{"_id":"5a53d4f54f1c1bf61b8b7819","slug":"963-ration-shop-will-be-close-in-chandigarh-model","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ मॉडल में खत्म हो जाएंगी 963 राशन दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ मॉडल में खत्म हो जाएंगी 963 राशन दुकानें
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Tue, 09 Jan 2018 02:03 AM IST
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सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव की तैैयारी चल रही है। प्रयोग के तौर पर बागपत जनपद में बदलाव किया गया है। इसके तहत उपभोक्ताओं को उनके खाते में सीधे रकम दी जा रही है। यदि यह प्रारूप संभल जिले में भी लागू होता है तो राशन की दुकानों का काम नहीं बचेगा।
उपभोक्ता सीधे बाजार से राशन खरीदेगा और धनराशि उसके बैंक खाते में आ जाएगी। प्रक्रिया बदलने पर क्या हालात बनेंगे। इसको लेकर राशन कोटेदारों में रोजगार छिन जाने की चिंता है। वहीं उपभोक्ता प्रक्रिया बदलने का इंतजार कर रहे। सरकार की सख्ती और अफसरों की निगहबानी के बावजूद राशन वितरण प्रणाली पारदर्शी नहीं हो पा रही। उपभोक्ताओं को उनका हक नहीं मिल रहा। वह अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। कई मामले हाईकोर्ट तक पहुंचे हैं।
शायद ऐसे ही हालात का संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार विचार कर रही है। सबसे पहले चंडीगढ़ में उपभोक्ताओं के खातों में अनाज के बदले उसकी रकम खातों में पहुंचाने का मॉडल लागू किया गया था। इस मॉडल को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में भी लागू कर दिया गया। इसके परिणाम अच्छे आ रहे हैं। ऐसे में सरकार इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू कर सकती है।
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आपूर्ति विभाग के आंकड़े के अनुसार, मॉडल के संभल जिले में लागू होने पर 963 राशन दुकानें खत्म हो जाएंगी। जिसके बाद उपभोक्ता के खाते में सीधे रकम जाएगी और उसे बाजार से राशन लेना होगा। हालांकि इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी तो वह इंतजार कर रहे हैं। जबकि कोटेदार इस बात को लेकर परेशान हैं कि दुकानें खत्म होने पर उनसे रोजगार छिन जाएगा। तब वह क्या करेंगे। इस बीच संभल जिले में मॉडल लागू होने से पहले बड़ी समस्या राशन कार्डों को आधार कार्ड और बैंक खातों से लिंक कराना भी है।
संभल जिले में आंकड़े पर नजर
नगर क्षेत्र में पात्र गृहस्थी राशन कार्ड - 57960
नगर क्षेत्र में अंत्योदय राशन कार्ड - 3526
ग्रामीण क्षेत्र में पात्र गृहस्थी राशन कार्ड - 281831
ग्रामीण क्षेत्र में अंत्योदय राशन कार्ड - 19529
संभल जिले के ग्रामीण क्षेत्र में राशन दुकानें - 827
संभल जिले के नगर क्षेत्र में राशन दुकानें - 136
सरकार कोई कदम उठा रही है तो सही ही होगा। वैसे राशन दुकान खत्म होने से कोटेदार बेरोजगार हो जाएंगे। तब हमें कोई और रोजगार तलाशने के लिए परेशानी होगी। वक्त के हिसाब से काम देखा जाएगा।
राकेश शर्मा, राशन डीलर सैदपुर जयराम
सरकार द्वारा राशन दुकानें खत्म करने से डीलर बेरोजगार हो जाएंगे। बुजुर्ग डीलरों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी होगी। सरकार को डीलरों को कसिी विभाग से अटैच करना चाहिए या फिर रोजगार का जरिया देना चाहिए।
नीलकमल, राशन डीलर कोट पूर्वी
