डेढ़ करोड़ हड़पने को रचा था डकैती का ड्रामा
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संभल। हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन में रविवार की रात बटन व्यापारी के गोदा में पड़े डाके को पुलिस ने फर्जी बताया है। इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने डकैती की साजिश रचने के आरोप में वादी और दो कारीगरों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया कि 1.5 करोड़ रुपये का माल उधार लिया था। उसी को हड़पने के लिए डकैती की साजिश रची गई थी। दो कारीगरों को दस-दस हजार रुपये का लालच देकर हाथ-पैर बांध दिए और फैक्ट्री के गोदाम में कैद कर दिया। फायर करके कारीगर मोहसिन को घायल किया। पुलिस को सूचना देकर लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस शुरुआत से ही घटना को संदिग्ध मान रही थी और चार दिन तक चली जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने डकैती की वारदात को फर्जी पाया।
वादी और दोनों घायल कारीगर गिरफ्तार हो चुके हैं। 19 कट्टे बटन पुलिस ने बरामद कर लिए हैं जिस तमंचे से फायर होना बताया गया था वह तमंचा भी मिल गया है। पुलिस ने साजिश करने की रिपोर्ट वादी तथा घायलों के विरुद्ध दर्ज की है। लूटपाट की रिपोर्ट को खारिज कर दिया गया है। पीलाखदाना निवासी अफजाल उर्फ भूरा ने 22 अक्तूबर को डाका डालकर 60-70 लाख रुपये मूल्य के बटन लूटने की जानकारी दी थी। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज की थी। अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने गुरुवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डकैती फर्जी होने का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बटन व्यापारी भूरा पर बाजार का कर्ज था। लोग उससे रुपये मांग रहे थे।
ऐसे में उसने डकैती की साजिश रची। वादी भूरा और घायल कारीगरों के बयानों में उभरा विरोधाभास और सीसीटीवी फुटेज में घटना की पुष्टि न होने तथा घटना की शाम ही 12 कट्टे माल दिल्ली भेजने की पुष्टि होने और विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों से पूरी वारदात झूठी साबित हुई।
भूरा और उसके सरायतरीन निवासी दोनों कारीगरों मोहसिन और फैजान को फर्जी वारदात रचने के षड्यंत्र, घोखाधड़ी कर लोगों के रुपये हड़पने, तमंचे से फायर करके फर्जी घटना बनाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीनों का चालान किया गया। जबकि लूटपाट की रिपोर्ट खत्म कर दी गई।