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Sambhal News: ग्रींस कॉलोनी में मंदिर हटाने पहुंची टीम, करणी सेना ने सड़क पर लगाया जाम
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बनियाठेर(संभल)। थाना क्षेत्र के चंदौसी रोड स्थित चंदौसी ग्रींस कॉलोनी में मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के मामले में उच्च न्यायालय ने मंदिर हटाने के आदेश दिए हैं। तहसील प्रशासन पुलिस की मदद से मंगलवार को मंदिर हटाने पहुंचा और मंदिर को कॉलोनी में ही दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाने की कार्रवाई की। इस दौरान भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष को नजरबंद किए जाने पर करणी सेना के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और रोड पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। पुलिस पूर्व जिलाध्यक्ष को सामने ले आई और जाम खुलवा दिया।
बता दें कि चंदौसी ग्रींस काॅलोनी में एक पार्क के बराबर एक देव मूर्ति रखी थी। जहां काॅलोनी के रहने वाले भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विशाल चौहान समेत कुछ लोगों ने छोटे मठ के रूप में मंदिर का जीर्णोद्धार करा दिया था। इस पर कॉलोनी की महिला नीतेश पाण्डेय ने विरोध किया और प्रशासन से शिकायत कर घर के सामने से मंदिर हटाने की मांग की थी। कई बार विवाद भी हुए थे।
मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को सुबह 11.30 बजे करीब एसडीएम आशुतोष तिवारी और सीओ मनोज कुमार सिंह अपनी-अपनी टीमें लेकर चंदौसी ग्रींस कॉलोनी पहुंचे। जहां मंदिर हटाने की प्रक्रिया शुरू की, इसी दौरान भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष भी पहुंचे तो पुलिस उन्हें पकड़ कर साथ ले गई और नजरबंद कर दिया।
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वहीं काॅलोनी का मुख्य द्वार बंद कर पुलिस तैनात कर दी गई। मीडिया कर्मियों और बाहरी लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष के नजरबंद किए जाने की सूचना पर करणी सेना के जिलाध्यक्ष बिट्टू ठाकुर कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया। इससे हल्की नोकझोंक भी हुई।
इसके बाद करणी सेना के कार्यकर्ता कालोनी के सामने ही रोड पर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष को सामने लाने की मांग की। कुछ ही देर बाद पुलिस भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष को मौके पर ले आयी। तब कहीं जाम खुल सका। इस दौरान करीब 10 मिनट तक जाम लगा रहा। मामला शांत होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति में मंदिर को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए भूमि पूजन कराया। दोपहर करीब तीन बजे भूमि पूजन के बाद टीम वापस लौट गई।
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तत्कालीन एसडीएम व थाना प्रभारी पर लगाए आरोप
चंदौसी। चंदौसी ग्रींस कॉलोनी में विवादित मंदिर को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाने के मामले में भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विशाल चौहान ने पुलिस की मौजूदगी में मीडिया कर्मियों से वार्ता की और तत्कालीन एसडीएम व बनियाठेर थाना प्रभारी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि काॅलोनी की एक महिला ने मंदिर को हटाने के लिए तहसील प्रशासन व थाना बनियाठेर पुलिस को पत्र दिया था। जिस पर तत्कालीन एसडीएम नीतू रानी व तत्कालीन थाना प्रभारी मोहित काजला ने राजनीतिक दबाव में मंदिर को हटाने के आदेश कर दिए। जो गलत है। उन्होंने बताया कि न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं।
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हाईकोर्ट ने चंदौसी ग्रींस कॉलोनी में विवादित मंदिर को हटाने के आदेश दिए हैं। न्यायालय के अनुपालन में मंदिर को कालोनी में ही दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मंदिर को दूसरे स्थान पर ही शिफ्ट किया जाएगा।
-आशुतोष तिवारी, एसडीएम चंदौसी
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बता दें कि चंदौसी ग्रींस काॅलोनी में एक पार्क के बराबर एक देव मूर्ति रखी थी। जहां काॅलोनी के रहने वाले भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विशाल चौहान समेत कुछ लोगों ने छोटे मठ के रूप में मंदिर का जीर्णोद्धार करा दिया था। इस पर कॉलोनी की महिला नीतेश पाण्डेय ने विरोध किया और प्रशासन से शिकायत कर घर के सामने से मंदिर हटाने की मांग की थी। कई बार विवाद भी हुए थे।
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मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को सुबह 11.30 बजे करीब एसडीएम आशुतोष तिवारी और सीओ मनोज कुमार सिंह अपनी-अपनी टीमें लेकर चंदौसी ग्रींस कॉलोनी पहुंचे। जहां मंदिर हटाने की प्रक्रिया शुरू की, इसी दौरान भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष भी पहुंचे तो पुलिस उन्हें पकड़ कर साथ ले गई और नजरबंद कर दिया।
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वहीं काॅलोनी का मुख्य द्वार बंद कर पुलिस तैनात कर दी गई। मीडिया कर्मियों और बाहरी लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष के नजरबंद किए जाने की सूचना पर करणी सेना के जिलाध्यक्ष बिट्टू ठाकुर कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया। इससे हल्की नोकझोंक भी हुई।
इसके बाद करणी सेना के कार्यकर्ता कालोनी के सामने ही रोड पर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष को सामने लाने की मांग की। कुछ ही देर बाद पुलिस भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष को मौके पर ले आयी। तब कहीं जाम खुल सका। इस दौरान करीब 10 मिनट तक जाम लगा रहा। मामला शांत होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति में मंदिर को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए भूमि पूजन कराया। दोपहर करीब तीन बजे भूमि पूजन के बाद टीम वापस लौट गई।
तत्कालीन एसडीएम व थाना प्रभारी पर लगाए आरोप
चंदौसी। चंदौसी ग्रींस कॉलोनी में विवादित मंदिर को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाने के मामले में भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विशाल चौहान ने पुलिस की मौजूदगी में मीडिया कर्मियों से वार्ता की और तत्कालीन एसडीएम व बनियाठेर थाना प्रभारी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि काॅलोनी की एक महिला ने मंदिर को हटाने के लिए तहसील प्रशासन व थाना बनियाठेर पुलिस को पत्र दिया था। जिस पर तत्कालीन एसडीएम नीतू रानी व तत्कालीन थाना प्रभारी मोहित काजला ने राजनीतिक दबाव में मंदिर को हटाने के आदेश कर दिए। जो गलत है। उन्होंने बताया कि न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं।
हाईकोर्ट ने चंदौसी ग्रींस कॉलोनी में विवादित मंदिर को हटाने के आदेश दिए हैं। न्यायालय के अनुपालन में मंदिर को कालोनी में ही दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मंदिर को दूसरे स्थान पर ही शिफ्ट किया जाएगा।
-आशुतोष तिवारी, एसडीएम चंदौसी