{"_id":"5e0a4b538ebc3e87f846e252","slug":"6-death-in-road-accident-sambhal-news-mbd3346092181","type":"story","status":"publish","title_hn":"गृह प्रवेश की खुशियां मातम में बदलीं, छह मौतों से दहले ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गृह प्रवेश की खुशियां मातम में बदलीं, छह मौतों से दहले ग्रामीण
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा में खेरली नहर दुर्घटना- संभल के गांव लधनपुर में मृतक नीरेश के परिजन विलाप करते हुए।
- फोटो : SAMBHAL
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सौंधन/संभल। सड़क हादसे में छह मौतों से केवल लधनपुर नहीं बल्कि भागनगर और निबौरा गांव में भी खुशियों की जगह दुख भरा माहौल है। एक परिवार से जुड़े सगे संबंधियों को मिलाकर कुछ छह लोग हादसे में मौत का शिकार हुए हैं। इन छह में से चार लोग गांव लधनपुर के निवासी थे जबकि एक निबौरा और दूसरे भागनगर गांव के थे।
हयात नगर थाना क्षेत्र के लधनपुर गांव निवासी मल्लू सिंह के बेटे मनवीर और नेमपाल दिल्ली में रहते हैं। मनवीर ने मकान खरीदा था और उस मकान में 30 दिसंबर को गृह प्रवेश होना था। गृह प्रवेश के मौके पर आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए मल्लू सिंह अपने गांव के पूर्व प्रधान राम खिलाड़ी के साथ साथ गांव के ही महेश (35) पुत्र महेंद्र और अपने रिश्तेदारों को साथ लेकर रविवार की रात नौ बजे गांव से अर्टिका कार पर सवार होकर चला था। इसमें गांव के चार लोगों के साथ-साथ उसके रिश्तेदार निबौरा निवासी नेत्रपाल और धनारी थाना क्षेत्र स्थित भागनगर निवासी किशनपाल (50) पुत्र छोटे की मौत हुई है।
लधनपुर में पूर्व प्रधान रामखिलाड़ी यादव के घर पर पिता रामफल और सैकड़ों लोग गमगीन माहौल में बैठे थे। इनके घर पर देर रात मौत की खबर आई थी। उसके बाद तो घर पर कोई सोया ही नहीं। इसी गांव मल्लू सिंह के घर पर भी मातम व्यक्त करने वालों का तांता लगा था। महिलाएं विलाप कर रहीं थीं। महेश के घर में उसकी पत्नी उर्मिला का रो-रोकर बुरा हाल था। महेश की बड़ी बेटी वीरवती शादी के लायक है। जबकि छोटी आशा है।
विज्ञापन
इससे छोटा बेटा सतीश है और इससे भी छोटा बेटा मंतेश है। आसपास के लोगों का कहना था कि अब बच्चों की परवरिश कौन करेगा। बेटी का विवाह कैसे होगा। हादसे ने परिवार के लिए चिंता पैदा कर दी है।
नीरेश के घर पर उसके बाबा और परिजन विलाप कर रहे थेे। जवाब नीरेश की मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डुबो दिया है। निबौरा निवासी नेत्रपाल, मल्लू सिंह के साथ ही गाड़ी में थे। वह मल्लू सिंह की बेटी विमलेश के जेठ हैं। इस मौत से निबौरा में दुख भरा माहौल है। भागनगर निवासी किशनपाल, मल्लू सिंह के साले हैं। यह भी उसी गाड़ी में थे जो नहर में घुस गई थी। किशनपाल की मौत ने भागनगर के लोगों को दुख में डुबो दिया है।
मौत से पहले नीरेश ने हेतराम को की थी फोन पर कॉल
संभल। हादसे में मौत का शिकार हुए मल्लू सिंह के भाई जगपाल की पत्नी कमला ने बताया कि जिस अर्टिका कार में सवार लोग हादसे में मौत का शिकार हुए हैं, उसके पीछे वाली दूसरी गाड़ी में वह लोग थे। कमला ने बताया कि गाड़ी डूबने से पहले उसमें सवार नीरेश ने हेतराम को फोन काल की थी और कहा था कि उनकी गाड़ी नहर की ओर जा रही है। इसके बाद उनकी गाड़ी रूकी। तत्काल फोन पुलिस को किया और पुलिस भी आ गई जिससे शीशे तोड़कर लोगों को निकाला गया। इसमें पांच लोग बच गए।
