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20 हजार रुपये की रिश्वत लेते चौकी प्रभारी और सिपाही को पुलिस चौकी से एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 01:45 AM IST
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arrest in 2 people
रजपुरा की डीएसएम पुलिस चौकी प्रभारी दीपक कुमार (वर्दी पहने) को पकड़कर ले जाती एंटी करप्शन टीम। - फोटो : SAMBHAL
20 हजार रुपये की रिश्वत लेते चौकी प्रभारी और सिपाही को एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा
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बहजोई/संभल। रजपुरा थाना क्षेत्र की डीएसएम पुलिस चौकी प्रभारी दीपक कुमार और सिपाही आनंद सिंह यादव को एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पुलिस चौकी से गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा और सिपाही ने मारपीट के मामले की कार्रवाई आगे बढ़ाने के नाम पर डोहरी गांव के ग्रामीण से रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। इसके बाद मंगलवार की दोपहर एक बजे एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की है। आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ बहजोई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव डोहरी निवासी अनिल सिंह ने बताया कि उनके चाचा महेंद्र का गांव के ही कुछ लोगों से पुरानी रंजिश को लेकर सात अगस्त को विवाद हुआ था। इसकी शिकायत थाने में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। अनिल सिंह ने बताया कि आठ अगस्त को विवाद फिर से हुआ था। इसमें वह और उनका रिश्तेदार घायल हुआ था। इसकी शिकायत पुलिस से की तो एनसीआर दर्ज कर ली गई थी। आरोप है कि सिपाही और दरोगा ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एनसीआर को मुकदमे में बदलने और दूसरे पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई नहीं करने के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। अनिल ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन की टीम से सोमवार को मुरादाबाद पहुंचकर की। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम ने चौकी इंचार्ज और सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की है।
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साहब से मिल लो तभी होगी तुम्हारी कार्रवाई, दूसरा पक्ष मुकदमा दर्ज कराने के लिए भी आ रहा है
संभल। अनिल सिंह ने पूरी घटना को बताया है। अनिल सिंह का दावा है कि जब वह मुरादाबाद के अस्पताल में उपचार करा रहा था तो फोन पर पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही आनंद सिंह ने कहा था कि दूसरा पक्ष मुकदमा दर्ज कराने के लिए दबाव बना रहा है। अगर कार्रवाई से बचना है तो साहब (चौकी प्रभारी) से मिल लो। पीड़ित ने बताया कि जब वह सिपाही और दरोगा से मिला तो 20 हजार रुपये रिश्वत देने के लिए कहा। तभी उनके मेडिकल के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही और दूसरे पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि दूसरे पक्ष की तहरीर पर एक व्यक्ति का शांतिभंग में चालान कर देंगे। जब इतने रुपये देने से इनकार किया तो कार्रवाई नहीं करने और दूसरे पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराने की भी धमकी दी। इसके बाद ही एंटी करप्शन टीम से शिकायत की गई।
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दिल्ली पुलिस में सिपाही था दीपक कुमार, बाद में बना यूपी पुलिस का दरोगा
संभल। पुलिस सूत्रों की जानकारी के अनुसार कुछ वर्ष पहले तक दीपक कुमार दिल्ली पुलिस में सिपाही था। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा के पद पर भर्ती हो गया था। कुछ ही महीने पहले संभल कोतवाली से रजपुरा थाने तबादला हुआ था। पुलिस अधीक्षक ने डीएसएम पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया था।
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