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कोरोना : पचास प्रतिशत न्यायिक अधिकारी ही करेंगे कार्य
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चंदौसी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश की सभी न्यायालयों व अधिकरणों के कामकाज के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि न्यायालयों में एक बार में पचास प्रतिशत ही न्यायिक अधिकारी ही कार्य कर सकेंगे।
चंदौसी जिला न्यायालय के निवर्तमान सचिव सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के रजिस्ट्रार जनरल आशीष गर्ग ने अपने पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी न्यायालयों व अधिकरणों के कामकाज के लिए स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला न्यायाधीश यह सुनिश्चित करेंगे कि कुल संख्या के पचास प्रतिशत अधिकारी एक बार में रोटेशन के आधार पर न्यायालय में उपस्थित होंगे। साथ ही यह निर्देश दिए है कि गर्भवती महिला, न्यायिक अधिकारी व कर्मचारियों को न्यायालय में उपस्थित होने की छूट होगी। यदि आवश्यकता हो तो उन्हें घर से कार्य करने की अनुमति दी जाएगी।
न्यायालय परिसर में भी वादकारियों व अन्य प्रतिनिधियों को पूर्णतय निषेध होगा। आवश्यकता होने पर जिला न्यायाधीश की पूर्व अनुमति से वादियों या अन्य व्यक्तियों को न्यायालयों में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। यह दिशा निर्देश 17 जनवरी से अग्रिम आदेश तक प्रभावी रहेंगे।
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चंदौसी जिला न्यायालय के निवर्तमान सचिव सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के रजिस्ट्रार जनरल आशीष गर्ग ने अपने पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी न्यायालयों व अधिकरणों के कामकाज के लिए स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला न्यायाधीश यह सुनिश्चित करेंगे कि कुल संख्या के पचास प्रतिशत अधिकारी एक बार में रोटेशन के आधार पर न्यायालय में उपस्थित होंगे। साथ ही यह निर्देश दिए है कि गर्भवती महिला, न्यायिक अधिकारी व कर्मचारियों को न्यायालय में उपस्थित होने की छूट होगी। यदि आवश्यकता हो तो उन्हें घर से कार्य करने की अनुमति दी जाएगी।
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न्यायालय परिसर में भी वादकारियों व अन्य प्रतिनिधियों को पूर्णतय निषेध होगा। आवश्यकता होने पर जिला न्यायाधीश की पूर्व अनुमति से वादियों या अन्य व्यक्तियों को न्यायालयों में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। यह दिशा निर्देश 17 जनवरी से अग्रिम आदेश तक प्रभावी रहेंगे।
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