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जिला पंचायत सदस्य विजेताओं में भाजपा और सपा समर्थित ने मारी बाजी
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संभल। जिले में जिला पंचायत सदस्य पर समाजवादी पार्टी और भाजपा की कड़ाके की टक्कर रही है। दोनों ही पार्टी के समर्थित 11-11 प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। जबकि सपा के दो फ्री वार्ड से भी सपा के कार्यकर्ता ही चुनाव जीते हैं।
सपा के पदाधिकारियों ने उन्हें भी अपने खाते में जोड़ना शुरू कर दिया है। सपा के दो कार्यकर्ताओं ने और चुनाव जीता है लेकिन यह कार्यकर्ता बगावत कर पार्टी समर्थित के सामने चुनाव लड़े हैं। इस चुनाव में कांग्रेस का खाता नहीं खुला लेकिन बसपा समर्थित पांच सदस्यों ने चुनाव जीता है। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। एक प्रत्याशी एआईएमआईएम समर्थित ने चुनाव जीता है।
जिले की कुल 35 सीटों पर भाजपा और सपा में ही मुकाबला हुआ है। अन्य दल तो पिछड़ गए हैं। अब दिग्गजों की निगाह जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने पर टिकी हैं। इसकी रणनीति बुधवार से ही शुरू हो गई है।
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भाजपा और सपा की ओर से हाईकमान को अवगत करा दिया गया है। जिससे रणनीति बनाने में मदद मिल सके। तीन दिन तक चली मतगणना के बाद जो परिणाम आएं हैं उनसे भाजपा और सपा को ही राहत मिली है। इस चुनाव में सबसे कमजोर कांग्रेस पार्टी साबित हुई है।
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सपा के पदाधिकारियों ने उन्हें भी अपने खाते में जोड़ना शुरू कर दिया है। सपा के दो कार्यकर्ताओं ने और चुनाव जीता है लेकिन यह कार्यकर्ता बगावत कर पार्टी समर्थित के सामने चुनाव लड़े हैं। इस चुनाव में कांग्रेस का खाता नहीं खुला लेकिन बसपा समर्थित पांच सदस्यों ने चुनाव जीता है। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। एक प्रत्याशी एआईएमआईएम समर्थित ने चुनाव जीता है।
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जिले की कुल 35 सीटों पर भाजपा और सपा में ही मुकाबला हुआ है। अन्य दल तो पिछड़ गए हैं। अब दिग्गजों की निगाह जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने पर टिकी हैं। इसकी रणनीति बुधवार से ही शुरू हो गई है।
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भाजपा और सपा की ओर से हाईकमान को अवगत करा दिया गया है। जिससे रणनीति बनाने में मदद मिल सके। तीन दिन तक चली मतगणना के बाद जो परिणाम आएं हैं उनसे भाजपा और सपा को ही राहत मिली है। इस चुनाव में सबसे कमजोर कांग्रेस पार्टी साबित हुई है।