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तिरपाल में फंसे दो मासूम दम घुटने से एक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:41 AM IST
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संभल के गांव मुबारकपुर बंद में मासूम की मौत पर विलाप करतीं परिवार की महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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असमोली थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुरबंद में गेहूं की थ्रेसरिंग के लिए लगी कपलिंग अचानक निकल कर तिरपाल पर गिर गई। कपलिंग गिरने से तिरपाल फोल्ड हो गया, जिसमें दो मासूम फंस गए। जब तक दोनों को बाहर निकाला गया, कपलिंग से लगी चोट और तिरपाल में फंसकर दम घुटने से एक की मौत हो गई। दूसरी मासूम गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल को उपचार के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रविवार को गांव मुबारकपुर बंद निवासी मुनव्वर अली के गेहूं की थ्रेसिंग होनी थी। जैसे ही थ्रेसरिंग करने के लिए मशीन चालू की तो मशीन से कपलिंग निकलकर तिरपाल पर गिर गई। इससे तिरपाल फोल्ड होने लगा। इस दरम्यान तिरपाल पर खड़ी मुनव्वर अली की बेटी अदीबा (9) और गांव की ही नसीम की बेटी राहत जहां तिरपाल में फंस गई।
राहत जहां तो किसी तरह निकल गई लेकिन अदीबा तिरपाल में ही फंसी रह गई। बताया जाता है कि, तभी अदीबा का सिर कपलिंग पर लग गया। मजदूरों ने आनन-फानन किसी तरह ट्रैक्टर को बंद किया और अदीबा को तिरपाल से बाहर निकाला, लेकिन तब तक अदीबा की दम घुटने और सिर पर कपलिंग लगने से मौत हो चुकी थी।
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इधर, बुरी तरह घायल राहत जहां को परिजनों ने मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी और मशीन स्वामी-पीड़ित परिवार में समझौता चल रहा है। इसलिए वे नहीं चाहते कि मामले में कोई कानूनी कार्रवाई हो।
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रविवार को गांव मुबारकपुर बंद निवासी मुनव्वर अली के गेहूं की थ्रेसिंग होनी थी। जैसे ही थ्रेसरिंग करने के लिए मशीन चालू की तो मशीन से कपलिंग निकलकर तिरपाल पर गिर गई। इससे तिरपाल फोल्ड होने लगा। इस दरम्यान तिरपाल पर खड़ी मुनव्वर अली की बेटी अदीबा (9) और गांव की ही नसीम की बेटी राहत जहां तिरपाल में फंस गई।
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राहत जहां तो किसी तरह निकल गई लेकिन अदीबा तिरपाल में ही फंसी रह गई। बताया जाता है कि, तभी अदीबा का सिर कपलिंग पर लग गया। मजदूरों ने आनन-फानन किसी तरह ट्रैक्टर को बंद किया और अदीबा को तिरपाल से बाहर निकाला, लेकिन तब तक अदीबा की दम घुटने और सिर पर कपलिंग लगने से मौत हो चुकी थी।
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इधर, बुरी तरह घायल राहत जहां को परिजनों ने मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी और मशीन स्वामी-पीड़ित परिवार में समझौता चल रहा है। इसलिए वे नहीं चाहते कि मामले में कोई कानूनी कार्रवाई हो।