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किशोरी की हत्या के मामले में न्याय के लिए आईजी से मिला पीड़ित
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:13 AM IST
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बबराला। गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव सैजना अहरान से अपहृत की गई एक किशोरी का एक वर्ष के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। इस बीच पीड़ित पिता ने आईजी से मिलकर न्याय मांगा है। किशोरी के पिता ने दावा किया है कि उसकी बेटी की हत्या की जा चुकी है। पुलिस हत्या की पुष्टि नहीं कर रही है। न ही आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। अलबत्ता इस मामले में जांच पड़ताल जारी है।
घटना 21 अगस्त 2017 की है। किशोरी के पिता ने गांव के ही चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन पुलिस ने किशोरी को बरामद नहीं किया। पीड़ित पिता ने अदालत की शरण ली। न्यायालय ने 31 अगस्त तक किशोरी बरामद करने का आदेश पुलिस को दिया। इसके बाद पुलिस ने गांव के बाहर जंगल से अस्थियां बरामद की हैं। किशोरी के पिता का आरोप है कि गत वर्ष पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उस पर समझौते का दबाव बनाते रहे और बेटी हत्या के मामले में जेल भेजने की धमकी देते रहे। लेकिन वर्तमान पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट के दखलके बाद उसकी बात को समझा। जांच कराई तो अहम सुराग पुलिस को मिले। किशोरी के पिता ने शुक्रवार को दावा किया है कि पुलिस को हत्या किए जाने की जानकारी मिल गई है। एक युवक पुलिस के कब्जे में है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से मिट्टी खोदकर कुछ अस्थियां एकत्र की हैं। अस्थियों को परीक्षण के लिए लखनऊ लैब भेजा गया है। अस्थियां मिलने से प्रतीत हो रहा है कि उनकी बेटी की हत्या की जा चुकी है। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचाना चाहती है। आरोपी मुकदमा वापस लेने व समझौते का दबाव बनाने के लिए उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे है। इसकी शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से की गई है। पुलिस अभी मामले की जांच में जुटी है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस का इनकार है।
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पुलिस ने कुछ अस्थियां बरामद की है। जिन्हें परीक्षण के लिए लैब भेजा है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस डीएनए जांच भी कराएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - रविंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक।
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घटना 21 अगस्त 2017 की है। किशोरी के पिता ने गांव के ही चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन पुलिस ने किशोरी को बरामद नहीं किया। पीड़ित पिता ने अदालत की शरण ली। न्यायालय ने 31 अगस्त तक किशोरी बरामद करने का आदेश पुलिस को दिया। इसके बाद पुलिस ने गांव के बाहर जंगल से अस्थियां बरामद की हैं। किशोरी के पिता का आरोप है कि गत वर्ष पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उस पर समझौते का दबाव बनाते रहे और बेटी हत्या के मामले में जेल भेजने की धमकी देते रहे। लेकिन वर्तमान पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट के दखलके बाद उसकी बात को समझा। जांच कराई तो अहम सुराग पुलिस को मिले। किशोरी के पिता ने शुक्रवार को दावा किया है कि पुलिस को हत्या किए जाने की जानकारी मिल गई है। एक युवक पुलिस के कब्जे में है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से मिट्टी खोदकर कुछ अस्थियां एकत्र की हैं। अस्थियों को परीक्षण के लिए लखनऊ लैब भेजा गया है। अस्थियां मिलने से प्रतीत हो रहा है कि उनकी बेटी की हत्या की जा चुकी है। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचाना चाहती है। आरोपी मुकदमा वापस लेने व समझौते का दबाव बनाने के लिए उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे है। इसकी शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से की गई है। पुलिस अभी मामले की जांच में जुटी है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस का इनकार है।
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पुलिस ने कुछ अस्थियां बरामद की है। जिन्हें परीक्षण के लिए लैब भेजा है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस डीएनए जांच भी कराएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - रविंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक।
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