदों के लिए प्रदेश भर की नियुक्ति के लिए होने वाली प्रक्रिया के तहत जिला संभल में 400 पदों के लिए मूल तैनाती की प्रक्रिया चल रही थी।
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इसके तहत सुबह करीब 10 बजे से काउंटर बनाकर परिषदीय विद्यालयों में मूल तैनाती के लिए विकल्प भरवाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। दोपहर एक बजे बीएसए दफ्तर परिसर में उस समय विवाद व हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जबकि कुछ महिला प्रशिक्षु शिक्षकों ने दोबारा काउंसलिंग करवाने व ऑन रोड विद्यालय न मिलने का विरोध किया।
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प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिकाओं का कहना था कि जब दो नवंबर 2015 को पहले काउंसलिंग करा ली गई तो फिर दोबारा काउंसलिंग का क्या औचित्य है। अब क्रमांक भी बदल दिया गया। नियम के मुताबिक महिलाओं को ऑनरोड विद्यालय भी नहीं दिए जा रहे। अब मूल तैनाती के लिए दोबारा प्रक्रिया कराई जा रही है।
यह सरासर गलत है। न ही मानदेय मिला है और न ही नियुक्ति-पत्र दिया जा रहा है। प्रशिक्षु शिक्षकों व शिक्षिकाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। डिप्टी कलेक्टर संजीव कुमार और बीएसए प्रेमचंद यादव ने आश्वासन दिया कि नियम पूर्वक विकल्प भरवाए जाएंगे। इससे महिला शिक्षकों को भी दिक्कत नहीं रहेगी और नौ नवंबर 2015 को नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइनिंग कराई जाएगी। इस पर प्रशिक्षु शिक्षक व शिक्षिकाएं माने और मामला शांत हो सका।