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Sambhal News: जिले की मिट्टी की नब्ज टटोलेगा कृषि विभाग, कमियां होंगी दूर
Mon, 29 Jan 2024 03:16 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 29 Jan 2024 03:16 AM IST
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चंदौसी (संभल)। कृषि विभाग मिट्टी की निशुल्क जांच कर रहा है। जिससे किसानों को पता चल सके कि उनकी जमीन में किस पोषक तत्व की कमी है। जागरूकता के अभाव में अधिकांश किसानों को नहीं पता होता कि उनकी जमीन में किस पोषक तत्व की कमी है। उत्पादन प्रभावित होने पर वे यूरिया और डीएपी का अंधाधुंध प्रयोग करने लगते हैैं। जिसका खामियाजा मिट्टी की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के रूप में भुगतना पड़ता है। प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग को मिट्टी की निशुल्क जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिले के आठ ब्लॉकों के 49 गांव चिह्नित किए गए हैं। प्रत्येक गांव से 100 किसानों का चयन किया गया है। इनके खेतों की मिट्टी की जांच प्रयोगशाला में निशुल्क की जा रही है। मिट्टी की जांच पूरी होने के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी दिया जाएगा। इसमें मिट्टी की सेहत का पूरा ब्योरा अंकित रहेगा। इस कार्ड से जानकारी लेकर ही मिट्टी के पोषक तत्वों की कमी दूर की जा सकेगी। जिले में 27 दिसंबर से मिट्टी की जांच शुरू हो चुकी है। अभी तक एक हजार मिट्टी के नमूने की जांच की गई है।
मिट्टी में इन तत्वों की होती है जांच
मिट्टी में जिन तत्वों की जांच की जाती है, उनमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक, लोहा, तांबा, मैंगनीज, बोरॉन प्रमुख हैं।
बनियाठेर क्षेत्र की मिट्टी में जीवाश्म कार्बन की कमी
बनियाठेर ब्लॉक क्षेत्र के खटैटा, अल्हैदादपुर चम्पू, नगला पूर्वी, रहोली, मोहम्मद नगर कस्बा, कोकावास गांव में 600 किसानों के खेत की मिट्टी जांच की गई। अधिकांश मिट्टी में जीवाश्म कार्बन की कमी पाई गई है। स्वस्थ मिट्टी में जीवाश्म कार्बन 0.80 पीपीएम से अधिक होना चाहिए। इस समय यह केवल 0.21 पीपीएम है। वहीं संभल ब्लॉक के अतौरा, खाबरी भोला, ततारपुर माजरा बटौआ, नवाड़ा, रजाकपुर गांव की मिट्टी में जीवाश्म कार्बन के अलावा सूक्ष्म तत्व जिंक और सल्फर की कमी है।
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वर्जन
शासन से इस बार मिट्टी के 4900 नमूनों की जांच करने का लक्ष्य मिला है। अब तक 1000 नमूने की जांच की जा चुकी है। शेष नमूनों की जांच जल्द ही पूरी की जाएगी। -अजय कुमार, अध्यक्ष मृदा परीक्षण प्रयोगशाला
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मिट्टी में इन तत्वों की होती है जांच
मिट्टी में जिन तत्वों की जांच की जाती है, उनमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक, लोहा, तांबा, मैंगनीज, बोरॉन प्रमुख हैं।
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बनियाठेर क्षेत्र की मिट्टी में जीवाश्म कार्बन की कमी
बनियाठेर ब्लॉक क्षेत्र के खटैटा, अल्हैदादपुर चम्पू, नगला पूर्वी, रहोली, मोहम्मद नगर कस्बा, कोकावास गांव में 600 किसानों के खेत की मिट्टी जांच की गई। अधिकांश मिट्टी में जीवाश्म कार्बन की कमी पाई गई है। स्वस्थ मिट्टी में जीवाश्म कार्बन 0.80 पीपीएम से अधिक होना चाहिए। इस समय यह केवल 0.21 पीपीएम है। वहीं संभल ब्लॉक के अतौरा, खाबरी भोला, ततारपुर माजरा बटौआ, नवाड़ा, रजाकपुर गांव की मिट्टी में जीवाश्म कार्बन के अलावा सूक्ष्म तत्व जिंक और सल्फर की कमी है।
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शासन से इस बार मिट्टी के 4900 नमूनों की जांच करने का लक्ष्य मिला है। अब तक 1000 नमूने की जांच की जा चुकी है। शेष नमूनों की जांच जल्द ही पूरी की जाएगी। -अजय कुमार, अध्यक्ष मृदा परीक्षण प्रयोगशाला