हम शीशा तोड़कर निकले और गाड़ी की छत पर चढ़कर जान बचाई
संभल। खिरनी निवासी चश्मदीद टीकाराम का कहना है कि जो अर्टिका कार नहर में डूब रही थी , वह उसी में सवार था। उसने जब लोगों को डूबते देखा तो पैर मारकर शीशा तोड़ा और अपने ही वाहन की छत पर चढ़कर शोर मचाया। पुुलिस भी पहुंची। आसपास के लोग और दूसरी गाड़ी पर सवार चरन सिंह, हेतराम आदि ने उन्हें बचाया। सुरक्षित निकाल लिया।
विज्ञापन
हयात नगर थाना क्षेत्र के लधनपुर गांव निवासी मल्लू सिंह के बेटे मनवीर और नेमपाल दिल्ली में रहते हैं। मनवीर ने मकान खरीदा था और उस मकान में 30 दिसंबर को गृह प्रवेश होना था। गृह प्रवेश के मौके पर आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए मल्लू सिंह अपने गांव के पूर्व प्रधान राम खिलाड़ी के साथ साथ गांव के ही महेश (35) पुत्र महेंद्र और अपने रिश्तेदारों को साथ लेकर रविवार की रात नौ बजे गांव से अर्टिका कार पर सवार होकर चला था। इसमें गांव के चार लोगों के साथ-साथ उसके रिश्तेदार निबौरा निवासी नेत्रपाल और धनारी थाना क्षेत्र स्थित भागनगर निवासी किशनपाल (50) पुत्र छोटे की मौत हुई है।
विज्ञापन
लधनपुर में पूर्व प्रधान रामखिलाड़ी यादव के घर पर पिता रामफल और सैकड़ों लोग गमगीन माहौल में बैठे थे। इनके घर पर देर रात मौत की खबर आई थी। उसके बाद तो घर पर कोई सोया ही नहीं। इसी गांव मल्लू सिंह के घर पर भी मातम व्यक्त करने वालों का तांता लगा था। महिलाएं विलाप कर रहीं थीं। महेश के घर में उसकी पत्नी उर्मिला का रो-रोकर बुरा हाल था। महेश की बड़ी बेटी वीरवती शादी के लायक है। जबकि छोटी आशा है।
विज्ञापन
इससे छोटा बेटा सतीश है और इससे भी छोटा बेटा मंतेश है। आसपास के लोगों का कहना था कि अब बच्चों की परवरिश कौन करेगा। बेटी का विवाह कैसे होगा। हादसे ने परिवार के लिए चिंता पैदा कर दी है।
नीरेश के घर पर उसके बाबा और परिजन विलाप कर रहे थेे। जवाब नीरेश की मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डुबो दिया है। निबौरा निवासी नेत्रपाल, मल्लू सिंह के साथ ही गाड़ी में थे। वह मल्लू सिंह की बेटी विमलेश के जेठ हैं। इस मौत से निबौरा में दुख भरा माहौल है। भागनगर निवासी किशनपाल, मल्लू सिंह के साले हैं। यह भी उसी गाड़ी में थे जो नहर में घुस गई थी। किशनपाल की मौत ने भागनगर के लोगों को दुख में डुबो दिया है।
मौत से पहले नीरेश ने हेतराम को की थी फोन पर कॉल
संभल। हादसे में मौत का शिकार हुए मल्लू सिंह के भाई जगपाल की पत्नी कमला ने बताया कि जिस अर्टिका कार में सवार लोग हादसे में मौत का शिकार हुए हैं, उसके पीछे वाली दूसरी गाड़ी में वह लोग थे। कमला ने बताया कि गाड़ी डूबने से पहले उसमें सवार नीरेश ने हेतराम को फोन काल की थी और कहा था कि उनकी गाड़ी नहर की ओर जा रही है। इसके बाद उनकी गाड़ी रूकी। तत्काल फोन पुलिस को किया और पुलिस भी आ गई जिससे शीशे तोड़कर लोगों को निकाला गया। इसमें पांच लोग बच गए।
हम शीशा तोड़कर निकले और गाड़ी की छत पर चढ़कर जान बचाई
संभल। खिरनी निवासी चश्मदीद टीकाराम का कहना है कि जो अर्टिका कार नहर में डूब रही थी , वह उसी में सवार था। उसने जब लोगों को डूबते देखा तो पैर मारकर शीशा तोड़ा और अपने ही वाहन की छत पर चढ़कर शोर मचाया। पुुलिस भी पहुंची। आसपास के लोग और दूसरी गाड़ी पर सवार चरन सिंह, हेतराम आदि ने उन्हें बचाया। सुरक्षित निकाल लिया।