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विधायक की पिटाई से घायल कांस्टेबल को नहीं दे रहा सुनाई
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sun, 25 Sep 2016 07:37 PM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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22 सितंबर को बबराला पुलिस चौकी का कांस्टेबल सतेंद्र सिंह यादव बदायूं के अपहृत युवक के विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव की कोठी पर होने की सूचना पर कोठी पर गया था। आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई।
सतेंद्र सिंह यादव की तहरीर पर विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव, उनके प्रतिनिधि केपी सिंह यादव समेत छह नामजदों व दस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है। कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह यादव ने बताया कि इस मामले की जांच उपनिरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई है। जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम देवी के पति उमेश द्वारा कांस्टेबल के खिलाफ लिखाई गई रिपोर्ट की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरेश बाबू यादव कर रहे हैं।
इधर, पिटाई के शिकार हुए कांस्टेबल सतेंद्र सिंह यादव ने बताया कि विधायक की कोठी पर हुई मारपीट के बाद उसके बाएं कान से सुनाई देना बंद हो गया है। पुलिस ने उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए गुन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा था लेकिन यहां कान का चिकित्सक नहीं होने के कारण उसे बदायूं जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
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सपा जिलाध्यक्ष ने गुन्नौर जाकर की जांच
सपा विधायक की कोठी पर कांस्टेबल की पिटाई मामले में सपा हाईकमान के आदेश पर जांच करने सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां और जिला कोषाध्यक्ष गालिब आदि पहुंचे। टीम सबसे पहले विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव के घर पहुंचीं। यहां विधायक ने इसे उनकी छवि को खराब करने की साजिश बताया।
वहीं, जबकि जिलाध्यक्ष के सामने पूर्व एमएलसी ऋषिपाल सिंह यादव (दद्दा) व खादी ग्रामोदद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रदीप यादव उर्फ गुड्डू यादव के भाई रामू यादव ने विधायक पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहाकि राम खिलाड़ी सिंह यादव विधायक की तरह काम नहीं कर रहे हैं, उनकी कार्यप्रणाली से लोगों में दहशत व्याप्त है। कुछ गोपनीय पत्र भी जिलाध्यक्ष को सौंपे है।
इधर जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने बताया कि विधायक ने जहां अपनी सफाई देते हुए इस विवाद को छवि खराब करने की साजिश बताया तो वहीं दूसरे लोगों ने विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाए। इनकी जांच की जा रही है। प्रदेश कार्यालय को निष्पक्ष रिपोर्ट सौंपी जाएगी। क्या कार्रवाई की जानी है, यह तो प्रदेश नेतृत्व ही तय करेगा।
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सतेंद्र सिंह यादव की तहरीर पर विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव, उनके प्रतिनिधि केपी सिंह यादव समेत छह नामजदों व दस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है। कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह यादव ने बताया कि इस मामले की जांच उपनिरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई है। जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम देवी के पति उमेश द्वारा कांस्टेबल के खिलाफ लिखाई गई रिपोर्ट की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरेश बाबू यादव कर रहे हैं।
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इधर, पिटाई के शिकार हुए कांस्टेबल सतेंद्र सिंह यादव ने बताया कि विधायक की कोठी पर हुई मारपीट के बाद उसके बाएं कान से सुनाई देना बंद हो गया है। पुलिस ने उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए गुन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा था लेकिन यहां कान का चिकित्सक नहीं होने के कारण उसे बदायूं जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
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सपा जिलाध्यक्ष ने गुन्नौर जाकर की जांच
सपा विधायक की कोठी पर कांस्टेबल की पिटाई मामले में सपा हाईकमान के आदेश पर जांच करने सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां और जिला कोषाध्यक्ष गालिब आदि पहुंचे। टीम सबसे पहले विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव के घर पहुंचीं। यहां विधायक ने इसे उनकी छवि को खराब करने की साजिश बताया।
वहीं, जबकि जिलाध्यक्ष के सामने पूर्व एमएलसी ऋषिपाल सिंह यादव (दद्दा) व खादी ग्रामोदद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रदीप यादव उर्फ गुड्डू यादव के भाई रामू यादव ने विधायक पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहाकि राम खिलाड़ी सिंह यादव विधायक की तरह काम नहीं कर रहे हैं, उनकी कार्यप्रणाली से लोगों में दहशत व्याप्त है। कुछ गोपनीय पत्र भी जिलाध्यक्ष को सौंपे है।
इधर जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने बताया कि विधायक ने जहां अपनी सफाई देते हुए इस विवाद को छवि खराब करने की साजिश बताया तो वहीं दूसरे लोगों ने विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाए। इनकी जांच की जा रही है। प्रदेश कार्यालय को निष्पक्ष रिपोर्ट सौंपी जाएगी। क्या कार्रवाई की जानी है, यह तो प्रदेश नेतृत्व ही तय करेगा।