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भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाने की सूचना पर छापेमारी
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चंदौसी/कुढफतेहगढ। मुड़िया खेड़ा स्थित ईंट भट्टा पर मजदूरों के बंधक बनाने की सूचना पर एसडीएम व सीओ ने छापेमारी की लेकिन वहां मामला बंधक बनाने का नहीं बल्कि पेशगी नहीं दिए जाने का निकला। श्रमिकों ने पेशगी रुपये नहीं मिलने पर बंधक बनाने की सूचना प्रशासन को दे दी थी। श्रमिकों को उनके घर भिजवा दिया गया है।
कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया खेड़ा स्थित नवनिर्मित भट्ठा ईंट उद्योग पर श्रमिकों को बंधक बनाने की सूचना उप जिलाधिकारी को मिली तो एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित व क्षेत्राधिकारी डा. केके सरोज ने गुरुवार की शाम भट्ठे पर छापा मार दिया।
जिससे यहां खलबली मच गई। लेकिन जब मजदूरों से बातचीत की गई तो मामला बंधक बनाने का नहीं बल्कि पेशगी मांगने का निकला। श्रमिकों ने जानकारी दी कि जो ठेकेदार उन्हें यहां काम कराने के लिए लेकर आया था कि उन्हें भट्ठे पर चल कर पेशगी (अग्रिम भुगतान) दी जाएगी। ठेकेदार सिर्फ दो-दो हजार रुपये देकर भट्ठे पर लेकर आया था। जब उन्होंने भट्ठा मालिक से खर्च और पेशगी रुपये मांगे तो भट्ठा संचालक ने कह दिया कि उसने ठेकेदार को ढाई लाख रुपये पेशगी दे दिए हैं। वह लोग ठेकेदार से ही बात करें। मजदूरों ने जब रुपये मांगे तो भट्ठे के मुंशी ने उनके साथ अभद्रता की।
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कड़ाके की ठंड के मौसम में झोपड़ी में ठंड लगने के कारण श्रमिक व उनके बच्चे बीमारी हो रहे हैं। भट्ठा संचालक ने ठेकेदार को बुलाने की बात कही तो ठेकेदार ने फोन स्वीच ऑफ कर लिया। अधिकारियों ने जब पूछा कि श्रमिक अब कहां जाना चाहते हैं तो उन्होंने घर जाने की बात कही। अधिकारियों के निर्देश पर सभी मजदूरों को उनके घरों को भिजवा दिया। क्षेत्राधिकारी डा. केके सरोज ने बताया कि मजदूरों को बंधक नहीं बनाया गया था, पेशगी रुपये नहीं मिलने के कारण बंधक बनाने की सूचना दे दी गई थी। मजदूरों को उनके गांव भिजवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया खेड़ा स्थित नवनिर्मित भट्ठा ईंट उद्योग पर श्रमिकों को बंधक बनाने की सूचना उप जिलाधिकारी को मिली तो एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित व क्षेत्राधिकारी डा. केके सरोज ने गुरुवार की शाम भट्ठे पर छापा मार दिया।
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जिससे यहां खलबली मच गई। लेकिन जब मजदूरों से बातचीत की गई तो मामला बंधक बनाने का नहीं बल्कि पेशगी मांगने का निकला। श्रमिकों ने जानकारी दी कि जो ठेकेदार उन्हें यहां काम कराने के लिए लेकर आया था कि उन्हें भट्ठे पर चल कर पेशगी (अग्रिम भुगतान) दी जाएगी। ठेकेदार सिर्फ दो-दो हजार रुपये देकर भट्ठे पर लेकर आया था। जब उन्होंने भट्ठा मालिक से खर्च और पेशगी रुपये मांगे तो भट्ठा संचालक ने कह दिया कि उसने ठेकेदार को ढाई लाख रुपये पेशगी दे दिए हैं। वह लोग ठेकेदार से ही बात करें। मजदूरों ने जब रुपये मांगे तो भट्ठे के मुंशी ने उनके साथ अभद्रता की।
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कड़ाके की ठंड के मौसम में झोपड़ी में ठंड लगने के कारण श्रमिक व उनके बच्चे बीमारी हो रहे हैं। भट्ठा संचालक ने ठेकेदार को बुलाने की बात कही तो ठेकेदार ने फोन स्वीच ऑफ कर लिया। अधिकारियों ने जब पूछा कि श्रमिक अब कहां जाना चाहते हैं तो उन्होंने घर जाने की बात कही। अधिकारियों के निर्देश पर सभी मजदूरों को उनके घरों को भिजवा दिया। क्षेत्राधिकारी डा. केके सरोज ने बताया कि मजदूरों को बंधक नहीं बनाया गया था, पेशगी रुपये नहीं मिलने के कारण बंधक बनाने की सूचना दे दी गई थी। मजदूरों को उनके गांव भिजवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।