सरकार राशन दुकानों को खत्म करने पर विचार कर रही है। पर संभल जिले के ग्रामीण क्षेत्र में तमाम ऐसे कार्ड हैं जो आधार कार्ड और बैंक खाते से लिंक नहीं हैं। यह समस्या खासकर गुन्नौर और जुनावई क्षेत्र में है। कार्डधारक के खाते में अनाज का पैसा आनलाइन देने के लिए पहले आधार कार्ड और बैंक खातों का लिंक कराना जरूरी होगा। इसके लिए विभाग प्रयास कर रहा है।
अभय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी संभल
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उपभोक्ता सीधे बाजार से राशन खरीदेगा और धनराशि उसके बैंक खाते में आ जाएगी। प्रक्रिया बदलने पर क्या हालात बनेंगे। इसको लेकर राशन कोटेदारों में रोजगार छिन जाने की चिंता है। वहीं उपभोक्ता प्रक्रिया बदलने का इंतजार कर रहे। सरकार की सख्ती और अफसरों की निगहबानी के बावजूद राशन वितरण प्रणाली पारदर्शी नहीं हो पा रही। उपभोक्ताओं को उनका हक नहीं मिल रहा। वह अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। कई मामले हाईकोर्ट तक पहुंचे हैं।
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शायद ऐसे ही हालात का संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार विचार कर रही है। सबसे पहले चंडीगढ़ में उपभोक्ताओं के खातों में अनाज के बदले उसकी रकम खातों में पहुंचाने का मॉडल लागू किया गया था। इस मॉडल को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में भी लागू कर दिया गया। इसके परिणाम अच्छे आ रहे हैं। ऐसे में सरकार इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू कर सकती है।
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आपूर्ति विभाग के आंकड़े के अनुसार, मॉडल के संभल जिले में लागू होने पर 963 राशन दुकानें खत्म हो जाएंगी। जिसके बाद उपभोक्ता के खाते में सीधे रकम जाएगी और उसे बाजार से राशन लेना होगा। हालांकि इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी तो वह इंतजार कर रहे हैं। जबकि कोटेदार इस बात को लेकर परेशान हैं कि दुकानें खत्म होने पर उनसे रोजगार छिन जाएगा। तब वह क्या करेंगे। इस बीच संभल जिले में मॉडल लागू होने से पहले बड़ी समस्या राशन कार्डों को आधार कार्ड और बैंक खातों से लिंक कराना भी है।
संभल जिले में आंकड़े पर नजर
नगर क्षेत्र में पात्र गृहस्थी राशन कार्ड - 57960
नगर क्षेत्र में अंत्योदय राशन कार्ड - 3526
ग्रामीण क्षेत्र में पात्र गृहस्थी राशन कार्ड - 281831
ग्रामीण क्षेत्र में अंत्योदय राशन कार्ड - 19529
संभल जिले के ग्रामीण क्षेत्र में राशन दुकानें - 827
संभल जिले के नगर क्षेत्र में राशन दुकानें - 136
सरकार कोई कदम उठा रही है तो सही ही होगा। वैसे राशन दुकान खत्म होने से कोटेदार बेरोजगार हो जाएंगे। तब हमें कोई और रोजगार तलाशने के लिए परेशानी होगी। वक्त के हिसाब से काम देखा जाएगा।
राकेश शर्मा, राशन डीलर सैदपुर जयराम
सरकार द्वारा राशन दुकानें खत्म करने से डीलर बेरोजगार हो जाएंगे। बुजुर्ग डीलरों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी होगी। सरकार को डीलरों को कसिी विभाग से अटैच करना चाहिए या फिर रोजगार का जरिया देना चाहिए।
नीलकमल, राशन डीलर कोट पूर्वी
सरकार राशन दुकानों को खत्म करने पर विचार कर रही है। पर संभल जिले के ग्रामीण क्षेत्र में तमाम ऐसे कार्ड हैं जो आधार कार्ड और बैंक खाते से लिंक नहीं हैं। यह समस्या खासकर गुन्नौर और जुनावई क्षेत्र में है। कार्डधारक के खाते में अनाज का पैसा आनलाइन देने के लिए पहले आधार कार्ड और बैंक खातों का लिंक कराना जरूरी होगा। इसके लिए विभाग प्रयास कर रहा है।
अभय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी संभल