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वितीय अधिकार सीज होने के बावजूद निकाल ली खाते से धनराशि
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बहजोई। वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद विकास कार्यों की धनराशि निकालने के आरोप में ग्राम प्रधान समेत ग्राम सचिव व बैंक प्रबंधक के खिलाफ जिलाधिकारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। यह जानकारी देते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि बीती 7 जनवरी 2019 को विकास कार्यों में धांधली व वित्तीय अनियमितता के आरोप में विकासखंड गुन्नौर की पंचायत पंवारी के ग्राम प्रधान अनिल कुमार को निलंबित करते हुए वित्तीय अधिकार सीज किए गए थे।
इसके बाद ग्राम पंचायत को संचालित करने के लिए त्रिसदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। डीपीआरओ ने बताया कि 6 अप्रैल 2019 को तीन सदस्यीय समिति के सदस्य नेमवती, नेतराम व तोताराम ने जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपकर आरोप लगाया था कि निलंबित ग्राम प्रधान ने वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद सचिव के साथ मिलकर संयुक्त हस्ताक्षर कर बबराला की एक बैंक से लाखों रुपये की धनराशि आहरित कर ली थी।
शिकायत कर्ताओं की ओर से दिए गए साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद सामने आया कि 25 मार्च 2019 को एक ही तिथि में ग्राम प्रधान अनिल कुमार व सचिव आकाश कुमार ने 11 लाख 22 हजार 4 सौ 96 रुपये की धनराशि नियम विरूद्घ ग्राम पंचायतों के अभिलेखों में हेराफेरी कर निकाली गई है। इस संदर्भ में 9 अप्रैल 2019 को निलंबित ग्राम प्रधान, सचिव व बैंक प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया लेकिन ग्राम प्रधान की ओर से कोई भी जवाब नहीं दिया गया, जबकि सचिव व बैंक प्रबंधक की ओर से अपना पक्ष रखा गया।
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डीपीआरओ ने बताया कि दोनों के जवाब संतोषजनक नहीं थे। सभी तथ्यों एवं अभिलेखों के साक्ष्यों से साफ हुआ कि निलंबित ग्राम प्रधान ने वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद सचिव के साथ मिलकर बैंक प्रबंधक की मदद से धनराशि आहरित की। डीपीआरओ के मुताबिक जिलाधिकारी के अनुमोदन पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत विकासखंड गुन्नौर को ग्राम प्रधान अनिल कुमार, सचिव आकाश कुमार व बैंक प्रबंधक नारायण सिंह के खिलाफ एफआईंआर दर्ज कराने के लिए पत्र जारी किया गया है।
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इसके बाद ग्राम पंचायत को संचालित करने के लिए त्रिसदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। डीपीआरओ ने बताया कि 6 अप्रैल 2019 को तीन सदस्यीय समिति के सदस्य नेमवती, नेतराम व तोताराम ने जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपकर आरोप लगाया था कि निलंबित ग्राम प्रधान ने वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद सचिव के साथ मिलकर संयुक्त हस्ताक्षर कर बबराला की एक बैंक से लाखों रुपये की धनराशि आहरित कर ली थी।
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शिकायत कर्ताओं की ओर से दिए गए साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद सामने आया कि 25 मार्च 2019 को एक ही तिथि में ग्राम प्रधान अनिल कुमार व सचिव आकाश कुमार ने 11 लाख 22 हजार 4 सौ 96 रुपये की धनराशि नियम विरूद्घ ग्राम पंचायतों के अभिलेखों में हेराफेरी कर निकाली गई है। इस संदर्भ में 9 अप्रैल 2019 को निलंबित ग्राम प्रधान, सचिव व बैंक प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया लेकिन ग्राम प्रधान की ओर से कोई भी जवाब नहीं दिया गया, जबकि सचिव व बैंक प्रबंधक की ओर से अपना पक्ष रखा गया।
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डीपीआरओ ने बताया कि दोनों के जवाब संतोषजनक नहीं थे। सभी तथ्यों एवं अभिलेखों के साक्ष्यों से साफ हुआ कि निलंबित ग्राम प्रधान ने वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद सचिव के साथ मिलकर बैंक प्रबंधक की मदद से धनराशि आहरित की। डीपीआरओ के मुताबिक जिलाधिकारी के अनुमोदन पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत विकासखंड गुन्नौर को ग्राम प्रधान अनिल कुमार, सचिव आकाश कुमार व बैंक प्रबंधक नारायण सिंह के खिलाफ एफआईंआर दर्ज कराने के लिए पत्र जारी किया गया है।