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आयोग ने दिया मौत के बाद क्लेम भुगतान का आदेश
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चंदौसी। चंदौसी निवासी व्यक्ति ने एक कंपनी से बीमा कराया था। एक दिन उनकी अचानक सीने में दर्द से मौत हो गई। बाद में नॉमिनी के द्वारा क्लेम की धनराशि के लिए दावा किया गया, जिसपर बीमा कंपनी ने क्लेम की धनराशि का भुगतान करने से इनकार कर दिया था। इस मामले की शिकायत के बाद जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने सुनवाई की तथा बीमा कंपनी को क्लेम की 7.37 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय ने बताया कि चंदौसी निवासी सुबोध कुमार ने एचडीएफसी हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी से मकान बनाने के लिए लोन लिया था। लोन की सुरक्षा के लिए कंपनी ने ही एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से सुबोध कुमार का बीमा करा लिया था। ताकि उनके साथ कोई दुर्घटना होती है तो उनकी लोन की धनराशि का भुगतान आसानी से प्राप्त हो जाए।
सितंबर 2020 में सुबोध कुमार की अचानक सीने में दर्द होने पर उपचार के दौरान मौत हो गई। बीमा में उनकी पत्नी कमलेश देवी पॉलिसी में नॉमिनी थी। उन्होंने क्लेम फाइल किया, लेकिन कंपनी ने अपनी बीमा पॉलसी की शर्तों का हवाला देते हुए इसे गंभीर बीमारी न मानकर उनका क्लेम देने से इनकार कर दिया। कमलेश देवी इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बहजोई में शिकायत की। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष राम अचल यादव एवं सदस्य आशुतोष सिंह की पीठ ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। उनकी मौत को गंभीर मानते हुए कमलेश कुमारी के पक्ष में निर्णय दिया है। बीमा कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह लोन की धनराशि 737496 का ब्याज सहित दो माह में भुगतान करें तथा पांच हजार रुपये वाद व्यय के अदा करें।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय ने बताया कि चंदौसी निवासी सुबोध कुमार ने एचडीएफसी हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी से मकान बनाने के लिए लोन लिया था। लोन की सुरक्षा के लिए कंपनी ने ही एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से सुबोध कुमार का बीमा करा लिया था। ताकि उनके साथ कोई दुर्घटना होती है तो उनकी लोन की धनराशि का भुगतान आसानी से प्राप्त हो जाए।
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सितंबर 2020 में सुबोध कुमार की अचानक सीने में दर्द होने पर उपचार के दौरान मौत हो गई। बीमा में उनकी पत्नी कमलेश देवी पॉलिसी में नॉमिनी थी। उन्होंने क्लेम फाइल किया, लेकिन कंपनी ने अपनी बीमा पॉलसी की शर्तों का हवाला देते हुए इसे गंभीर बीमारी न मानकर उनका क्लेम देने से इनकार कर दिया। कमलेश देवी इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बहजोई में शिकायत की। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष राम अचल यादव एवं सदस्य आशुतोष सिंह की पीठ ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। उनकी मौत को गंभीर मानते हुए कमलेश कुमारी के पक्ष में निर्णय दिया है। बीमा कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह लोन की धनराशि 737496 का ब्याज सहित दो माह में भुगतान करें तथा पांच हजार रुपये वाद व्यय के अदा करें।
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