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Sambhal News: बंदर कर रहे खेतों में नुकसान... भालू बन गए किसान
Fri, 28 Aug 2026 12:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:33 AM IST
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जुनावई। खजुरा गांव में बंदरों के आतंक से परेशान किसानों ने फसल बचाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। किसान भालू का वेश धारण कर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। उनका यह देसी जुगाड़ पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गांव के खेतों में बाजरा, मक्का, उड़द और मूंग की फसलें लगी हैं। बंदरों के झुंड रोजाना खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर खेत में रहने के बावजूद बंदर फसल बर्बाद कर देते हैं। बंदर बच्चों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। इस समस्या से तंग आकर लेखराज ने गोरिल्ला की पोशाक और मुखौटा पहनना शुरू किया।
लेखराज ने बताया कि उन्हें देखकर बंदर घबरा जाते हैं और खेत छोड़कर भाग जाते हैं। इस तरीके से बंदरों को चोट नहीं पहुंचती और फसल भी सुरक्षित रहती है। उनका यह तरीका कामयाब हो रहा है। आसपास के किसान भी इसे अपनाने पर विचार कर रहे हैं। बीडीओ कमल कांत ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए उनके विभाग में कोई धनराशि नहीं आती है। यह दर्शाता है कि किसानों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही खोजना पड़ रहा है।
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गांव के खेतों में बाजरा, मक्का, उड़द और मूंग की फसलें लगी हैं। बंदरों के झुंड रोजाना खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर खेत में रहने के बावजूद बंदर फसल बर्बाद कर देते हैं। बंदर बच्चों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। इस समस्या से तंग आकर लेखराज ने गोरिल्ला की पोशाक और मुखौटा पहनना शुरू किया।
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लेखराज ने बताया कि उन्हें देखकर बंदर घबरा जाते हैं और खेत छोड़कर भाग जाते हैं। इस तरीके से बंदरों को चोट नहीं पहुंचती और फसल भी सुरक्षित रहती है। उनका यह तरीका कामयाब हो रहा है। आसपास के किसान भी इसे अपनाने पर विचार कर रहे हैं। बीडीओ कमल कांत ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए उनके विभाग में कोई धनराशि नहीं आती है। यह दर्शाता है कि किसानों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही खोजना पड़ रहा है।
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