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‘सरकारी खर्च पर फार्मासिस्टों को कराया जाए दो वर्ष का ब्रिज कोर्स’
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बहजोई। सीएमओ दफ्तर में जिला फार्मेसी अधिकारी की तैनाती किए जाने समेत अन्य दूसरी मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले भर के फार्मासिस्टों ने धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को दोपहर 12 बजे से मुख्य चिकित्साधिकारी दफ्तर परिसर में धरने पर बैठकर फार्मासिस्टों की ओर से प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। जिलाध्यक्ष डॉ. वाईपी जोशी ने कहा कि एसोसिएशन की मांगें पुरानी हैं। बावजूद इसके अभी तक सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। यही कारण है कि फार्मासिस्ट धरने पर बैठने को मजबूर हुए हैं। सीएमओ दफ्तर में जिला फार्मेसी अधिकारी की तैनाती होने समेत दवा लिखने का अधिकार आदि 20 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया गया है। वहीं संरक्षक अरुण कुमार गौतम और जिला मंत्री हेमेशनाथ समेत कोषाध्यक्ष जयकिशोर उमराव, लक्ष्मीनारायन यादव, डॉ. शिवकुमार वार्ष्णेय, नीरज ने भी विचार रखे।
इस बीच मुरलीधर आर्य, नेत्रपाल सिंह, पारस रस्तोगी, मनोज भारती, देवेंद्र सिंह, रवेंद्र, चंद्रप्रकाश वर्मा, दिलीप मौर्य, मगन सिंह रावत, पवन कुमार यादव, रमेश चंद्र खंडूरी, मायाराम, रजनीश रतन वर्मा, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद नोमान, मोहम्मद जफीर, मोहम्मद सलमान, पुष्पेंद्र व गिरीश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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यह हैं एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
- फार्मासिस्ट को प्राथमिक उपचार करने व दवा लिखने का अधिकार दिया जाए।
- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पद पर फार्मासिस्टों की तैनाती की जाए।
- फार्मासिस्टों को सरकारी खर्च पर 2 वर्षीय बैचलर ऑफ फार्मेसी (ब्रिज कोर्स) कराया जाए।
- पीएचसी पर चिकित्सक की गैर हाजिरी में तैनात फार्मासिस्ट का भत्ता बढ़ाकर साढ़े सात सौ रुपये किया जाए।
- फार्मासिस्टों को राजपत्रित व द्वितीय शनिवार के अवकाश के दिन कार्य करने पर एक माह अतिरिक्त वेतन और 30 दिन का आकस्मिक अवकाश दिया जाए।
- ड्रग वेयर हाउस में फार्मासिस्ट एवं चीफ फार्मासिस्ट के पदों का सृजन किया जाए।
- प्रत्येक ट्रॉमा सेंटर में फार्मासिस्ट के 3 व चीफ फार्मासिस्ट के दो पदों का मानक बनाकर पद सृजित किए जाएं।
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शनिवार को दोपहर 12 बजे से मुख्य चिकित्साधिकारी दफ्तर परिसर में धरने पर बैठकर फार्मासिस्टों की ओर से प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। जिलाध्यक्ष डॉ. वाईपी जोशी ने कहा कि एसोसिएशन की मांगें पुरानी हैं। बावजूद इसके अभी तक सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। यही कारण है कि फार्मासिस्ट धरने पर बैठने को मजबूर हुए हैं। सीएमओ दफ्तर में जिला फार्मेसी अधिकारी की तैनाती होने समेत दवा लिखने का अधिकार आदि 20 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया गया है। वहीं संरक्षक अरुण कुमार गौतम और जिला मंत्री हेमेशनाथ समेत कोषाध्यक्ष जयकिशोर उमराव, लक्ष्मीनारायन यादव, डॉ. शिवकुमार वार्ष्णेय, नीरज ने भी विचार रखे।
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इस बीच मुरलीधर आर्य, नेत्रपाल सिंह, पारस रस्तोगी, मनोज भारती, देवेंद्र सिंह, रवेंद्र, चंद्रप्रकाश वर्मा, दिलीप मौर्य, मगन सिंह रावत, पवन कुमार यादव, रमेश चंद्र खंडूरी, मायाराम, रजनीश रतन वर्मा, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद नोमान, मोहम्मद जफीर, मोहम्मद सलमान, पुष्पेंद्र व गिरीश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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यह हैं एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
- फार्मासिस्ट को प्राथमिक उपचार करने व दवा लिखने का अधिकार दिया जाए।
- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पद पर फार्मासिस्टों की तैनाती की जाए।
- फार्मासिस्टों को सरकारी खर्च पर 2 वर्षीय बैचलर ऑफ फार्मेसी (ब्रिज कोर्स) कराया जाए।
- पीएचसी पर चिकित्सक की गैर हाजिरी में तैनात फार्मासिस्ट का भत्ता बढ़ाकर साढ़े सात सौ रुपये किया जाए।
- फार्मासिस्टों को राजपत्रित व द्वितीय शनिवार के अवकाश के दिन कार्य करने पर एक माह अतिरिक्त वेतन और 30 दिन का आकस्मिक अवकाश दिया जाए।
- ड्रग वेयर हाउस में फार्मासिस्ट एवं चीफ फार्मासिस्ट के पदों का सृजन किया जाए।
- प्रत्येक ट्रॉमा सेंटर में फार्मासिस्ट के 3 व चीफ फार्मासिस्ट के दो पदों का मानक बनाकर पद सृजित किए जाएं।