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गुन्नौर विधायक ने सीएम से मिलकर की स्थानीय प्रशासन की शिकायत
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संभल। जिले की सीमा को लांघकर गुन्नौर तहसील में गंगा किनारे होने वाले बालू के अवैध खनन के मामले में गुन्नौर विधायक ने सीएम से मिलकर स्थानीय प्रशासन की शिकायत की है। जिसमें तहसील में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत ने बालू के अवैध होने पर रॉयल्टी न वसूलकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। जिसके लिए सीएम से मिलकर एकत्रित किए गए सभी साक्ष्यों को राजस्व विभाग के सचिव को सौंपा गया है। जहां उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करके कार्रवाई की मांग की है।
गुन्नौर के भाजपा विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू यादव पूर्व योजना के अनुसार गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी से मिलकर अपने विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय प्रशासन की शिकायत की। जिसमें स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों के साथ गंभीर आरोप लगाए हैं।
सीएम से मिले आश्वासन के बाद राजस्व सचिव से मुलाकात करते हुए विधायक ने कहा कि स्थानीय प्रशासन की मिली भगत से गंगा नदी के किनारे बालू का अवैध खनन हुआ। जिसका सहसवान विधायक ने विधानसभा में प्रश्न भी उठाया। जिसकी शिकायत में प्रशासन ने खनन की घटना को नकार दिया लेकिन खनन की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट देने वाले हल्का लेखपाल को बिना वजह निलंबित कर दिया।
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जबकि प्रशासन ने ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर जाकर खनन रुकवाया था और एक खनन कारोबारी को पकड़कर उसे जेल भेजा था। मौके पर साक्ष्य मिटाने के लिए खनन वाले स्थान को समतल करके फसल की बुआई करा दी गई। विधायक ने पूरे मामले में उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
लेखपाल और अधिकारियों के बीच कॉल रिकार्ड बने रहे साक्ष्य
संभल। सीएम ने मिलकर वीडियो और ऑडियो क्लिप देने वाले विधायक ने दावा किया है कि गंगा किनारे बालू के अवैध खनन होने पर जब ग्रामीणों की ओर से शिकायत की गई तो हल्का लेखपाल ने पूरे मामले को फोन से अधिकारियों को अवगत कराया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने एक खनन कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान लेखपाल और अधिकारियों के बीच फोन पर हुई वार्ता की रिकॉर्डिंग अवैध खनन की पुष्टि करती है। जब लेखपाल की जांच रिपोर्ट लीक हो गई तो प्रशासन ने लेखपाल को निलंबित कर दिया।
दोषी होने के बाद भी सीओ पर नहीं हुई कार्रवाई
संभल। विधायक की ओर से चकबंदी आयुक्त को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि एक साल पूर्व गुन्नौर तहसील में तैनात एक चकबंदी अधिकारी ने मनमानी करते हुए असरदार लोगों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया और नदी से लेकर तालाब और सड़क में चक आवंटित कर दिए। जबकि गांव उदरनपुर अजमत नगर और सिसौना डांडा में बड़े स्तर पर धांधली की थी। उदरनपुर अजमत नगर के आधा दर्जन से अधिक किसानों से वसूली की। जिसकी शिकायत के बाद चकबंदी अधिकारी दोषी पाए गए। लेकिन विभाग की ओर से दोषी चकबंदी अधिकारी को जवाब के लिए नोटिस तो दे दिया गया लेकिन अब छह माह से ज्यादा का समय बीत चुका है और तत्कालीन दोषी चकबंदी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक ने बताया कि आयुक्त की ओर से इसमें संज्ञान लिया जा रहा है। जिसमें जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा।
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संभल जिले के गुन्नौर तहसील की सीमा में गंगा किनारे बालू का अवैध खनन हुआ था। जिसकी हमने शिकायत स्थानीय प्रशासन के अलावा जिला प्रशासन से भी की थी। लेकिन तहसील प्रशासन ने अवैध खनन को नकार दिया और अवैध खनन की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट देने वाले हल्का लेखपाल को गलत तरीके से निलंबित कर दिया। जबकि आसपास के ग्रामीणों और कुछ वीडियो क्लिपों के माध्यम से वहां खनन होने की पुष्टि होती है। जिसमें एक-दो अधिकारियों और लेखपाल के बीच हुई वार्ता की रिकॉर्डिंग भी अहम साक्ष्य है। हमने सीएम से मिलकर पूरी शिकायत राजस्व सचिव को दे दी है। जिस पर जांच कमेटी बनेगी। - अजीत कुमार उर्फ राजू यादव ,भाजपा विधायक, गुन्नौर।
