{"_id":"6163420c8ebc3e1ddd4de03f","slug":"akbarpur-anganwadi-center-became-cattle-shelter-chandausi-news-mbd40573251","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकबरपुर आंगनबाड़ी केंद्र बना पशुशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकबरपुर आंगनबाड़ी केंद्र बना पशुशाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी/गुन्नौर। नौनिहालों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा की बुनियाद के लिए बनाई गई बाल विकास परियोजना का हाल बुरा है। रविवार को गुन्नौर ब्लॉक के केंद्रों की व्यवस्था अमर उजाला की टीम ने देखी। योजना के क्रियांवयन की कहानी स्वयं आंगनबाड़ी केंद्र बयां कर रहे थे। ब्लॉक के गांव अकबरपुर में आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम में बकरियां बंधी मिली। कहीं आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम के दरवाजे-खिड़कियां टूटी थीं।
गुन्नौर ब्लॉक क्षेत्र में 178 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें काफी संख्या में केेंद्र पंचायत भवन व प्राथमिक विद्यालयों में संचालित हैं। प्री-प्राइमरी स्कूल का दर्जा माने जाने वाले कई आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पानी तथा शौचालय की कमी है। कुछ केंद्र खस्ताहाल में है, कुछ में भवन हैं, तो सुविधाएं नहीं है। अधिकांश केंद्रों पर अतिक्रमण हो चुका है।
गांव अकबरपुर स्थित प्रथम आंगनबाड़ी केंद्र खस्ताहाल में है। दरवाजे, खिड़की टूटी हैं। लोगों ने कब्जा कर बकरियां बांधनी शुरू कर दी है। परिसर को गांव के कुछ लोग अन्य सामान रखने के काम में इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन
गांव अकबरपुर में ही आंगनबाड़ी केंद्र द्वितीय बना हुआ है। केंद्र पर लगे गेट व ताले को जंग लग चुका है। एक सिरे पर बनी रसोई के दरवाजे गायब हैं। अंदर कूड़ा करकट पड़ा हुआ है। दरवाजा टूटा हुआ दीवार से सहारे लगा रखा है। यहां भी अवैध कब्जा हैं। परिसर में भैंस बंधी हुई है। केंद्र का संचालन प्राथमिक विद्यालय से किया जाता है।
विज्ञापन
गुन्नौर ब्लॉक क्षेत्र में 178 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें काफी संख्या में केेंद्र पंचायत भवन व प्राथमिक विद्यालयों में संचालित हैं। प्री-प्राइमरी स्कूल का दर्जा माने जाने वाले कई आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पानी तथा शौचालय की कमी है। कुछ केंद्र खस्ताहाल में है, कुछ में भवन हैं, तो सुविधाएं नहीं है। अधिकांश केंद्रों पर अतिक्रमण हो चुका है।
विज्ञापन
गांव अकबरपुर स्थित प्रथम आंगनबाड़ी केंद्र खस्ताहाल में है। दरवाजे, खिड़की टूटी हैं। लोगों ने कब्जा कर बकरियां बांधनी शुरू कर दी है। परिसर को गांव के कुछ लोग अन्य सामान रखने के काम में इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन
गांव अकबरपुर में ही आंगनबाड़ी केंद्र द्वितीय बना हुआ है। केंद्र पर लगे गेट व ताले को जंग लग चुका है। एक सिरे पर बनी रसोई के दरवाजे गायब हैं। अंदर कूड़ा करकट पड़ा हुआ है। दरवाजा टूटा हुआ दीवार से सहारे लगा रखा है। यहां भी अवैध कब्जा हैं। परिसर में भैंस बंधी हुई है। केंद्र का संचालन प्राथमिक विद्यालय से किया जाता है।