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नियमित पढ़ाई से परीक्षा के समय दबाब कर रहता है 19-31-10
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मंडल टापर
नियमित पढ़ाई से परीक्षा के समय नहीं रहता है दबाव
चंदौसी। नियमित पढ़ाई करने से परीक्षा के समय दबाव कम रहता है। यह कहना है कि आरआरके स्कूल के मंडल टापर अर्पित कुमार का। अर्पित कुमार ने 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अर्पित का कहना है कि उन्हें यह सफलता नियमित आठ घंटे पढ़ाई के बाद मिली है। वह भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहते हैं। शहर के पट्टी बाजार निवासी अर्पित के पिता विनीत कुमार चंदौसी की हिंदुस्तान मिंट एग्रो में अकाउंटेंट हैं। जबकि मां लता वार्ष्णेय गृहिणी हैं। अर्पित का छोटा भाई मधुर वार्ष्णेय इसी स्कूल में कक्षा नौ का छात्र है। पढ़ाई के अलावा क्रिकेट खेलने और सामान्य ज्ञान आदि की पुस्तकें पढ़ने में रुचि रखने वाले अर्पित का कहना है कि अगर नियमित पढ़ाई की जाए तो सफलता अवश्य मिलेगी और परीक्षा के समय दबाव भी कम रहेगा। शारीरिक व मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलना भी जरूरी है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को देते हैं। उनकी इस सफलता से स्कूल में खुशी का माहौल है।
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नियमित पढ़ाई से परीक्षा के समय नहीं रहता है दबाव
चंदौसी। नियमित पढ़ाई करने से परीक्षा के समय दबाव कम रहता है। यह कहना है कि आरआरके स्कूल के मंडल टापर अर्पित कुमार का। अर्पित कुमार ने 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अर्पित का कहना है कि उन्हें यह सफलता नियमित आठ घंटे पढ़ाई के बाद मिली है। वह भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहते हैं। शहर के पट्टी बाजार निवासी अर्पित के पिता विनीत कुमार चंदौसी की हिंदुस्तान मिंट एग्रो में अकाउंटेंट हैं। जबकि मां लता वार्ष्णेय गृहिणी हैं। अर्पित का छोटा भाई मधुर वार्ष्णेय इसी स्कूल में कक्षा नौ का छात्र है। पढ़ाई के अलावा क्रिकेट खेलने और सामान्य ज्ञान आदि की पुस्तकें पढ़ने में रुचि रखने वाले अर्पित का कहना है कि अगर नियमित पढ़ाई की जाए तो सफलता अवश्य मिलेगी और परीक्षा के समय दबाव भी कम रहेगा। शारीरिक व मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलना भी जरूरी है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को देते हैं। उनकी इस सफलता से स्कूल में खुशी का माहौल है।