चंदौसी: किसान आंदोलन में दर्ज हुए मुकदमे वापस ले सरकार, तहसील में किसानों ने किया प्रदर्शन
भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। जिला प्रशासन पर भष्ट्राचार का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। जिसमें किसान आंदोलन के समय किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने की मांग की गई।
प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव ने अगुवाई में सोमवार की सुबह यूनियन के दर्जनों कार्यकर्ता और पदाधिकारी मंडी नवीन परिसर में एकत्र हुए। यहां से पैदल मार्च करते हुए तहसील परिसर में पहुंचकर विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। विजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसान आंदोलन के समय दर्ज हुए मुकदमों को केंद्र सरकार ने वापस लेने का वादा किया था।
फिर भी सरकार ने मुकदमे वापस नहीं किए। उन्होंने कहा कि जनपद में छुट्टा पशुओं से किसान परेशान हैं। छुट्टा पशु किसानों की फसल बर्बाद कर उनको आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनकी वजह से हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद की एक कंपनी जिस पर तहसील के राशन वितरकों तक खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी है।
वह डोर टू डोर डिलीवरी नहीं रही है। इन मामलों में जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके बाद क्षेत्रीय मांगों और संयुक्त मोर्चा से संबंधित ज्ञापन, जोकि राष्ट्रपति को संबोधित था। वह तहसीलदार धीरेंद्र सिंह को सौंपा। इस दौरान मंडल संगठन मंत्री जबर सिंह, तहसील अध्यक्ष महेश यादव, याेगेंद्र सिंह, महावीर सिंह, भुवनेश यादव, विपिन यादव आदि थे।
यूनियन की मांगें निस्तारित न होने पर होगी महापंचायत
भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर 31 दिसंबर तक क्षेत्रीय मांगों को निस्तारित नहीं किया गया तो पांच जनवरी को जिला मुख्यालय पर महापंचायत होगी। यही से आंदोलन का निर्णय लिए जाएगा।
नायब तहसीलदार को वापस लौटाया
सोमवार को तहसील परिसर के बाहर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू टिकैत के पदाधिकारी धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान नायब तहसीलदार दीपक जुरैल किसानों से वार्ता कर ज्ञापन लेने पहुंचे। भाकियू के पदाधिकारियों ने उन्हें यह कहते हुए वापस कर दिया कि वह वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता कर ज्ञापन देंगे। जिस पर नायब तहसीलदार वापस लौट गए। बाद में तहसीलदार और बीडीओ को पहुंचने पर यूनियन उन्हें ज्ञापन दिया।