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चालक ही बना था पंडित और फोटोग्राफर
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बहजोई में एनएच पर हादसे के बाद घायल चालक से जानकारी करते प्रभारी निरीक्षक।
- फोटो : CHANDAUSI
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चंदौसी। शिवानी दुल्हन तो बनी लेकिन दांपत्य जीवन शुरू होने से पहले ही काल का ग्रास बन गई। उसकी मौत के पीछे कहीं न कहीं चालक की लापरवाही होने का अनुमान लगाया जा रहा है, क्योंकि जो कार चालक दुल्हन की कार को लेकर गुरुवार की सुबह उसकी ससुराल के लिए रवाना हुआ, उसी ने उसकी शादी में मंत्र पढ़े और फेरे कराए, साथ ही फोटोग्राफी भी उसी ने की। बिना एक मिनट भी सोए दुल्हन की कार की ड्राइविंग सीट संभाल ली। शायद उसे झपकी आ गई, चंद सेकेंड की झपकी ने शिवानी की जिंदगी छीन ली।
शहर के चुन्नी मोहल्ले में बुधवार की रात गुलजार थी। क्योंकि महेंद्रपाल की बेटी शिवानी का दूल्हा मनोज बुलंदशहर जिले से बारात लेकर आया था। रातभर बरात के स्वागत से लेकर उनके खाने पीने के साथ वैवाहिक रीति रिवाज निभाए गए। सात फेरे लेने के बाद शिवानी का हाथ मनोज के हाथ में दे दिया गया। सभी परिजन और बराती काफी खुश थे।
गुरुवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे शिवानी अपने दूल्हे के साथ कार में बैठकर अपने नए घर की ओर रवाना हो गई लेकिन अभी परिजन आराम से बैठ भी नहीं पाए थे, जो मेहमान सो रहे थे, वह जाग भी नहीं पाए थे कि सिर्फ आधे घंटे बाद यानी सुबह आठ बजे शिवानी की कार दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने घर में खलबली मचा दी। जानकारी हुई कि विदाई से समय रोती हुई शिवानी के आंसू सूखे भी नहीं थे कि उसकी मौत हो गई। जिसने भी सुना, शिवानी की मौत पर भरोसा नहीं कर सका। हर कोई घटना स्थल की ओर रवाना हो गया। उसका शव पोस्टमार्टम के
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बाद शाम को यहां पहुंचा, नाते रिश्तेदारों ने आपस में चर्चा की तो जानकारी हुई कि दुल्हन की कार का चालक दीपक पुत्र नंदराम निवासी जहांगीराबाद (बुलंदशहर) ने ही शिवानी के फेरे डलवाए थे। उसने ही विवाह की वेदी पर मंत्र पढ़कर उसकी शादी कराई थी। इतना ही नहीं, उसने शादी में फोटोग्राफी भी की थी। वह एक मिनट को भी रात को सोया नहीं था। विदाई का वक्त हुआ तो दुल्हन की विदाई के लिए सजी कार के स्टेयरिंग पर भी दीपक ही बैठा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि सुबह के वक्त नींद अधिक जोर लगाती है, रातभर जागने के कारण शायद कार चलाते समय बबनेटा के पास ही उसे झपकी लग गई। उसकी एक सेकेंड की झपकी ने शिवानी की जिंदगी छीन ली। शिवानी के पिता महेंद्रपाल ने बताया कि रात को फेरे तो दीपक ने ही डलवाए थे, फोटो भी वहीं खींच रहा था। सुबह कार चलाकर भी वही ले गया। वर पक्ष की ओर से कार किराए पर की थी, दीपक को भी वही लोग लाए थे।
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शहर के चुन्नी मोहल्ले में बुधवार की रात गुलजार थी। क्योंकि महेंद्रपाल की बेटी शिवानी का दूल्हा मनोज बुलंदशहर जिले से बारात लेकर आया था। रातभर बरात के स्वागत से लेकर उनके खाने पीने के साथ वैवाहिक रीति रिवाज निभाए गए। सात फेरे लेने के बाद शिवानी का हाथ मनोज के हाथ में दे दिया गया। सभी परिजन और बराती काफी खुश थे।
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गुरुवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे शिवानी अपने दूल्हे के साथ कार में बैठकर अपने नए घर की ओर रवाना हो गई लेकिन अभी परिजन आराम से बैठ भी नहीं पाए थे, जो मेहमान सो रहे थे, वह जाग भी नहीं पाए थे कि सिर्फ आधे घंटे बाद यानी सुबह आठ बजे शिवानी की कार दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने घर में खलबली मचा दी। जानकारी हुई कि विदाई से समय रोती हुई शिवानी के आंसू सूखे भी नहीं थे कि उसकी मौत हो गई। जिसने भी सुना, शिवानी की मौत पर भरोसा नहीं कर सका। हर कोई घटना स्थल की ओर रवाना हो गया। उसका शव पोस्टमार्टम के
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बाद शाम को यहां पहुंचा, नाते रिश्तेदारों ने आपस में चर्चा की तो जानकारी हुई कि दुल्हन की कार का चालक दीपक पुत्र नंदराम निवासी जहांगीराबाद (बुलंदशहर) ने ही शिवानी के फेरे डलवाए थे। उसने ही विवाह की वेदी पर मंत्र पढ़कर उसकी शादी कराई थी। इतना ही नहीं, उसने शादी में फोटोग्राफी भी की थी। वह एक मिनट को भी रात को सोया नहीं था। विदाई का वक्त हुआ तो दुल्हन की विदाई के लिए सजी कार के स्टेयरिंग पर भी दीपक ही बैठा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि सुबह के वक्त नींद अधिक जोर लगाती है, रातभर जागने के कारण शायद कार चलाते समय बबनेटा के पास ही उसे झपकी लग गई। उसकी एक सेकेंड की झपकी ने शिवानी की जिंदगी छीन ली। शिवानी के पिता महेंद्रपाल ने बताया कि रात को फेरे तो दीपक ने ही डलवाए थे, फोटो भी वहीं खींच रहा था। सुबह कार चलाकर भी वही ले गया। वर पक्ष की ओर से कार किराए पर की थी, दीपक को भी वही लोग लाए थे।