{"_id":"5e5ea9ed8ebc3ef4060f9345","slug":"alert-in-sambhal-for-corona-sambhal-news-mbd3420598166","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन के अब ईरान से लौटने वालों पर भी है स्वास्थ्य विभाग की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीन के अब ईरान से लौटने वालों पर भी है स्वास्थ्य विभाग की नजर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभल। पूरी दुनिया में तीन हजार से ज्यादा लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस से निबटने के एहतियाती उपायों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है क्योंकि भारत में भी तीन नए मरीज मिले हैं। संभल जिले में ईरान से आए दो लोगों के घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की है। उनमें कोरोना के कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं।
चीन, कोरिया, इटली और ईरान से आने वालों पर नजर रखी जा रही है। कोरोना प्रभावित देशों से भारत आने वाले व्यक्तियों की सूची भारत सरकार से राज्य सरकार को मिलती है। राज्य सरकार के जरिए जिलों में स्वास्थ्य विभाग तक आती है। संभल जिले में अब तक चार लोगों के नाम आए हैं। इनके घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच पड़ताल की है। इसमें दो लोग चीन और दो लोग ईरान से आए हैं। किसी में भी कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले। सभी लोग अपनी जगह सुरक्षित हैं।
जो दो ईरान से आए उनके घर सोमवार को टीम गई। सिरसी और असमोली क्षेत्र में जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एहतियाती चेकिंग की है। एक व्यक्ति जो धार्मिक पढ़ाई करके ईरान से सिरसी क्षेत्र में लौटे हैं उनसे मिलकर चिकित्साधिकारी ने विवरण लिया। वे पूरी तरह से स्वस्थ मिले। न खांसी थी जुकाम और न ही बुखार आया है। जबकि वे 31 जनवरी को ईरान से भारत आए हैं। इन्हें देखने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एहतियाती उपाय किए।
विज्ञापन
ईरान से लौटे शख्स से कहा गया है कि वे कम से कम घर से निकलें और अगर खांसी आए तो रूमाल लगाएं पर हाथ न लगाएं क्योंकि हाथ मिलाने से ही संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा रहता है। जनपद संभल में कोरोना वायरस से निबटने के लिए बनी टीम के प्रभारी और जिले के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजफर कमाल ने बताया कि कोरोना वायरस का मुख्य लक्षण खांसी और बुखार है। ईरान से आए दोनों लोगों को चेक किया गया। किसी में कोई लक्षण नहीं मिला है। फिर भी इन लोगों को यह सलाह दी गई है कि वे अपने घरों से कम से कम निकलें।
संभल जिले में कोरोना वायरस से निबटने के एहतियाती उपायों में टीम पहले ही बनाई जा चुकी है। जिला अस्पताल में एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें एक चिकित्सक, लैब असिसटेंट और कई चिकिस्ताकर्मी हैं। इन लोगों को भी वायरस के अंदेशे में जांच-पड़ताल के लिए एहतियाती उपाय समझाए गए हैं ताकि किसी पीड़ित के मिलने पर कोई दूसरा व्यक्ति वायरस की चपेट में न आए।
विज्ञापन
चीन, कोरिया, इटली और ईरान से आने वालों पर नजर रखी जा रही है। कोरोना प्रभावित देशों से भारत आने वाले व्यक्तियों की सूची भारत सरकार से राज्य सरकार को मिलती है। राज्य सरकार के जरिए जिलों में स्वास्थ्य विभाग तक आती है। संभल जिले में अब तक चार लोगों के नाम आए हैं। इनके घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच पड़ताल की है। इसमें दो लोग चीन और दो लोग ईरान से आए हैं। किसी में भी कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले। सभी लोग अपनी जगह सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
जो दो ईरान से आए उनके घर सोमवार को टीम गई। सिरसी और असमोली क्षेत्र में जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एहतियाती चेकिंग की है। एक व्यक्ति जो धार्मिक पढ़ाई करके ईरान से सिरसी क्षेत्र में लौटे हैं उनसे मिलकर चिकित्साधिकारी ने विवरण लिया। वे पूरी तरह से स्वस्थ मिले। न खांसी थी जुकाम और न ही बुखार आया है। जबकि वे 31 जनवरी को ईरान से भारत आए हैं। इन्हें देखने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एहतियाती उपाय किए।
विज्ञापन
ईरान से लौटे शख्स से कहा गया है कि वे कम से कम घर से निकलें और अगर खांसी आए तो रूमाल लगाएं पर हाथ न लगाएं क्योंकि हाथ मिलाने से ही संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा रहता है। जनपद संभल में कोरोना वायरस से निबटने के लिए बनी टीम के प्रभारी और जिले के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजफर कमाल ने बताया कि कोरोना वायरस का मुख्य लक्षण खांसी और बुखार है। ईरान से आए दोनों लोगों को चेक किया गया। किसी में कोई लक्षण नहीं मिला है। फिर भी इन लोगों को यह सलाह दी गई है कि वे अपने घरों से कम से कम निकलें।
संभल जिले में कोरोना वायरस से निबटने के एहतियाती उपायों में टीम पहले ही बनाई जा चुकी है। जिला अस्पताल में एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें एक चिकित्सक, लैब असिसटेंट और कई चिकिस्ताकर्मी हैं। इन लोगों को भी वायरस के अंदेशे में जांच-पड़ताल के लिए एहतियाती उपाय समझाए गए हैं ताकि किसी पीड़ित के मिलने पर कोई दूसरा व्यक्ति वायरस की चपेट में न आए।