{"_id":"5c686d20bdec227cde52f652","slug":"61550347552-sambhal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन भर आसमान में छाये रहे बादल, शीतलहर जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन भर आसमान में छाये रहे बादल, शीतलहर जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहजोई। दो दिन तक दिन में रुक-रुक कर और रात में हुई तेज बारिश से मौसम ने अचानक करवट बदली है। बारिश होने से सर्दी में भी इजाफा हुआ है। शनिवार को दिन भर आसमान में छाए बादलों के कारण मौसम सर्द रहा। लोग सूर्य देव के दर्शन देने का इंतजार करते नजर आए। दोपहर बाद निकली धूप से लोगों ने राहत महसूस की। वहीं एक ओर किसान मौसम के बदले मिजाज से खुश नजर आये तो दूसरी ओर हो रही बारिश के कारण कुछ किसान परेशान दिखाई दिए।
शनिवार की सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। बादलों के साथ चल रही शीतलहर से सर्दी का प्रकोप भी बढ़ गया। शीतलहर व बादलों के छाये रहने की वजह से तापमान में गिरावट रही। इससे लोग जरूरी कामकाजों के लिए ही घरों से बाहर निकले। बीते एक सप्ताह से सूरज की किरणों ने मौसम कुछ गुनगुना कर दिया था, लेकिन गुरुवार को एक बार फिर से मौसम ने करवट बदली।
हल्की बूंदाबांदी के बाद रात में हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। तेज हवाओं से सर्दी का असर और बढ़ गया। शनिवार को भी पूरे दिन यही हाल रहा। दिन भर आसमान में बादल छाये रहे। लोग सूर्य देव के दर्शन के लिए इंतजार करते रहे।
विज्ञापन
सर्द हवाओं के बीच लोग घरों से कम ही निकले। दोपहर दो बजे तक बाजारों में भी लोगों की आवाजाही कम ही रही। इस बीच जरूरी कामकाजों को घरों से निकले लोग गर्म कपड़ों से ढके दिखाई दिए। हालांकि दोपहर बाद निकली धूप ने लोगों को राहत दी।
बादलों को देखकर सरसों की खेती से संबंधित किसानों के चेहरे पर मायूसी नजर आई। किसानों में हरपाल सिंह, छत्रपाल, बच्चू , मलखान सिंह का कहना था कि सरसों की फसल खेतों में पककर तैयार हो गई है।
फसल की कटाई का काम चल रहा है। कुछ फसल कट भी गई है। यदि मौसम का यही हाल रहा तो फसल खेतों में ही सड़ जाएगी। वहीं गेहूं की फसल से संबंधित किसानों में रामौतार, आनंदपाल, जीवनराम का कहना था कि मौसम में ठंडक का बढ़ना गेहूं की खेती के लिए वरदान है। बारिश से भी गेहूं की फसल को किसी हद तक फायदा पहुंचेगा।
विज्ञापन
शनिवार की सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। बादलों के साथ चल रही शीतलहर से सर्दी का प्रकोप भी बढ़ गया। शीतलहर व बादलों के छाये रहने की वजह से तापमान में गिरावट रही। इससे लोग जरूरी कामकाजों के लिए ही घरों से बाहर निकले। बीते एक सप्ताह से सूरज की किरणों ने मौसम कुछ गुनगुना कर दिया था, लेकिन गुरुवार को एक बार फिर से मौसम ने करवट बदली।
विज्ञापन
हल्की बूंदाबांदी के बाद रात में हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। तेज हवाओं से सर्दी का असर और बढ़ गया। शनिवार को भी पूरे दिन यही हाल रहा। दिन भर आसमान में बादल छाये रहे। लोग सूर्य देव के दर्शन के लिए इंतजार करते रहे।
विज्ञापन
सर्द हवाओं के बीच लोग घरों से कम ही निकले। दोपहर दो बजे तक बाजारों में भी लोगों की आवाजाही कम ही रही। इस बीच जरूरी कामकाजों को घरों से निकले लोग गर्म कपड़ों से ढके दिखाई दिए। हालांकि दोपहर बाद निकली धूप ने लोगों को राहत दी।
बादलों को देखकर सरसों की खेती से संबंधित किसानों के चेहरे पर मायूसी नजर आई। किसानों में हरपाल सिंह, छत्रपाल, बच्चू , मलखान सिंह का कहना था कि सरसों की फसल खेतों में पककर तैयार हो गई है।
फसल की कटाई का काम चल रहा है। कुछ फसल कट भी गई है। यदि मौसम का यही हाल रहा तो फसल खेतों में ही सड़ जाएगी। वहीं गेहूं की फसल से संबंधित किसानों में रामौतार, आनंदपाल, जीवनराम का कहना था कि मौसम में ठंडक का बढ़ना गेहूं की खेती के लिए वरदान है। बारिश से भी गेहूं की फसल को किसी हद तक फायदा पहुंचेगा।