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गुन्नौर के भाजपा विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू यादव पूर्व योजना के अनुसार गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी से मिलकर अपने विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय प्रशासन की शिकायत की। जिसमें स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों के साथ गंभीर आरोप लगाए हैं।
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सीएम से मिले आश्वासन के बाद राजस्व सचिव से मुलाकात करते हुए विधायक ने कहा कि स्थानीय प्रशासन की मिली भगत से गंगा नदी के किनारे बालू का अवैध खनन हुआ। जिसका सहसवान विधायक ने विधानसभा में प्रश्न भी उठाया। जिसकी शिकायत में प्रशासन ने खनन की घटना को नकार दिया लेकिन खनन की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट देने वाले हल्का लेखपाल को बिना वजह निलंबित कर दिया।
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जबकि प्रशासन ने ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर जाकर खनन रुकवाया था और एक खनन कारोबारी को पकड़कर उसे जेल भेजा था। मौके पर साक्ष्य मिटाने के लिए खनन वाले स्थान को समतल करके फसल की बुआई करा दी गई। विधायक ने पूरे मामले में उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
लेखपाल और अधिकारियों के बीच कॉल रिकार्ड बने रहे साक्ष्य
संभल। सीएम ने मिलकर वीडियो और ऑडियो क्लिप देने वाले विधायक ने दावा किया है कि गंगा किनारे बालू के अवैध खनन होने पर जब ग्रामीणों की ओर से शिकायत की गई तो हल्का लेखपाल ने पूरे मामले को फोन से अधिकारियों को अवगत कराया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने एक खनन कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान लेखपाल और अधिकारियों के बीच फोन पर हुई वार्ता की रिकॉर्डिंग अवैध खनन की पुष्टि करती है। जब लेखपाल की जांच रिपोर्ट लीक हो गई तो प्रशासन ने लेखपाल को निलंबित कर दिया।
दोषी होने के बाद भी सीओ पर नहीं हुई कार्रवाई
संभल। विधायक की ओर से चकबंदी आयुक्त को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि एक साल पूर्व गुन्नौर तहसील में तैनात एक चकबंदी अधिकारी ने मनमानी करते हुए असरदार लोगों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया और नदी से लेकर तालाब और सड़क में चक आवंटित कर दिए। जबकि गांव उदरनपुर अजमत नगर और सिसौना डांडा में बड़े स्तर पर धांधली की थी। उदरनपुर अजमत नगर के आधा दर्जन से अधिक किसानों से वसूली की। जिसकी शिकायत के बाद चकबंदी अधिकारी दोषी पाए गए। लेकिन विभाग की ओर से दोषी चकबंदी अधिकारी को जवाब के लिए नोटिस तो दे दिया गया लेकिन अब छह माह से ज्यादा का समय बीत चुका है और तत्कालीन दोषी चकबंदी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक ने बताया कि आयुक्त की ओर से इसमें संज्ञान लिया जा रहा है। जिसमें जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा।
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संभल जिले के गुन्नौर तहसील की सीमा में गंगा किनारे बालू का अवैध खनन हुआ था। जिसकी हमने शिकायत स्थानीय प्रशासन के अलावा जिला प्रशासन से भी की थी। लेकिन तहसील प्रशासन ने अवैध खनन को नकार दिया और अवैध खनन की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट देने वाले हल्का लेखपाल को गलत तरीके से निलंबित कर दिया। जबकि आसपास के ग्रामीणों और कुछ वीडियो क्लिपों के माध्यम से वहां खनन होने की पुष्टि होती है। जिसमें एक-दो अधिकारियों और लेखपाल के बीच हुई वार्ता की रिकॉर्डिंग भी अहम साक्ष्य है। हमने सीएम से मिलकर पूरी शिकायत राजस्व सचिव को दे दी है। जिस पर जांच कमेटी बनेगी। - अजीत कुमार उर्फ राजू यादव ,भाजपा विधायक, गुन्नौर।