{"_id":"6882900427779ada25075450","slug":"advocates-angry-over-non-compliance-of-judicial-process-sambhal-news-c-275-1-smbd1031-125086-2025-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: न्यायिक प्रक्रिया का पालन न होने पर अधिवक्ताओं में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: न्यायिक प्रक्रिया का पालन न होने पर अधिवक्ताओं में रोष
Fri, 25 Jul 2025 01:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 25 Jul 2025 01:26 AM IST
विज्ञापन
संभल। संभल बार एसोसिएशन संभल की बैठक में अधिवक्ताओं ने राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में न्यायिक प्रक्रिया का पालन न होने पर रोष जताया। समस्याओं को लेकर शुक्रवार और शनिवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में न्यायिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद भी लंबे समय तक आदेश पारित नहीं किए जाते हैं। नामांतरण की अविवादित पत्रावलियों को साक्ष्य के अभाव अथवा अदम पैरवी दर्शाकर निरस्त कर दिया जाता है। राजस्व संहिता 2006 की धारा 24, धारा 30, धारा 31, धारा 32, धारा 76, धारा 116, धारा 134 की आख्या कई महीने तक संबंधित न्यायालयों को प्रेषित नहीं किए जाते हैं। राजस्व अभिलेखागार से तमाम आवंटन पत्रावलियों एंव रजिस्टर मालकान गायब करा दिए गए हैं। इसके लिए किसी भी कर्मचारी की जवाबदेही तय नहीं की गई है।
संभल तहसील की 90 प्रतिशत से अधिक रियल टाइम खतौनियों में काश्तकारों के अंश गलत दर्शाए गए हैं। समस्याओं के निस्तारण के लिए पूर्व में प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त से मिला था और उन्होंने आश्वासन दिया था लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि विरोध स्वरूप सांकेतिक रूप से अधिवक्ता शुक्रवार और शनिवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष राजस्व परिषद और मंडलायुक्त से मिलेगा। इस दौरान देवेंद्र पाल, शरद भारद्वाज, प्रवेंद्र सिंह, अतुल रस्तोगी, राजीव भटनागर, अफजाल अहमद, गुरुदत्त गुप्ता, मनीष आर्य, सचिन चौहान आदि रहे। अध्यक्षता अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में न्यायिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद भी लंबे समय तक आदेश पारित नहीं किए जाते हैं। नामांतरण की अविवादित पत्रावलियों को साक्ष्य के अभाव अथवा अदम पैरवी दर्शाकर निरस्त कर दिया जाता है। राजस्व संहिता 2006 की धारा 24, धारा 30, धारा 31, धारा 32, धारा 76, धारा 116, धारा 134 की आख्या कई महीने तक संबंधित न्यायालयों को प्रेषित नहीं किए जाते हैं। राजस्व अभिलेखागार से तमाम आवंटन पत्रावलियों एंव रजिस्टर मालकान गायब करा दिए गए हैं। इसके लिए किसी भी कर्मचारी की जवाबदेही तय नहीं की गई है।
विज्ञापन
संभल तहसील की 90 प्रतिशत से अधिक रियल टाइम खतौनियों में काश्तकारों के अंश गलत दर्शाए गए हैं। समस्याओं के निस्तारण के लिए पूर्व में प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त से मिला था और उन्होंने आश्वासन दिया था लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि विरोध स्वरूप सांकेतिक रूप से अधिवक्ता शुक्रवार और शनिवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष राजस्व परिषद और मंडलायुक्त से मिलेगा। इस दौरान देवेंद्र पाल, शरद भारद्वाज, प्रवेंद्र सिंह, अतुल रस्तोगी, राजीव भटनागर, अफजाल अहमद, गुरुदत्त गुप्ता, मनीष आर्य, सचिन चौहान आदि रहे। अध्यक्षता अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने की।
विज्ञापन