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Sambhal News: सदर की रिहाई में अड़चन बनीं धाराओं में भी जमानत, आज हो सकती है रिहाई
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संभल। बवाल में गिरफ्तार किए गए जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की रिहाई में अड़चन बनीं दो धाराओं में भी बृहस्पतिवार को जमानत मिल गई। रिहाई का आदेश भी जेल के लिए भेज दिया गया है। परिजनों का कहना है कि शुक्रवार की सुबह में रिहाई हो जाएगी। चंदौसी स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट सत्र न्यायालय से बृहस्पतिवार को जमानत मिली है।
जामा मस्जिद कमेटी सदर 23 मार्च से जेल में बंद हैं। उन पर बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान समेत कई आरोप हैं। चार्जशीट में इसका उल्लेख किया गया है। सदर की जमानत सेशन कोर्ट से खारिज हो गई थी। इसके बाद परिजन हाईकोर्ट पहुंचे थे। जहां से 24 जुलाई को जमानत मिल गई है लेकिन चार्जशीट दाखिल होने के दौरान पुलिस ने विवेचना कर बीएनएस की धारा 353(2), 61(2)(a) बढ़ाई थीं। उनका उल्लेख हाईकोर्ट के जमानत प्रार्थनापत्र में नहीं किया था। इसलिए दो धाराओं में जमानत के लिए बुधवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था, जहां जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद एमपी/एमएलए कोर्ट सत्र न्यायालय में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। जहां से जमानत मिल गई।
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बवाल के आरोपियों के खिलाफ जल्द जारी होंगे गैरजमानती वारंट
24 नवंबर को हुए बवाल में जो आरोपी हैं। उसमें कुछ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी होने की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों का कहना है कि मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में जो आरोपी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। उनके खिलाफ कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी होने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। जल्द ही पुलिस वारंट मिलने के बाद अगली कार्रवाई शुरू करेगी। दरअसल इस मुकदमे में सांसद जियाउर्रहमान बर्क, जफर अली एडवोकेट समेत 23 आरोपियों के खिलाफ पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस मुकदमे में जफर अली एडवोकेट की ही गिरफ्तारी हुई है। अन्य सभी आरोपियों को बीएनएसएस 35 के नोटिस तामील कराए गए हैं।
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जामा मस्जिद कमेटी सदर 23 मार्च से जेल में बंद हैं। उन पर बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान समेत कई आरोप हैं। चार्जशीट में इसका उल्लेख किया गया है। सदर की जमानत सेशन कोर्ट से खारिज हो गई थी। इसके बाद परिजन हाईकोर्ट पहुंचे थे। जहां से 24 जुलाई को जमानत मिल गई है लेकिन चार्जशीट दाखिल होने के दौरान पुलिस ने विवेचना कर बीएनएस की धारा 353(2), 61(2)(a) बढ़ाई थीं। उनका उल्लेख हाईकोर्ट के जमानत प्रार्थनापत्र में नहीं किया था। इसलिए दो धाराओं में जमानत के लिए बुधवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था, जहां जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद एमपी/एमएलए कोर्ट सत्र न्यायालय में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। जहां से जमानत मिल गई।
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बवाल के आरोपियों के खिलाफ जल्द जारी होंगे गैरजमानती वारंट
24 नवंबर को हुए बवाल में जो आरोपी हैं। उसमें कुछ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी होने की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों का कहना है कि मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में जो आरोपी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। उनके खिलाफ कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी होने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। जल्द ही पुलिस वारंट मिलने के बाद अगली कार्रवाई शुरू करेगी। दरअसल इस मुकदमे में सांसद जियाउर्रहमान बर्क, जफर अली एडवोकेट समेत 23 आरोपियों के खिलाफ पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस मुकदमे में जफर अली एडवोकेट की ही गिरफ्तारी हुई है। अन्य सभी आरोपियों को बीएनएसएस 35 के नोटिस तामील कराए गए हैं।
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